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दुष्कर्मी जलेबी बाबा को 14 साल कैद: जज बोले- ऐसे बाबाओं के पास क्यों जाती हैं महिलाएं, इनसे बचकर रहना चाहिए

Tue, 10 Jan 2023 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा) Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 10 Jan 2023 11:18 PM IST
सार

बाबा लोगों के कष्ट दूर करने की बात कहता था। इस दौरान अनेक महिलाएं उसकी अनुयायी बन गईं और बाबा के पास आने लगीं। उसके पास पांच-छह महिलाओं का अलग से ग्रुप था, जो अन्य महिलाओं को बाबा के पास लाती थीं।

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Judge says why women go to such babas, they should be avoided
जलेबी बाबा को कोर्ट में पेश कर बाहर लाती पुलिस। दूसरी ओर फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

फतेहाबाद में दुष्कर्मी जलेबी बाबा को मंगलवार को फतेहाबाद की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं फास्ट ट्रैक कोर्ट के स्पेशल जज ने 14 साल की सजा सुनाई है। सजा पर पहले बहस हुई और दोनों पक्षों ने अपनी अपनी दलीलें दी।

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अदालत में आधे घंटे तक बाबा की सजा पर बहस चली। इसके बाद अदालत ने बाबा को सजा सुनाई और जुर्माना भी किया। सजा सुनाए जाने के दौरान कोर्ट में बाबा शांत खड़ा था और जब उसे सजा का प्रावधान किया तो उसकी आंखें नम थीं।
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दुष्कर्मी जलेबी बाबा अमरपुरी उर्फ बिल्लूराम करीब 20 साल पहले पंजाब के मानसा से टोहाना आया था। यहां पर आकर उसने जलेबी की रेहड़ी लगाई और करीब 10 साल पहले उसने टोहाना के शक्ति नगर में बाबा बालकनाथ के नाम से आश्रम खोल लिया।
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बाबा लोगों के कष्ट दूर करने की बात कहता था। इस दौरान अनेक महिलाएं उसकी अनुयायी बन गईं और बाबा के पास आने लगीं। उसके पास पांच-छह महिलाओं का अलग से ग्रुप था, जो अन्य महिलाओं को बाबा के पास लाती थीं। अभियोजन पक्ष के अनुसार, बाबा महिलाओं को प्याले में नशीला पदार्थ पिलाता था और इलाज के बहाने उनको आश्रम केे पीछे कमरे में ले जाकर उनसे दुष्कर्म करता था। साथ ही महिलाओं की वीडियो भी बनाता था। संवाद



एक महिला को किया था ब्लैकमेल
अदालत में चले अभियोग के दौरान पुलिस के सामने बाबा ने स्वीकार किया था कि उसने एक महिला का पहले अश्लील वीडियो बनाया और उसके बाद उसे ब्लैकमेल किया। बाबा ने इस महिला सेे सात हजार रुपये लेने की बात स्वीकार की थी। बाबा इतना शातिर था कि लोग उसके खिलाफ जुबान खोलने से डरते थे।

श्मशान घाट में पूजा के बहाने खाता था अफीम
बाबा ने पुलिस पूछताछ में यह भी बताया कि वह श्मशान घाट में पूजा अर्चना करने के बहाने जाता था। यहां पर उसने अफीम छिपा रखी थी और उसका सेवन करता था। कुुछ अफीम वह अपने साथ ले आता था और महिलाओं को चाय आदि में मिलाकर पिला देता था और उनको अपनी हवस का शिकार बनाता था।

छह में से तीन के बयान अदालत ने माने
बाबा के खिलाफ अदालत में लगातार साढ़े चार साल से चल रहे अभियोग के दौरान नाबालिग सहित छह महिलाओं ने अपने बयान दिए। इसके अलावा 32 अन्य लोगों ने भी गवाहियां दी। इस दौरान 20 गवाहियां हुईं और पांच मार्च को बाबा को अदालत ने दोषी माना। जलेबी बाबा के खिलाफ महिलाओं द्वारा दिए गए बयानों में अदालत ने नाबालिग व दो महिलाओं के बयानों को सही पाया। तीन अन्य महिलाओं के बयान अदालत ने नकार दिए। नाबालिग व दो अन्य महिलाओं के बयानों के आधार पर ही बाबा को अदालत ने पॉक्सो एक्ट की धारा छह, दुष्कर्म व आईटी एक्ट के तहत दोषी माना।

बचाव पक्ष ने कम से कम सजा की लगाई गुहार
मंगलवार को अदालत में बाबा की सजा पर एक बार फिर बहस हुई। बचाव पक्ष के वकील ने बाबा को शुगर व अन्य बीमारियां होने का हवाला देेते हुए कम से कम 10 साल की सजा देने की बात कही, लेकिन अदालत ने कहा कि बाबा ने गलत कार्य किया है। उसने महिलाओं के अश्लील वीडियो बनाए और दुष्कर्म किया। बाबा ने एक नाबालिग को दो बार अपने पास बुलाकर उससे गलत कार्य किया। पीड़ित पक्ष के वकीलों विजय कृष्ण रंगा व संजय वर्मा ने अदालत से कहा कि यह मामला डेरामुखी राम रहीम से मिलता जुलता है, इसलिए बाबा को एक साथ सजा देने की बजाए, अलग-अलग सजा दी जाए। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पॉक्सो एक्ट के तहत बाबा को 14 साल, आईटी एक्ट के तहत पांच साल व दो महिलाओं से दुष्कर्म के दोष में सात-सात साल की कैद की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। वहीं बाबा पर अदालत ने 35 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोका है। जुर्माना न भरने की एवज में उसे दो साल की अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी।


फैसले के खिलाफ जाएंगे हाईकोर्ट
फतेहाबाद की अदालत द्वारा जलेबी बाबा को सजा सुनाए जाने के बाद बाबा के वकील गजेंद्र पांडे ने बताया कि इस फैसले के खिलाफ वह हाईकोर्ट जाएंगे। उन्होंने कहा कि बाबा को सीडी के आधार पर सजा सुनाई गई है। इस सीडी को इंडियन एविडेंस एक्ट का कोई सर्टिफिकेट नहीं मिला था। किसी पीड़िता नेे सीधे तौर पर बाबा के खिलाफ शिकायत नहीं दी थी। केवल सीडी के आधार पर यह सजा सुनाई गई, इसलिए सजा के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे।

हमने बाबा को अधिक से अधिक सजा देने की मांग की थी। अदालत ने बाबा को पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म व आईटी एक्ट में दोषी माना है। उसे 14 साल तक जेल भुगतनी होगी। बाबा को जो सजा सुनाई गई हैं, वह एक साथ चलेंगी। - विजय कृष्ण रंगा, वकील पीड़ित पक्ष

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