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मंत्री बबली ने टोहाना के सरकारी कार्यालयों का जाना हाल
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टोहाना के सरकारी कार्यालय में निरीक्षण करते मंत्री देवेंद्र बबली।
- फोटो : Fatehabad
फोटो 4 व 4ए
मंत्री बबली ने टोहाना के सरकारी कार्यालयों का जाना हाल
नगर परिषद, पंचायत कार्यालय-तहसील कार्यालय का किया निरीक्षण, तहसीलदार की कुर्सी मिली खाली
समय पर ड्यूटी पर उपस्थित नहीं होने पर अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करवाए
संवाद न्यूज एजेंसी
टोहाना (फतेहाबाद)। विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने वीरवार को टोहाना के नगर परिषद, पंचायत कार्यालय, तहसील कार्यालय आदि सरकारी कार्यालयों का निरीक्षण किया। मंत्री सुबह 9.05 मिनट पर नगर परिषद कार्यालय पहुंच गए। यहां एक-एक ब्रांच में जाकर उन्होंने कर्मचारियों की उपस्थिति की जानकारी ली।
नगर परिषद में उन्होंने सफाई निरीक्षक को निर्देश दिए कि बस स्टैंड रोड पर टीम सहित जाकर गंदगी उठवाएं। इसके बाद उन्होंने बीडीपीओ कार्यालय, एसडीएम कार्यालय, तहसील कार्यालय का निरीक्षण किया। अधिकांश जगह मंत्री को 60 फीसदी तक कर्मचारी सीटों पर नहीं मिले। तहसील कार्यालय में नायब तहसीलदार की कुर्सी भी खाली मिली। मंत्री ने गैरहाजिर कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। हालांकि बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर ही सरकार कार्यालयों में पचास फीसदी स्टाफ को बुलाया जा रहा है।
एसडीएम से पूछा, आप तो टाइम पर आए हो ना
मंत्री का निरीक्षण करीब एक घंटे तक चला। इस दौरान मंत्री बबली ने एसडीएम कार्यालय की ब्रांचों का निरीक्षण करते हुए एसडीएम डॉ. चिनार चहल से पूछा कि मैडम! आप तो टाइम पर आए हो न। इसके बाद उन्होंने कार्यालयों में देरी से आने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के एसडीएम को निर्देश दिए। मंत्री ने कर्मचारियों के पास पेंडिंग फाइलों की भी जानकारी लेने के निर्देश दिए।
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कर्मचारियों से बोले- गफलत बंद कर दो, बख्शूंगा नहीं
तहसील कार्यालय में निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कर्मचारियों से कहा कि अब सारी गफलत बंद कर दो, बख्शूंगा नहीं। ईमानदारी से काम करो और हर कर्मचारी तय समय पर कार्यालय पहुंचे। मंत्री बबली कृषि विभाग के एसडीओ कार्यालय पहुंचे तो यहां उनकी कुर्सी भी खाली थी। कुछ अधिकारियों ने उनके फील्ड में होने की बात कही तो उन्होंने एसडीओ को व्हाट्सएप कॉल कर दिखाने के लिए कहा।
20 मिनट बाद आ गए नायब तहसीलदार
नायब तहसीलदार के बारे में पूछताछ करने पर मंत्री को कर्मचारियों ने बताया कि वह हिसार से आते हैं लेकिन मंत्री के निरीक्षण के करीब 20 मिनट बाद ही नायब तहसीलदार पहुंच गए। इसके बाद वह निरीक्षण के दौरान मंत्री के पीछे-पीछे ही घूमते रहे।
कोट
हर कर्मचारी या अधिकारी को निर्धारित समय पर कार्यालय आना चाहिए, जिससे जनता को परेशानी न झेलनी पड़े। कर्मचारियों और अधिकारियों की उपस्थिति के समय की जांच करने के लिए ही निरीक्षण किया गया है। गैरहाजिर रहने वाले कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के लिए कहा गया है। भविष्य में भी सुधार नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी।
देवेंद्र सिंह बबली, विकास एवं पंचायत मंत्री
मैं तय समय से मात्र 20 मिनट देरी से पहुंचा था। इस दौरान मंत्रीजी का निरीक्षण चल रहा था। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर 50 फीसदी स्टाफ को ही कार्यालय बुलाने के निर्देश है। प्रदेश सरकार के निर्देश अनुसार स्टाफ पूरा था।
रमेश कुमार, नायब तहसीलदार, टोहाना
नगर परिषद कार्यालय में सिर्फ दो कर्मचारी छुट्टी पर थे। अन्य पूरा स्टाफ हाजिर था। ऐसे में किसी को भी नोटिस देने जैसा कुछ नहीं हुआ।
महावीर सिंह, सचिव, नगर परिषद
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मंत्री बबली ने टोहाना के सरकारी कार्यालयों का जाना हाल
नगर परिषद, पंचायत कार्यालय-तहसील कार्यालय का किया निरीक्षण, तहसीलदार की कुर्सी मिली खाली
समय पर ड्यूटी पर उपस्थित नहीं होने पर अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करवाए
संवाद न्यूज एजेंसी
टोहाना (फतेहाबाद)। विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने वीरवार को टोहाना के नगर परिषद, पंचायत कार्यालय, तहसील कार्यालय आदि सरकारी कार्यालयों का निरीक्षण किया। मंत्री सुबह 9.05 मिनट पर नगर परिषद कार्यालय पहुंच गए। यहां एक-एक ब्रांच में जाकर उन्होंने कर्मचारियों की उपस्थिति की जानकारी ली।
नगर परिषद में उन्होंने सफाई निरीक्षक को निर्देश दिए कि बस स्टैंड रोड पर टीम सहित जाकर गंदगी उठवाएं। इसके बाद उन्होंने बीडीपीओ कार्यालय, एसडीएम कार्यालय, तहसील कार्यालय का निरीक्षण किया। अधिकांश जगह मंत्री को 60 फीसदी तक कर्मचारी सीटों पर नहीं मिले। तहसील कार्यालय में नायब तहसीलदार की कुर्सी भी खाली मिली। मंत्री ने गैरहाजिर कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। हालांकि बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर ही सरकार कार्यालयों में पचास फीसदी स्टाफ को बुलाया जा रहा है।
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एसडीएम से पूछा, आप तो टाइम पर आए हो ना
मंत्री का निरीक्षण करीब एक घंटे तक चला। इस दौरान मंत्री बबली ने एसडीएम कार्यालय की ब्रांचों का निरीक्षण करते हुए एसडीएम डॉ. चिनार चहल से पूछा कि मैडम! आप तो टाइम पर आए हो न। इसके बाद उन्होंने कार्यालयों में देरी से आने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के एसडीएम को निर्देश दिए। मंत्री ने कर्मचारियों के पास पेंडिंग फाइलों की भी जानकारी लेने के निर्देश दिए।
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कर्मचारियों से बोले- गफलत बंद कर दो, बख्शूंगा नहीं
तहसील कार्यालय में निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कर्मचारियों से कहा कि अब सारी गफलत बंद कर दो, बख्शूंगा नहीं। ईमानदारी से काम करो और हर कर्मचारी तय समय पर कार्यालय पहुंचे। मंत्री बबली कृषि विभाग के एसडीओ कार्यालय पहुंचे तो यहां उनकी कुर्सी भी खाली थी। कुछ अधिकारियों ने उनके फील्ड में होने की बात कही तो उन्होंने एसडीओ को व्हाट्सएप कॉल कर दिखाने के लिए कहा।
20 मिनट बाद आ गए नायब तहसीलदार
नायब तहसीलदार के बारे में पूछताछ करने पर मंत्री को कर्मचारियों ने बताया कि वह हिसार से आते हैं लेकिन मंत्री के निरीक्षण के करीब 20 मिनट बाद ही नायब तहसीलदार पहुंच गए। इसके बाद वह निरीक्षण के दौरान मंत्री के पीछे-पीछे ही घूमते रहे।
कोट
हर कर्मचारी या अधिकारी को निर्धारित समय पर कार्यालय आना चाहिए, जिससे जनता को परेशानी न झेलनी पड़े। कर्मचारियों और अधिकारियों की उपस्थिति के समय की जांच करने के लिए ही निरीक्षण किया गया है। गैरहाजिर रहने वाले कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के लिए कहा गया है। भविष्य में भी सुधार नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी।
देवेंद्र सिंह बबली, विकास एवं पंचायत मंत्री
मैं तय समय से मात्र 20 मिनट देरी से पहुंचा था। इस दौरान मंत्रीजी का निरीक्षण चल रहा था। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर 50 फीसदी स्टाफ को ही कार्यालय बुलाने के निर्देश है। प्रदेश सरकार के निर्देश अनुसार स्टाफ पूरा था।
रमेश कुमार, नायब तहसीलदार, टोहाना
नगर परिषद कार्यालय में सिर्फ दो कर्मचारी छुट्टी पर थे। अन्य पूरा स्टाफ हाजिर था। ऐसे में किसी को भी नोटिस देने जैसा कुछ नहीं हुआ।
महावीर सिंह, सचिव, नगर परिषद