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Fatehabad News: माजरा गांव बना क्षेत्र का सबसे बड़ा कपड़ा कारोबार केंद्र

Sun, 07 Dec 2025 10:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sun, 07 Dec 2025 10:52 PM IST
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Majra village has become the largest textile business center in the region
गांव माजरा में कपड़े की खरीदारी करते ग्राहक। संवाद
फतेहाबाद। जिला मुख्यालय से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव माजरा कपड़ों के कारोबार का हब (केंद्र) बन गया है। इस गांव में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली और पंजाब राज्यों के रोजाना हजारों लोग खरीदारी करने आते हैं। इसका मुख्य कारण कपड़ों की कीमतें, जो बाजार की दुकानों से काफी सस्ती हैं।
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गांव माजरा निवासी प्रेम तनेजा ने करीब 57 साल पहले एक छोटी-सी दुकान से इस कारोबार की शुरुआत थी, जो कि अब क्षेत्र का सबसे बड़ा कपड़ा बाजार बन गया है। यहां कपड़ों के कारोबार की सफलता का मुख्य कारण पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही विरासत और उत्पादन के स्रोत से सीधा जुड़ाव है।
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ग्राहकों को यहां कपड़ा बाजार की कीमतों से काफी कम दाम पर इसलिए मिल जाता है, कि यहां के व्यापारी का सूरत, अहमदाबाद, पानीपत, मुंबई और जालंधर की कपड़ा मिल संचालकों से सीधा संपर्क हैं। जिस कारण ट्रांसपोर्ट और बीच में कमाई करने वाले बिचौलिये यहां नहीं है। इससे दुकानदार बाजार से कम कीमतों पर भी सामान बेचकर अधिक मुनाफा कमा रहे हैं।
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तीन बेटों सहित, खुद करते है दुकान में काम
गांव माजरा के 75 वर्षीय बुजुर्ग प्रेम तनेजा के तीन बेटे और पोते इस कारोबार को संभाल रहे हैं, जो इस व्यवसाय की लगातार तीसरी पीढ़ी हैं। कपड़े का पुराना कारोबार माजरा में होने के बाद यहां के कई अन्य लोगों ने भी दुकान शुरू की है। ऐसे में अब यहां करीब 50 कपड़े की दुकान हैं, जिन पर 1000 के करीब लोग का काम करते हैं। इनमें सेल्समैन, कटाई-सिलाई कर्मचारी, अकाउटेंट, सुरक्षा कर्मी, सफाई और अन्य सहायक स्टाफ शामिल हैं।
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57 साल पहले प्रेम तनेजा ने शुरू किया था काम

माजरा में कपड़ों के इस बड़े कारोबार की नींव करीब 57 वर्ष पहले प्रेम तनेजा ने रखी थी। उन्होंने अपने पैतृक गांव माजरा में कपड़ों की एक छोटी-सी दुकान से इसकी शुरुआत की थी। उनकी मेहनत ने इस कारोबार को स्थापित किया है। जिससे अब यहां से कपड़ा मिल संचालकों का सीधा जुड़ाव हो चुका है। माजरा के कपड़े की गुणवत्ता और कम कीमत ने छोटे से गांव से भी बड़ा व्यापार स्थापित कर दिया है।
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शादियों और दुकानदारों की पहली पसंद

माजरा गांव का कपड़ा बाजार स्थानीय ग्राहकों तक सीमित नहीं है। यहां राजस्थान, दिल्ली और पंजाब से संख्या में ग्राहक यहां खरीदारी करने आते हैं। ये ग्राहक विवाह-शादी के आयोजनों के लिए भी कपड़े खरीदते हैं। इसके अलावा, आसपास के शहरों के छोटे-बड़े दुकानदार भी यहां से थोक में कपड़े की खरीदारी करते हैं। उनके लिए माजरा एक विश्वसनीय और सस्ता स्रोत बन गया है। यहां उन्हें अपने ग्राहकों को नए डिजाइनों के कपड़े कम दरों पर बेचने में भी उचित लाभ मिल रहा है।
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मेरे पिता ने 57 वर्ष पहले कपड़े की दुकान से व्यापार की शुरूआत की थी, लेकिन अब यहां कई दुकानदारों ओर भी अपने अच्छा व्यवसाय चला रहे हैं। माजरा के दुकानदारों पर ग्राहकों का अटूट विश्वास बना हुआ है।

-जयकिशन, कपड़ा व्यापारी।
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माजरा हमारा पैतृक गांव है। ऐसे में कहीं और व्यापार करने के बजाय यहीं पर काम शुरू किया था। ग्राहक सस्ता और नए डिजाइन के कपड़े खरीदने माजरा में पहुंच रहे हैं। हमारी कोशिश है कि गांव माजरा ओर अधिक दुकानें स्थापित हो।
-पवन, कपड़ा व्यापारी।
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