{"_id":"1cf7af0a68474f3f39aee228be8404f6","slug":"medical-store-seal-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव सुखमनपुर में मेडिकल स्टोर संचालक के घर पुलिस टीम का छापा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांव सुखमनपुर में मेडिकल स्टोर संचालक के घर पुलिस टीम का छापा
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
Updated Wed, 23 Dec 2015 11:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस ने मंगलवार देर रात गुप्त सूचना पर संजय गांधी चौक के पास स्थित एक मेडिकल संचालक के गांव सुखमनपुर स्थित घर में छापामार कर हजारों नशीली गोलियां बरामद की है। पुलिस ने नशीली दवा रखने के आरोप में मेडिकल संचालक के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट व ड्रग एंड कास्मेटिक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आरोपी मेडिकल संचालक को गिरफ्तार कर लिया। वहीं पुलिस की सूचना पर सीनियर ड्रग इंस्पेक्टर कर्ण सिंह गोदारा के नेतृत्व में गठित टीम ने बुधवार दोपहर बाद उक्त मेडिकल संचालक की दुकान की जांच कर रिकार्ड और दवाइयों को खंगाला और दुकान को सील कर दिया।
रतिया पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि संजय गांधी चौक के नजदीक सत्यम मेडिकल की दुकान चलाने वाले महेंद्र के गांव सुखमनपुर स्थित उसके घर के पास बने पशु बाड़े से नशीली दवाइयों का कारोबार होता है। जिस पर रतिया के थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार ने सब इंस्पेक्टर रमेश कुमार के नेतृत्व में टीम का गठन किया। टीम में टेक चंद, राहुल, दयाल चंद और अन्य पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया। टीम ने सूचना के आधार पर मंगलवार देर रात महेंद्र के घर के पास स्थित पशुबाड़े में छापा मारा तो वहां पर छुपा कर रखी गई करीब 13 हजार छह सौ ऐसी प्रतिबंधित दवाइयां मिली जो खुले में नहीं रखी जा सकती। पुलिस टीम ने जब गहनता से गोलियों की जांच की तो पता चला कि इन गोलियों का नशे में इस्तेमाल किया जाता है। पुलिस ने पूछताछ के लिए तुरंत मेडिकल संचालक महेंद्र को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने मामले की जानकारी ड्रग विभाग व पुलिस के उच्चाधिकारियों को दे दी। सूचना मिलने पर बुधवार को सीनियर ड्रग इंस्पेक्टर कर्ण गोदारा व सिरसा के ड्रग इंस्पेक्टर संदीप गोलान ने मौके पर पहुंचकर दुकान का निरीक्षण किया और दुकान के रिकार्ड और दवाइयों को खंगाला। जिसके बाद विभाग के अधिकारियों ने सत्यम मेडिकल की दुकान को सील कर दिया। वहीं पुलिस ने भी मेडिकल संचालक महेंद्र के खिलाफ एनडीपीएस व ड्रग एवं कास्मेटिक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर महेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष प्रदीप का कहना है कि मेडिकल संचालक महेंद्र से पूछताछ कर नशीली दवाइयों से संबंधित पूरे मामले का पर्दाफाश करेगी व अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी।
इसी के साथ संजय गांधी चौक में ही सत्यम मेडिकल के सामने ही नवदीप मेडिकल की दुकान है जिसको भी मंगलवार रात्रि को पुलिस ने सूचना के आधार पर बंद कराया था। बुधवार सुबह से ही उक्त दुकान भी बंद थी। पुलिसकर्मी उक्त दुकान पर भी निगरानी रखे हुए थे। बुधवार शाम को मेडिकल हाल के दो करिंदे मेडिकल स्टोर पर आए और दुकान खोलकर कुछ दवाइयों को लेकर दुकान बंद करने लगे तो निगरानी पर रहे पुलिसकर्मी ने दोनों करिंदों को पूछताछ के लिए काबू कर लिया।
विज्ञापन
पुलिसकर्मियों ने उक्त दवाइयों को कब्जे में लेकर शहरी पुलिस चौकी इंचार्ज जगदीश कुमार ने बताया कि उक्त दुकान से कुछ लोगों द्वारा नशे की दवाइयां लेकर ले जाने व गांव से पकड़ी गई दवाइयां का कनेक्शन होने की बात सामने आई थी जिसकारण ही रात को उक्त मेडिकल को बंद कराया व बुधवार को इसकी डीआई से जांच करानी थी लेकिन पुलिस को बिना सूचना दिए ही उक्त संचालक ने दुकान को खोलकर दवाइयां ले जाने का प्रयास किया था जिनको पकड़ लिया हैै। चौकी प्रभारी ने बताया की नवदीप मेडिकल हाल की अधिकारियों के सामने ही दुकान खोलकर जांच की जाएगी व अधिकारियों के आदेश पर ही उक्त संचालक के खिलाफ आगामी कार्यवाही की जाएगी ।
विज्ञापन
रतिया पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि संजय गांधी चौक के नजदीक सत्यम मेडिकल की दुकान चलाने वाले महेंद्र के गांव सुखमनपुर स्थित उसके घर के पास बने पशु बाड़े से नशीली दवाइयों का कारोबार होता है। जिस पर रतिया के थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार ने सब इंस्पेक्टर रमेश कुमार के नेतृत्व में टीम का गठन किया। टीम में टेक चंद, राहुल, दयाल चंद और अन्य पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया। टीम ने सूचना के आधार पर मंगलवार देर रात महेंद्र के घर के पास स्थित पशुबाड़े में छापा मारा तो वहां पर छुपा कर रखी गई करीब 13 हजार छह सौ ऐसी प्रतिबंधित दवाइयां मिली जो खुले में नहीं रखी जा सकती। पुलिस टीम ने जब गहनता से गोलियों की जांच की तो पता चला कि इन गोलियों का नशे में इस्तेमाल किया जाता है। पुलिस ने पूछताछ के लिए तुरंत मेडिकल संचालक महेंद्र को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने मामले की जानकारी ड्रग विभाग व पुलिस के उच्चाधिकारियों को दे दी। सूचना मिलने पर बुधवार को सीनियर ड्रग इंस्पेक्टर कर्ण गोदारा व सिरसा के ड्रग इंस्पेक्टर संदीप गोलान ने मौके पर पहुंचकर दुकान का निरीक्षण किया और दुकान के रिकार्ड और दवाइयों को खंगाला। जिसके बाद विभाग के अधिकारियों ने सत्यम मेडिकल की दुकान को सील कर दिया। वहीं पुलिस ने भी मेडिकल संचालक महेंद्र के खिलाफ एनडीपीएस व ड्रग एवं कास्मेटिक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर महेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष प्रदीप का कहना है कि मेडिकल संचालक महेंद्र से पूछताछ कर नशीली दवाइयों से संबंधित पूरे मामले का पर्दाफाश करेगी व अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी।
विज्ञापन
इसी के साथ संजय गांधी चौक में ही सत्यम मेडिकल के सामने ही नवदीप मेडिकल की दुकान है जिसको भी मंगलवार रात्रि को पुलिस ने सूचना के आधार पर बंद कराया था। बुधवार सुबह से ही उक्त दुकान भी बंद थी। पुलिसकर्मी उक्त दुकान पर भी निगरानी रखे हुए थे। बुधवार शाम को मेडिकल हाल के दो करिंदे मेडिकल स्टोर पर आए और दुकान खोलकर कुछ दवाइयों को लेकर दुकान बंद करने लगे तो निगरानी पर रहे पुलिसकर्मी ने दोनों करिंदों को पूछताछ के लिए काबू कर लिया।
विज्ञापन
पुलिसकर्मियों ने उक्त दवाइयों को कब्जे में लेकर शहरी पुलिस चौकी इंचार्ज जगदीश कुमार ने बताया कि उक्त दुकान से कुछ लोगों द्वारा नशे की दवाइयां लेकर ले जाने व गांव से पकड़ी गई दवाइयां का कनेक्शन होने की बात सामने आई थी जिसकारण ही रात को उक्त मेडिकल को बंद कराया व बुधवार को इसकी डीआई से जांच करानी थी लेकिन पुलिस को बिना सूचना दिए ही उक्त संचालक ने दुकान को खोलकर दवाइयां ले जाने का प्रयास किया था जिनको पकड़ लिया हैै। चौकी प्रभारी ने बताया की नवदीप मेडिकल हाल की अधिकारियों के सामने ही दुकान खोलकर जांच की जाएगी व अधिकारियों के आदेश पर ही उक्त संचालक के खिलाफ आगामी कार्यवाही की जाएगी ।