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Fatehabad News: ज्योति बनी भावना के हॉकी खेल का सूत्रधार, सपनों को लगे पंख
Sun, 23 Feb 2025 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 23 Feb 2025 11:20 PM IST
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गांव बैजलपुर निवासी हॉकी खिलाड़ी भावना अपने प्रशिक्षक रणसिंह राणा के साथ।
फतेहाबाद। हिसार में आयोजित राज्यस्तरीय जूनियर हॉकी खेल स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर लौटी गांव की होनहार बेटी भावना ओला की सफलता पर हर किसी को गर्व है। 14 वर्षीय भावना ने स्पर्धा में तीन मैच खेल और तीन ही गोल किए। भावना की टीम में स्ट्राइकर की पॉजिशीन है।
निजी स्कूल में 9वीं कक्षा की छात्रा भावना ने अपना पहला हॉकी मैच गांव बैजलपुर के खेल मैदान में 4 वर्ष पूर्व में खेला था। जिसमें उनकी टीम का फाइनल जींद के साथ हुआ है। इसमें बैजलपुर की टीम 3-0 से विजयी रही थी। इसके अलावा भावना पिछले वर्ष दिल्ली और लखनऊ में आयोजित नेशनल अकादमी हॉकी खेल स्पर्धा में भाग ले चुकी हैं। वहीं अब भावना का चंडीगढ़ हॉस्टल टीम में चयन हुआ है। उनको मेडिकल प्रकिया के लिए बुलाया गया है।
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देश के लिए जीतना चाहती है अधिक से अधिक पदक
भावना के पिता किसान सुभाष और माता गृहिणी हैं। भावना का एक छोटा भाई प्रतीक है जो कि कक्षा छठी में पढ़ता है। वह भी हॉकी खेल खेलता है। भावना ने छोटी से उम्र में ही हॉकी का स्टिक हाथ में थाम ली थी। भावना गांव बैजलपुर में बने खेल मैदान में सुबह एक घंटा और शाम को दो घंटे अभ्यास करती हैं। भावना का अब एक ही लक्ष्य है देश के लिए अधिक से अधिक पदक जीतना और ओलंपिक में देश का राष्ट्रगान गाया जाए।
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खेल मैदान में पहली बार ज्योति लेकर गईं
भावना को हॉकी खेल से जुड़ने की प्रेरणा ज्योति बिढ़ासरा से मिली। ज्योति ही उन्हें खेल के मैदान में लेकर गई। उसके बाद जब तक भावना समझदार नहीं हुई उनको पिता सुभाष ही सुबह-शाम खेल मैदान में अभ्यास के लिए लेकर जाते हैं। भावना को रण सिंह राणा ही शुरुआत से हॉकी का प्रशिक्षण देते आ रहे हैं।
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निजी स्कूल में 9वीं कक्षा की छात्रा भावना ने अपना पहला हॉकी मैच गांव बैजलपुर के खेल मैदान में 4 वर्ष पूर्व में खेला था। जिसमें उनकी टीम का फाइनल जींद के साथ हुआ है। इसमें बैजलपुर की टीम 3-0 से विजयी रही थी। इसके अलावा भावना पिछले वर्ष दिल्ली और लखनऊ में आयोजित नेशनल अकादमी हॉकी खेल स्पर्धा में भाग ले चुकी हैं। वहीं अब भावना का चंडीगढ़ हॉस्टल टीम में चयन हुआ है। उनको मेडिकल प्रकिया के लिए बुलाया गया है।
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देश के लिए जीतना चाहती है अधिक से अधिक पदक
भावना के पिता किसान सुभाष और माता गृहिणी हैं। भावना का एक छोटा भाई प्रतीक है जो कि कक्षा छठी में पढ़ता है। वह भी हॉकी खेल खेलता है। भावना ने छोटी से उम्र में ही हॉकी का स्टिक हाथ में थाम ली थी। भावना गांव बैजलपुर में बने खेल मैदान में सुबह एक घंटा और शाम को दो घंटे अभ्यास करती हैं। भावना का अब एक ही लक्ष्य है देश के लिए अधिक से अधिक पदक जीतना और ओलंपिक में देश का राष्ट्रगान गाया जाए।
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खेल मैदान में पहली बार ज्योति लेकर गईं
भावना को हॉकी खेल से जुड़ने की प्रेरणा ज्योति बिढ़ासरा से मिली। ज्योति ही उन्हें खेल के मैदान में लेकर गई। उसके बाद जब तक भावना समझदार नहीं हुई उनको पिता सुभाष ही सुबह-शाम खेल मैदान में अभ्यास के लिए लेकर जाते हैं। भावना को रण सिंह राणा ही शुरुआत से हॉकी का प्रशिक्षण देते आ रहे हैं।