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Fatehabad News: चेयरपर्सन की कुर्सी गिराने के लिए सदस्य लामबंद
Tue, 13 Jan 2026 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 13 Jan 2026 11:52 PM IST
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फतेहाबाद के लघुसचिवालय में एडीसी के पास पहुंचे भट्टूकलां पंचायत समिति सदस्य संवाद
फतेहाबाद। भट्टू पंचायत समिति में एक बार फिर से चेयरपर्सन ज्योति लूणा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रयास शुरू हो गया है। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे पंचायत समिति के 21 में से 17 सदस्य एकजुट होकर एडीसी अनुराग ढालिया से मुलाकात की और अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक बुलाने की मांग की।
इसके साथ ही विरोधी पार्षदों ने एफिडेविट भी पेश किए। इस बार अविश्वास प्रस्ताव के विरोध में पूर्व विधायक दुड़ाराम समर्थक वाइस चेयरमैन बंसी लाल के नेतृत्व में सदस्य सक्रिय हैं। इससे पहले 31 दिसंबर 2024 को भी ज्योति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक बुलाई गई थी, लेकिन उस समय वे अपनी कुर्सी बचाने में सफल रही थीं।
हालांकि, नियमानुसार एक बार अविश्वास प्रस्ताव लाने के बाद एक साल तक इसे लाना संभव नहीं था, लेकिन अब फिर से प्रयास तेज हो गए हैं। समिति सदस्य अनु सरबटा ने कहा कि 2022 में जब ज्योति लूणा को चेयरपर्सन चुना गया था, तब पूर्व विधायक दुड़ाराम की मौजूदगी में यह तय हुआ था कि ढाई साल वह चेयरपर्सन बनी रहेंगी और ढाई साल बाद सदस्य उनको यह पद दिया जाएगा। लेकिन अब ज्योति ने उस समझौते से मुकर गई हैं। इससे असंतुष्ट सदस्य अब उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आ रहे हैं।
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इसके अलावा, विकास कार्य ठप होने पर भी नाखुशी जताई जा रही है। विपक्षियों ने विकास कार्यों में देरी और ज्योति की नेतृत्वशैली पर भी सवाल उठाए हैं। अविश्वास प्रस्ताव में शामिल होने वाले सदस्यों में वाइस चेयरमैन बंसी लाल, सदस्य अनु सरबटा, कविता, विनोद गुज्जर, प्रवीन गोदारा, प्रवीन तरड़, राजेश धतरवाल, राजेश शर्मा, नरेश राड़, गोविंद भादू, सुनीता दैयड़, बिस्पति देवी, सुरेश कला, उर्मिला सिंवर, सतीश कुमार, विजेंद्र सिंह और मनीता रानी प्रमुख हैं।
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खिलाफत पड़ रही है महंगी
चेयरपर्सन ज्योति लूणा साल 2022 में तत्कालीन विधायक दुड़ाराम के समर्थन से बनी थी। मगर विधानसभा चुनाव के दौरान वह दुड़ाराम का साथ छोड़कर कांग्रेस प्रत्याशी बलवान दौलतपुरिया के समर्थन में चली गईं। इसके बाद उनका विरोध शुरू हुआ और उन पर विकास कार्य न करवाने के आरोप लगने शुरू हो गए।
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जानिए कब-कब हुई खिलाफत
ज्योति लूणा दिसंबर 2022 में भट्टू पंचायत समिति की चेयरपर्सन बनाई गई। उनके साथ ही वार्ड 4 के सदस्य बंसीलाल भीगासरा को वाइस चेयरमैन बनाया गया।
चेयरपर्सन ज्योति की कुर्सी गिराने के लिए 8 नवंबर 2024 को उपाध्यक्ष बंसीलाल के नेतृत्व में कई सदस्यों ने एडीसी से मिलकर अविश्वास प्रस्ताव के लिए मीटिंग बुलाने की मांग उठाई।
18 नवंबर को बुलाई गई पहली बैठक- इसके बाद 18 नवंबर 2024 को मीटिंग का दिन तय कर दिया गया था। मगर एडीसी के छुट्टी पर चले जाने के कारण मीटिंग रद्द कर दी गई।
4 दिसंबर को रखी दूसरी मीटिंग- इसके बाद 4 दिसंबर 2024 को दूसरी बार मीटिंग का दिन तय किया गया। उस दिन भी एडीसी चंडीगढ़ मीटिंग में चले गए। इस कारण अविश्वास प्रस्ताव पर मीटिंग नहीं हो पाई।
हाईकोर्ट गईं ज्योति लूणा- दो बार मीटिंग न होने के बाद चेयरपर्सन ज्योति लूणा के वकील ने हाईकोर्ट में डेट के लिए अपील डाल दी। इसके बाद 31 दिसंबर 2024 को मीटिंग के लिए तिथि निर्धारित की गई थी।
31 दिसंबर 2024 को हुई मीटिंग, बच गई कुर्सी- दो बार पहले मीटिंग रद्द होने और ज्योति लूणा के हाइकोर्ट जाने से जिला प्रशासन ने 31 दिसंबर 2024 को तीसरी बार मीटिंग बुलाई। उस मीटिंग में चेयरपर्सन ज्योति के अलावा कोई भी सदस्य नहीं पहुंचा। इसके बाद अविश्वास प्रस्ताव खारिज कर दिया गया था।
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पांच मिनट ही रुके सदस्य, लघु सचिवालय से निकले तुरंत
लघु सचिवालय में एडीसी के पास पहुंचे सदस्य ज्यादा देर नहीं रूके। एफिडेविट के साथ पत्र एडीसी को दिया गया। इसके बाद मीडिया से बात करते ही निकल गए।
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राजनीतिक स्टंट है, सदस्य साथ हैं, बहलाया-फुसलाया जा रहा है
पंचायत समिति भट्टूकलां चेयरपर्सन के प्रतिनिधि प्रवीण लूणा ने कहा कि हम शुरुआत में पूर्व विधायक दुड़ाराम के साथ थे, उन्होंने चेयरपर्सन बना दिया और बंसीलाल को वाइस चेयरमैन बनाया लेकिन पूर्व विधायक ने काम नहीं करने दिए और कहा कि सभी काम वाइस चेयरमैन करेेंगे। बराबर कुर्सी भी लगा दी गई। इसके बाद हम विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया के समर्थन में चले गए। इस कारण ही अब राजनीतिक स्टंट रचा जा रहा है। हमारी तरफ से 1 करोड़ 64 लाख और 25 लाख के हाल ही काम शुरू करवाए हैं। सदस्य भी हमारे साथ हैं लेकिन उन्हें बहलाया-फुसलाया जा रहा है।
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इसके साथ ही विरोधी पार्षदों ने एफिडेविट भी पेश किए। इस बार अविश्वास प्रस्ताव के विरोध में पूर्व विधायक दुड़ाराम समर्थक वाइस चेयरमैन बंसी लाल के नेतृत्व में सदस्य सक्रिय हैं। इससे पहले 31 दिसंबर 2024 को भी ज्योति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक बुलाई गई थी, लेकिन उस समय वे अपनी कुर्सी बचाने में सफल रही थीं।
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हालांकि, नियमानुसार एक बार अविश्वास प्रस्ताव लाने के बाद एक साल तक इसे लाना संभव नहीं था, लेकिन अब फिर से प्रयास तेज हो गए हैं। समिति सदस्य अनु सरबटा ने कहा कि 2022 में जब ज्योति लूणा को चेयरपर्सन चुना गया था, तब पूर्व विधायक दुड़ाराम की मौजूदगी में यह तय हुआ था कि ढाई साल वह चेयरपर्सन बनी रहेंगी और ढाई साल बाद सदस्य उनको यह पद दिया जाएगा। लेकिन अब ज्योति ने उस समझौते से मुकर गई हैं। इससे असंतुष्ट सदस्य अब उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आ रहे हैं।
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इसके अलावा, विकास कार्य ठप होने पर भी नाखुशी जताई जा रही है। विपक्षियों ने विकास कार्यों में देरी और ज्योति की नेतृत्वशैली पर भी सवाल उठाए हैं। अविश्वास प्रस्ताव में शामिल होने वाले सदस्यों में वाइस चेयरमैन बंसी लाल, सदस्य अनु सरबटा, कविता, विनोद गुज्जर, प्रवीन गोदारा, प्रवीन तरड़, राजेश धतरवाल, राजेश शर्मा, नरेश राड़, गोविंद भादू, सुनीता दैयड़, बिस्पति देवी, सुरेश कला, उर्मिला सिंवर, सतीश कुमार, विजेंद्र सिंह और मनीता रानी प्रमुख हैं।
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खिलाफत पड़ रही है महंगी
चेयरपर्सन ज्योति लूणा साल 2022 में तत्कालीन विधायक दुड़ाराम के समर्थन से बनी थी। मगर विधानसभा चुनाव के दौरान वह दुड़ाराम का साथ छोड़कर कांग्रेस प्रत्याशी बलवान दौलतपुरिया के समर्थन में चली गईं। इसके बाद उनका विरोध शुरू हुआ और उन पर विकास कार्य न करवाने के आरोप लगने शुरू हो गए।
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जानिए कब-कब हुई खिलाफत
ज्योति लूणा दिसंबर 2022 में भट्टू पंचायत समिति की चेयरपर्सन बनाई गई। उनके साथ ही वार्ड 4 के सदस्य बंसीलाल भीगासरा को वाइस चेयरमैन बनाया गया।
चेयरपर्सन ज्योति की कुर्सी गिराने के लिए 8 नवंबर 2024 को उपाध्यक्ष बंसीलाल के नेतृत्व में कई सदस्यों ने एडीसी से मिलकर अविश्वास प्रस्ताव के लिए मीटिंग बुलाने की मांग उठाई।
18 नवंबर को बुलाई गई पहली बैठक- इसके बाद 18 नवंबर 2024 को मीटिंग का दिन तय कर दिया गया था। मगर एडीसी के छुट्टी पर चले जाने के कारण मीटिंग रद्द कर दी गई।
4 दिसंबर को रखी दूसरी मीटिंग- इसके बाद 4 दिसंबर 2024 को दूसरी बार मीटिंग का दिन तय किया गया। उस दिन भी एडीसी चंडीगढ़ मीटिंग में चले गए। इस कारण अविश्वास प्रस्ताव पर मीटिंग नहीं हो पाई।
हाईकोर्ट गईं ज्योति लूणा- दो बार मीटिंग न होने के बाद चेयरपर्सन ज्योति लूणा के वकील ने हाईकोर्ट में डेट के लिए अपील डाल दी। इसके बाद 31 दिसंबर 2024 को मीटिंग के लिए तिथि निर्धारित की गई थी।
31 दिसंबर 2024 को हुई मीटिंग, बच गई कुर्सी- दो बार पहले मीटिंग रद्द होने और ज्योति लूणा के हाइकोर्ट जाने से जिला प्रशासन ने 31 दिसंबर 2024 को तीसरी बार मीटिंग बुलाई। उस मीटिंग में चेयरपर्सन ज्योति के अलावा कोई भी सदस्य नहीं पहुंचा। इसके बाद अविश्वास प्रस्ताव खारिज कर दिया गया था।
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पांच मिनट ही रुके सदस्य, लघु सचिवालय से निकले तुरंत
लघु सचिवालय में एडीसी के पास पहुंचे सदस्य ज्यादा देर नहीं रूके। एफिडेविट के साथ पत्र एडीसी को दिया गया। इसके बाद मीडिया से बात करते ही निकल गए।
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राजनीतिक स्टंट है, सदस्य साथ हैं, बहलाया-फुसलाया जा रहा है
पंचायत समिति भट्टूकलां चेयरपर्सन के प्रतिनिधि प्रवीण लूणा ने कहा कि हम शुरुआत में पूर्व विधायक दुड़ाराम के साथ थे, उन्होंने चेयरपर्सन बना दिया और बंसीलाल को वाइस चेयरमैन बनाया लेकिन पूर्व विधायक ने काम नहीं करने दिए और कहा कि सभी काम वाइस चेयरमैन करेेंगे। बराबर कुर्सी भी लगा दी गई। इसके बाद हम विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया के समर्थन में चले गए। इस कारण ही अब राजनीतिक स्टंट रचा जा रहा है। हमारी तरफ से 1 करोड़ 64 लाख और 25 लाख के हाल ही काम शुरू करवाए हैं। सदस्य भी हमारे साथ हैं लेकिन उन्हें बहलाया-फुसलाया जा रहा है।