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विधायक दुड़ाराम की ससुराल व गांव दोनों ही अति संवेदनशील
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फतेहाबाद। पंचायती राज चुनाव को लेकर जारी संवेदनशील व अति संवेदनशील गांवों की सूची में फतेहाबाद से भाजपा विधायक दुड़ाराम का गांव एमपी रोही व ससुराल बड़ोपल दोनों ही अति संवेदनशील गांवों की श्रेणी में आ गए हैं। वहीं, सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन सुभाष बराला का गांव भी अति संवेदनशील माना गया है।
पंचायती राज चुनाव के लिए जिला प्रशासन ने सभी सात खंडों के संवेदनशील व अति संवेदनशील गांवों की सूची जारी कर दी है। गांव बड़ोपल मौजूदा विधायक दुड़ाराम की ससुराल है, उसे अति संवेदनशील गांव में शामिल किया गया है। वर्ष 1987 के विधानसभा चुनाव में भट्टू हलके से मनीराम गोदारा व संपत सिंह आमने-सामने थे। गांव बड़ोपल उस समय भट्टू हलके में आता था और मनीराम गोदारा बड़ोपल से संबंध रखते थे। इस चुनाव में माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था और चुनाव से पहले प्रचार के दौरान ग्रामीणों की आपस में झड़प भी हुई थी। इसके चलते गांव के कई लोगों पर केस भी दर्ज हुआ। सही व निष्पक्ष चुनाव करवाने के लिए तत्कालीन हिसार जिले के चुनाव अधिकारी ने बड़ोपल को अति संवेदनशील की सूची में डाल दिया। तब से यह गांव अति संवेदनशील गांवों की सूची में आता है। वहीं, विधायक का गांव एमपी रोही भी अति संवेदनशील माना गया है। संवाद
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55 संवेदनशील, 41 अति संवेदनशील गांव हैं जिले में
जिले के सात खंडों में 55 संवेदनशील व 41 अति संवेदनशील गांव हैं। फतेहाबाद खंड में 14 संवेदनशील व आठ अति संवेदनशील, भट्टू कलां खंड में 10 संवेदनशील व छह अति संवेदनशील, भूना खंड में छह संवेदनशील व छह अति संवेदनशील, नागपुर खंड में एक, रतिया में नौ संवेदनशील व छह अति संवेदनशील, टोहाना में 11 संवेदनशील व 11 ही अति संवेदनशील, जाखल खंड में पांच गांव संवेदनशील व चार गांव अति संवेदनशील घोषित किए गए हैं।
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फतेहाबाद जिले में चुनाव शांतिपूर्वक करवाने के लिए संवेदनशील व अति संवेदनशील गांव घोषित कर दिए गए हैं। इन गांवों की सूची एसपी कार्यालय में दे दी गई है, ताकि मतदान के दौरान यहां पर अतिरिक्त फोर्स तैनात की जा सके।
-बलजीत चहल, डीडीपीओ फतेहाबाद।
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पंचायती राज चुनाव के लिए जिला प्रशासन ने सभी सात खंडों के संवेदनशील व अति संवेदनशील गांवों की सूची जारी कर दी है। गांव बड़ोपल मौजूदा विधायक दुड़ाराम की ससुराल है, उसे अति संवेदनशील गांव में शामिल किया गया है। वर्ष 1987 के विधानसभा चुनाव में भट्टू हलके से मनीराम गोदारा व संपत सिंह आमने-सामने थे। गांव बड़ोपल उस समय भट्टू हलके में आता था और मनीराम गोदारा बड़ोपल से संबंध रखते थे। इस चुनाव में माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था और चुनाव से पहले प्रचार के दौरान ग्रामीणों की आपस में झड़प भी हुई थी। इसके चलते गांव के कई लोगों पर केस भी दर्ज हुआ। सही व निष्पक्ष चुनाव करवाने के लिए तत्कालीन हिसार जिले के चुनाव अधिकारी ने बड़ोपल को अति संवेदनशील की सूची में डाल दिया। तब से यह गांव अति संवेदनशील गांवों की सूची में आता है। वहीं, विधायक का गांव एमपी रोही भी अति संवेदनशील माना गया है। संवाद
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55 संवेदनशील, 41 अति संवेदनशील गांव हैं जिले में
जिले के सात खंडों में 55 संवेदनशील व 41 अति संवेदनशील गांव हैं। फतेहाबाद खंड में 14 संवेदनशील व आठ अति संवेदनशील, भट्टू कलां खंड में 10 संवेदनशील व छह अति संवेदनशील, भूना खंड में छह संवेदनशील व छह अति संवेदनशील, नागपुर खंड में एक, रतिया में नौ संवेदनशील व छह अति संवेदनशील, टोहाना में 11 संवेदनशील व 11 ही अति संवेदनशील, जाखल खंड में पांच गांव संवेदनशील व चार गांव अति संवेदनशील घोषित किए गए हैं।
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फतेहाबाद जिले में चुनाव शांतिपूर्वक करवाने के लिए संवेदनशील व अति संवेदनशील गांव घोषित कर दिए गए हैं। इन गांवों की सूची एसपी कार्यालय में दे दी गई है, ताकि मतदान के दौरान यहां पर अतिरिक्त फोर्स तैनात की जा सके।
-बलजीत चहल, डीडीपीओ फतेहाबाद।