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Fatehabad News: अफसरों की गैरहाजिरी पर भड़के मंत्री उपायुक्त को दिए कार्रवाई के निर्देश

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jul 2024 02:02 AM IST
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Minister angry over officers' absence gives instructions to Deputy Commissioner to take action
फतेहाबाद के डीपीआरसी हॉल में जिला लोक संपर्क एवं ​शिकायत निवारण समिति बैठक लेते स्वास्थ्य मंत्र
फतेहाबाद। आखिरकार 18 महीने बाद सोमवार को जिला लोक संपर्क एवं शिकायत निवारण समिति की बैठक डीपीआरसी हॉल में हुई। प्रदेश के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान, आयुष एवं नागरिक उड्डयन मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने बैठक ली। बैठक लेने के साथ ही मंत्री तेवर में नजर आए। आते ही उन्होंने पहले तो सभी समिति सदस्यों को शामिल एक तरफ बिठाया और अधिकारियों को दूसरी तरफ। इसके बाद सभी विभागाध्यक्षों की उपस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने ऐसे अधिकारियों को खड़ा कर दिया जो अपने विभागाध्यक्षों की जगह आए थे।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी, रतिया के बीडीपीओ, मार्केट कमेटी टोहाना के सचिव, पशुपालन विभाग के उप निदेशक व जिला खेल अधिकारी के उपस्थित न होने पर उनको कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की। उन्होंने डीसी को निर्देश दिए कि इनसे जवाब मांगे और सबकी एसीआर (वार्षिक गोपनीयता रिपोर्ट) में लिखें। किसी की गैरमौजूदगी बर्दाश्त नहीं होगी। अधिकारियों ने समिति की बैठक को मजाक बना दिया है। अगर किसी को इमरजेंसी में जाना है तो डीसी से छुट्टी मांग कर जाएं। जो गैरहाजिर रहे, वह बताएं कि समिति की बैठक से ज्यादा जरूरी क्या काम है।
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इस मौके पर विधायक दुड़ाराम, विधायक लक्ष्मण नापा, हरको-फेड के चेयरमैन वेद फुलां, जिला परिषद चेयरपर्सन सुमन खिचड़, नगर परिषद प्रधान राजेंद्र खिची, उपप्रधान सविता टूटेजा, प्रवीण जोड़ा, जगदीश शर्मा, अशोक जाखड़ सहित कई सदस्य व अधिकारी मौजूद रहे।
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शिकायतकर्ता शिकायत करके थक गए, डेढ़ साल में बैठक हुई

बैठक में मंत्री डॉ. कमल गुप्ता के सामने 11 परिवाद रखे गए। इनमें से सात पिछली बैठक के थे जबकि चार नए शामिल किए गए। पिछली सात शिकायतों में से छह का निपटारा कर दिया गया जबकि एक को अगली बैठक के लिए पेंडिंग रखा गया। इसी तरह नई चार में से भी तीन का शामिल हो गया जबकि एक की रिपोर्ट अगली बैठक में रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में जब कई शिकायतकर्ता नहीं आए तो मंत्री ने कटाक्ष किया कि शिकायतकर्ता शिकायत कर-करके थक गए होंगे, क्योंकि डेढ़ साल तक तो बैठक ही नहीं हुई। स्वास्थ्य मंत्री ने शेखुपुर सौतर निवासी राजेंद्र वर्मा की शिकायत झूठी मिलने पर उस पर 182 आईपीसी के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। डॉ. गगनदीप गर्ग की सिविल सर्जन कार्यालय में तैनात कर्मचारी की अनियमितता से संबंधित शिकायत वापस लेने की बात पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उन्होंने तो शिकायत वापस ले ली, मैं तो नहीं लूंगा। इसका फॉलोअप करें।

बोर्ड बैठता है, फिर फर्जी सर्टिफिकेट कैसे बन गया
गांव भरपूर निवासी सूरजभान ने पिछली बैठक में शिकायत लगाई थी कि गांव के कुछ लोग फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र देकर पेंशन ले रहे हैं। अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि शिकायत सही थी और उनसे रिकवरी के लिए कार्रवाई हुई थी, मगर वह रिकवरी में असमर्थ हैं। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गलत तरीके से फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र कैसे बन गया। इसके लिए तो चिकित्सकों का बोर्ड बैठता है। यह प्रमाणपत्र किसने बनाया, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने एडीसी राहुल मोदी व सीएमओ डॉ. महेंद्र भादू को जांच के निर्देश दिए।
देरी के लिए आपसे माफी चाहते हैं...

शहर की मातुराम कॉलोनी निवासी हरपाल, राज कुमार, राजेंद्र की शिकायत पर सुनवाई करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने सड़क पर गलत तरीके से लगाए गए बिजली पोलों की जांच के निर्देश देते हुए एसडीएम राजेश कुमार, समिति सदस्य रामराज मेहता व सुनील चौधरी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की। जब शहरवासी राजकुमार ने कहा कि छह साल तक हम शिकायत करते रहे। इस पर डॉ. गुप्ता ने कहा कि देरी के लिए मैं और सरकार आपसे माफी मांगते हैं। इसी तरह रचना बतरा की शिकायत पर सुनवाई करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने एसडीएम, सदस्य रामराज मेहता व रविंद्र की कमेटी गठित कर दोनों पक्षों में सुलह करवाने के निर्देश दिए।

मंत्री के सामने बच्चे बोले-हमें पापा के साथ रहना है
बैठक में नई शिकायतों में एक बेहद भाव विभोर करने वाला मामला आया। गांव चिंदड़ निवासी माया देवी ने पति व ससुरालजनों पर प्रताड़ना और दो बच्चे भी नहीं देने के आरोप लगाए। दूसरे पक्ष से योगेश कुमार भी अपने बच्चों को साथ लेकर आया। मंत्री के सामने ही दोनों बच्चों ने कहा कि वह अपने पापा के साथ रहना चाहते हैं। योगेश ने कहा कि उसकी पत्नी दादी व मां के साथ मारपीट करती है, उनके साथ नहीं रहना चाहती। इस पर विधायक दुड़ाराम व मंत्री ने राखी मक्कड़ और जगदीश शर्मा को समझौता करवाने के निर्देश दिए।
मनरेगा की राशि में पक्षपात पर गुस्साए देवेंद्र बबली

बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने तीनों विधायकों को संबोधन के लिए कहा। इस पर टोहाना के विधायक देवेंद्र बबली ने अपनी बात रखते हुए कहा कि बिजली निगम की सबसे अधिक शिकायतें हैं। इसमें सुधार होना चाहिए। फिर बबली ने डीसी राहुल नरवाल से मुखाबित होते हुए कहा कि आपने मनरेगा की राशि में पक्षपात कैसे कर दिया। मेरे हलके में एक पैसा भी नहीं दिया गया। यह बर्दाश्त नहीं होगा। मैंने आपको पांच बार फोन भी किए। अभी तो बोल रहे हैं, बाद में दरी बिछनी शुरू हो जाएगी। अगर बबली ने दरी बिछा दी तो फिर दिक्कत हो जाएगी। हालांकि, डीसी ने सफाई देने का प्रयास किया, लेकिन बात बनी नहीं।

जिला परिषद चेयरपर्सन सुमन हुईं मंत्री से खफा...

समिति की बैठक के दौरान जब विधायक दुड़ाराम संबोधन दे रहे थे, उस समय जिला परिषद चेयरपर्सन सुमन खिचड़ स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कमल गुप्ता को मांग-पत्र देने के लिए पहुंचीं। मगर उन्होंने मांग-पत्र लेने में रुचि नहीं दिखाई। इस पर जब चेयरपर्सन व डीसी राहुल नरवाल ने परिचय दिया तो भी मंत्री ने उन्हें बाद में आने के लिए कह दिया। इस पर चेयरपर्सन खफा हो गईं। बाद में सुमन खिचड़ व उनके पति सुभाष खिचड़ ने मंच से नीचे उतरे विधायक दुड़ाराम और डॉ. कमल गुप्ता के सामने आपत्ति दर्ज की। मंत्री ने कहा कि उस समय विधायक बोल रहे थे, इसलिए रोका था। अब बता दीजिए क्या कहना था, मैं पूरी बात सुनूंगा।
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