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Fatehabad News: अनाज मंडी में सड़क मरम्मत कार्य में अनियमितता, विजिलेंस जांच की मांग
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मंडी में दो दिन पहले बनाई सड़क की हालत।
भूना। खरीफ सीजन से पहले अनाज मंडी में सड़क मरम्मत पर विवाद हो गया। दो दिन पहले किए गए मरम्मत कार्य में भारी गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने ठेकेदार और मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों पर मिलीभगत कर लाखों रुपये के गड़बड़झाले का आरोप लगाते हुए विजिलेंस जांच की मांग की है।
शंकर लाल, कृष्ण कुमार, राजेंद्र सिंह, ओम प्रकाश, रामकुमार, सुरेंद्र सिंह, मुंशी राम और बलवीर सिंह का कहना है कि यह कार्य रात के अंधेरे में जल्दबाजी में किया गया और सड़क निर्माण सामग्री में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जहां सड़क पहले से ठीक थी, वहां भी कृत्रिम मरम्मत दिखाकर लीपापोती की गई, जबकि असल में खराब पड़ी सड़क पर घटिया सामग्री डालकर खानापूर्ति की गई।
ग्रामीणों ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के गुजरते ही सड़क की सतह उखड़ने लगी, जिससे इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। उनका कहना है कि यह पंच कार्य धान और कपास की खरीद शुरू होने से कम से कम 15 दिन पहले होना चाहिए था, ताकि किसानों को मंडी में आने-जाने में कोई दिक्कत न होए लेकिन यह कार्य खरीद शुरू होने से ठीक एक दिन पहले रात में आनन-फानन में निपटा दिया गया, जिससे साफ होता है कि यह सिर्फ दिखावा भर था।
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ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की विजिलेंस जांच करवाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने अपील की कि मंडी में आने वाले हजारों किसानों की सुविधा के लिए सड़क को दुबारा गुणवत्तापूर्ण तरीके से बनवाया जाए।
मार्केटिंग बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता बख्शीश कांबोज ने बताया कि पंच कार्य का टेंडर प्रक्रिया के तहत आवंटन किया गया था। यदि कार्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक ठेकेदार को भुगतान नहीं किया है।
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शंकर लाल, कृष्ण कुमार, राजेंद्र सिंह, ओम प्रकाश, रामकुमार, सुरेंद्र सिंह, मुंशी राम और बलवीर सिंह का कहना है कि यह कार्य रात के अंधेरे में जल्दबाजी में किया गया और सड़क निर्माण सामग्री में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जहां सड़क पहले से ठीक थी, वहां भी कृत्रिम मरम्मत दिखाकर लीपापोती की गई, जबकि असल में खराब पड़ी सड़क पर घटिया सामग्री डालकर खानापूर्ति की गई।
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ग्रामीणों ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के गुजरते ही सड़क की सतह उखड़ने लगी, जिससे इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। उनका कहना है कि यह पंच कार्य धान और कपास की खरीद शुरू होने से कम से कम 15 दिन पहले होना चाहिए था, ताकि किसानों को मंडी में आने-जाने में कोई दिक्कत न होए लेकिन यह कार्य खरीद शुरू होने से ठीक एक दिन पहले रात में आनन-फानन में निपटा दिया गया, जिससे साफ होता है कि यह सिर्फ दिखावा भर था।
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ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की विजिलेंस जांच करवाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने अपील की कि मंडी में आने वाले हजारों किसानों की सुविधा के लिए सड़क को दुबारा गुणवत्तापूर्ण तरीके से बनवाया जाए।
मार्केटिंग बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता बख्शीश कांबोज ने बताया कि पंच कार्य का टेंडर प्रक्रिया के तहत आवंटन किया गया था। यदि कार्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक ठेकेदार को भुगतान नहीं किया है।