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Fatehabad News: दिल्ली-रोहतक रेल मार्ग पर साढ़े 7 घंटे का मेगा ब्लॉक, कई ट्रेनें रद्द, यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं
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टोहाना। दिल्ली-रोहतक रेल मार्ग पर बुधवार को 7 घंटे 30 मिनट का मेगा ब्लॉक लिया गया, जिसके चलते दर्जनों ट्रेनें या तो रद्द रहीं या आंशिक रूप से चलाई गईं। अचानक हुए रेल संचालन में बदलाव से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह जानकारी दैनिक रेल यात्री एसोसिएशन के प्रधान व डीआरयूसी सदस्य राजेश नागपाल ने दी।
नागपाल ने बताया कि बहादुरगढ़-आसौदा के बीच स्थित पुल संख्या 62 पर आरसीसी स्लैब डालने का महत्वपूर्ण कार्य किया जाना था। इसके लिए रेलवे ने सुबह 10:15 बजे से शाम 5:45 बजे तक कुल 7 घंटे 30 मिनट का ब्लॉक लिया। यह ब्लॉक पातालकोट एक्सप्रेस और दिल्ली सराय रोहिल्ला-भटिंडा इंटरसिटी के बहादुरगढ़ से गुजरने के बाद शुरू हुआ। नागपाल ने रेलवे से अपील की कि ऐसे मेगा ब्लॉक्स की पूर्व सूचना व्यापक स्तर पर दी जाए, ताकि यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित न हों।
स्टेशन पर घंटे भर इंतजार करते रहे यात्री
अचानक हुए बदलाव से दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और दैनिक यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों को जानकारी न होने के कारण प्लेटफॉर्म पर घंटों इंतजार करना पड़ा। अचानक रद्द हुई ट्रेनों के कारण हजारों यात्रियों की यात्रा प्रभावित हुई, वहीं वैकल्पिक व्यवस्था न होने के चलते लोगों को निजी वाहनों और बसों पर निर्भर रहना पड़ा।
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रेलवे अधिकारियों के अनुसार पुल संख्या 62 पर आरसीसी स्लैब डालने का काम सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक था। पुल को मजबूत किए बिना उस पर बढ़ते ट्रैफिक का दबाव जोखिमपूर्ण हो सकता था। इसलिए काम को एक ही बार में पूरा करने के लिए लंबा ब्लॉक लिया गया।
ये ट्रेनें रहीं रद्द
54034 जींद–पुरानी दिल्ली पैसेंजर
64912 रोहतक–दिल्ली ईएमयू
54032 डीजे पैसेंजर
54031 दिल्ली–जींद पैसेंजर
54035 जाखल पैसेंजर
64931/64932 जींद–दिल्ली ईएमयू
14323/24 बरेली इंटरसिटी (दोनों दिशाओं में)
इन ट्रेनों को आंशिक रूप से चलाया
14732 किसान एक्सप्रेस और 12482 इंटरसिटी एक्सप्रेस केवल रोहतक तक
16032 अंडमान एक्सप्रेस को वाया गोहाना–सोनीपत नई दिल्ली भेजा गया (जो आगे रोहतक नहीं लौटी)
अवध–आसम एक्सप्रेस को शकूरबस्ती–घेवरा के बीच लगभग 50 मिनट रोका गया।
रेलवे ब्लॉक के फायदे
भविष्य में यात्रियों को अधिक सुरक्षित यात्रा मार्ग मिलेगा
पुल के मजबूत होने से ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ेगी
तेज गति से चलने वाली ट्रेनों का मार्ग अधिक सुगम होगा
आगे चलकर रखरखाव में कम समय और संचालन में सुधार होगा
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नागपाल ने बताया कि बहादुरगढ़-आसौदा के बीच स्थित पुल संख्या 62 पर आरसीसी स्लैब डालने का महत्वपूर्ण कार्य किया जाना था। इसके लिए रेलवे ने सुबह 10:15 बजे से शाम 5:45 बजे तक कुल 7 घंटे 30 मिनट का ब्लॉक लिया। यह ब्लॉक पातालकोट एक्सप्रेस और दिल्ली सराय रोहिल्ला-भटिंडा इंटरसिटी के बहादुरगढ़ से गुजरने के बाद शुरू हुआ। नागपाल ने रेलवे से अपील की कि ऐसे मेगा ब्लॉक्स की पूर्व सूचना व्यापक स्तर पर दी जाए, ताकि यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित न हों।
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स्टेशन पर घंटे भर इंतजार करते रहे यात्री
अचानक हुए बदलाव से दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और दैनिक यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों को जानकारी न होने के कारण प्लेटफॉर्म पर घंटों इंतजार करना पड़ा। अचानक रद्द हुई ट्रेनों के कारण हजारों यात्रियों की यात्रा प्रभावित हुई, वहीं वैकल्पिक व्यवस्था न होने के चलते लोगों को निजी वाहनों और बसों पर निर्भर रहना पड़ा।
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रेलवे अधिकारियों के अनुसार पुल संख्या 62 पर आरसीसी स्लैब डालने का काम सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक था। पुल को मजबूत किए बिना उस पर बढ़ते ट्रैफिक का दबाव जोखिमपूर्ण हो सकता था। इसलिए काम को एक ही बार में पूरा करने के लिए लंबा ब्लॉक लिया गया।
ये ट्रेनें रहीं रद्द
54034 जींद–पुरानी दिल्ली पैसेंजर
64912 रोहतक–दिल्ली ईएमयू
54032 डीजे पैसेंजर
54031 दिल्ली–जींद पैसेंजर
54035 जाखल पैसेंजर
64931/64932 जींद–दिल्ली ईएमयू
14323/24 बरेली इंटरसिटी (दोनों दिशाओं में)
इन ट्रेनों को आंशिक रूप से चलाया
14732 किसान एक्सप्रेस और 12482 इंटरसिटी एक्सप्रेस केवल रोहतक तक
16032 अंडमान एक्सप्रेस को वाया गोहाना–सोनीपत नई दिल्ली भेजा गया (जो आगे रोहतक नहीं लौटी)
अवध–आसम एक्सप्रेस को शकूरबस्ती–घेवरा के बीच लगभग 50 मिनट रोका गया।
रेलवे ब्लॉक के फायदे
भविष्य में यात्रियों को अधिक सुरक्षित यात्रा मार्ग मिलेगा
पुल के मजबूत होने से ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ेगी
तेज गति से चलने वाली ट्रेनों का मार्ग अधिक सुगम होगा
आगे चलकर रखरखाव में कम समय और संचालन में सुधार होगा