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पंचायत मंत्री के शहर में अस्पताल की चहारदीवारी में लग रहीं निम्न स्तर की ईंटें
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टोहाना के नागरिक अस्पताल की बनाई जा रही चहारदीवारी।
- फोटो : Fatehabad
टोहाना। प्रदेश के विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली के शहर टोहाना में लोक निर्माण विभाग द्वारा नागरिक अस्पताल की चहारदीवारी के निर्माण में निम्न स्तर की ईंट लगाई जा रही हैं। शहरवासियों ने इस निर्माण कार्य पर सवाल उठाए हैं। गांव कन्हड़ी के ग्रामीण कर्मबीर सिंह ने तो चहारदीवारी के निर्माण में लगाई जा निम्न स्तर की ईंटों को लेकर ठेकेदार के खिलाफ कैबिनेट मंत्री देवेंद्र सिंह बबली को शिकायत देकर जांच करवाने की मांग की है।
फिलहाल इस मामले में लोक निर्माण विभाग टोहाना के एसडीओ रामपाल मोर ने ज्यादा तो कुछ नहीं कहा, लेकिन इतना जरूर कहा कि जब ग्रांट ही कम आई है तो ईंटें भी कम क्वालिटी की ही लगेंगी। कन्हड़ी निवासी कर्मबीर सैनी ने बताया कि उन्होंने टोहाना के नागरिक अस्पताल के बाहर बन रही चहारदीवारी में लगाई जा रही घटिया स्तर की ईंटों का मामला तीन दिन पहले कैबिनेट मंत्री देवेंद्र बबली के कार्यालय में लगे खुले दरबार में मंत्री के सामने रखा था। मंत्री देवेंद्र बबली ने लोक निर्माण विभाग के एसडीओ रामफल मोर को बुलाकर इस समस्या की सुनवाई करने को कहा था, लेकिन बाद में एसडीओ ने मामले की लीपापोती करते हुए कहा कि उनके पास ग्रांट ही कम आई है तो फिर वह ईंट भी कम क्वालिटी की लगाने को मजबूर हैं। कर्मबीर सैनी ने बताया कि इस चहारदीवारी के लिए 16 लाख से अधिक की रा
शि मंजूर हुई है।
कोट
यह सही बात है कि चहारदीवारी के निर्माण में कम क्वालिटी की ईंटें लगाई जा रही हैं। चहारदीवारी निर्माण में सौ फीसदी क्वालिटी की बजाय 75 फीसदी क्वालिटी की ईंटें लगाने की हिदायत दी गई हैं। इसे आप किसी भी तरह से समझ लें।
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रामफल मोर, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग, टोहाना
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फिलहाल इस मामले में लोक निर्माण विभाग टोहाना के एसडीओ रामपाल मोर ने ज्यादा तो कुछ नहीं कहा, लेकिन इतना जरूर कहा कि जब ग्रांट ही कम आई है तो ईंटें भी कम क्वालिटी की ही लगेंगी। कन्हड़ी निवासी कर्मबीर सैनी ने बताया कि उन्होंने टोहाना के नागरिक अस्पताल के बाहर बन रही चहारदीवारी में लगाई जा रही घटिया स्तर की ईंटों का मामला तीन दिन पहले कैबिनेट मंत्री देवेंद्र बबली के कार्यालय में लगे खुले दरबार में मंत्री के सामने रखा था। मंत्री देवेंद्र बबली ने लोक निर्माण विभाग के एसडीओ रामफल मोर को बुलाकर इस समस्या की सुनवाई करने को कहा था, लेकिन बाद में एसडीओ ने मामले की लीपापोती करते हुए कहा कि उनके पास ग्रांट ही कम आई है तो फिर वह ईंट भी कम क्वालिटी की लगाने को मजबूर हैं। कर्मबीर सैनी ने बताया कि इस चहारदीवारी के लिए 16 लाख से अधिक की रा
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शि मंजूर हुई है।
कोट
यह सही बात है कि चहारदीवारी के निर्माण में कम क्वालिटी की ईंटें लगाई जा रही हैं। चहारदीवारी निर्माण में सौ फीसदी क्वालिटी की बजाय 75 फीसदी क्वालिटी की ईंटें लगाने की हिदायत दी गई हैं। इसे आप किसी भी तरह से समझ लें।
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रामफल मोर, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग, टोहाना