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फतेहाबाद में चला जेल भरो आंदोलन: आशा वर्कर्स ने दी गिरफ्तारियां, बेहोश होकर गिरी एक वर्कर

Mon, 25 Sep 2023 03:08 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Mon, 25 Sep 2023 03:08 PM IST
सार

आशा वर्कर्स बोली उन्होंने कहा कि सरकार को उनकी न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये की मांग को मानना पड़ेगा। न्यूनतम वेतन के अलावा सरकार द्वारा ऑनलाइन काम को लेकर बनाए जा रहे दबाव के विरोध में भी वर्कर्स हड़ताल कर रही है।

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Jail bharo movement started in Fatehabad, Asha workers gave arrests, one worker fell unconscious
आशा वर्कर्स को गिरफ्तार करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आशा वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर फतेहाबाद की आशा वर्कर्स द्वारा सोमवार को जेल भरो आंदोलन चलाया गया। इस दौरान करीब 500 आशा वर्कर्स ने गिरफ्तारी दी। आशा वर्कर्स को रोडवेज की बसों में भरकर पुलिस लाइन ले जाया गया। इस दौरान एक आशा वर्कर गिरकर बेहोश भी हो गई। यूनियन की जिला सचिव सुमन ने कहा कि प्रदेशभर में 20 हजार आशा वर्कर्स अपनी मांगों को लेकर 8 अगस्त से हड़ताल पर है।

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हड़ताल को डेढ़ महीने से ज्यादा समय दिन जाने के बावजूद सरकार उनके साथ बातचीत कर समस्याओं का समाधान करने को तैयार नहीं है। सरकार नहीं चाहती कि आम जनता को सुख सुविधा मिल सके। सरकार के इस अडियल रवैये के कारण आशा वर्कर्स को मजबूर होकर 5 साल बाद हड़ताल पर जाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में वर्कर्स का हड़ताल के दौरान 4000 रुपये मानदेय फिक्स किया गया था लेकिन 5 साल बीत जाने के बावजूद अभी तक उसमें कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
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महंगाई दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। ऐसे में आशा वर्कर्स का 4 हजार में गुजारा करना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को उनकी न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये की मांग को मानना पड़ेगा। न्यूनतम वेतन के अलावा सरकार द्वारा ऑनलाइन काम को लेकर बनाए जा रहे दबाव के विरोध में भी वर्कर्स हड़ताल कर रही है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो आने वाले 2024 के चुनावों में उसे इसका भारी नुकसान झेलना पड़ेगा।

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