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Fatehabad News: ग्रे वाटर योजना में लगाई निम्न स्तर की सामग्री
Fri, 09 Feb 2024 10:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 09 Feb 2024 10:47 PM IST
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भूना में नाढोड़ी गांव में जोहड़ पर निम्न स्तर की जमीन पर पड़ी हुई ईंटें
भूना। गांव नाढोड़ी में गंदे पानी के सदुपयोग के लिए ग्रे वाटर मैनेजमेंट किया जा रहा है। इसके तहत निर्माणाधीन नालियों में ठेकेदार निम्न स्तर की सामग्री लगाने का आरोप है।
ग्राम नाढोड़ी निवासी नरेंद्र कुमार, राजेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार, राकेश कुमार आदि ने बताया कि लाखों रुपये की लागत से जोहड़ का जीर्णोद्धार किया जाना प्रस्तावित है। राजनीतिक प्रभाव के कारण ठेकेदार मनमानी कर रहा है। बताने के बावजूद पंचायती राज विभाग के अधिकारी मौके पर आकर निर्माणाधीन काम का निरीक्षण या आरोपी पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
इसलिए ठेकेदार के हौसले बुलंद हैं और वह पानी निकासी नालियों में अपनी मर्जी से निम्न स्तर की सामग्री इस्तेमाल कर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि नालियों में ईंट पीली एवं निम्न स्तर की चिनाई में उपयोग की जा रही है।
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ग्रामीणों ने निर्माण सामग्री के सैंपल पूरे मामले की विजिलेंस जांच और कार्रवाई की मांग की है। गांव के सरपंच नरेंद्र कुमार ने भी ठेकेदार को गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं, पंचायती राज विभाग के जेई संदीप वर्मा ने बताया कि निर्माण कार्य का निरीक्षण किया जा रहा है। मौके पर जाकर आरोप की जांच की जाएगी। अगर शुक्रवार को निम्न स्तर की ईंटें कार्यस्थल पर आईं तो उन्हें उठाया जाएगा।
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ग्राम नाढोड़ी निवासी नरेंद्र कुमार, राजेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार, राकेश कुमार आदि ने बताया कि लाखों रुपये की लागत से जोहड़ का जीर्णोद्धार किया जाना प्रस्तावित है। राजनीतिक प्रभाव के कारण ठेकेदार मनमानी कर रहा है। बताने के बावजूद पंचायती राज विभाग के अधिकारी मौके पर आकर निर्माणाधीन काम का निरीक्षण या आरोपी पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
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इसलिए ठेकेदार के हौसले बुलंद हैं और वह पानी निकासी नालियों में अपनी मर्जी से निम्न स्तर की सामग्री इस्तेमाल कर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि नालियों में ईंट पीली एवं निम्न स्तर की चिनाई में उपयोग की जा रही है।
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ग्रामीणों ने निर्माण सामग्री के सैंपल पूरे मामले की विजिलेंस जांच और कार्रवाई की मांग की है। गांव के सरपंच नरेंद्र कुमार ने भी ठेकेदार को गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं, पंचायती राज विभाग के जेई संदीप वर्मा ने बताया कि निर्माण कार्य का निरीक्षण किया जा रहा है। मौके पर जाकर आरोप की जांच की जाएगी। अगर शुक्रवार को निम्न स्तर की ईंटें कार्यस्थल पर आईं तो उन्हें उठाया जाएगा।