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Fatehabad News: जिले में एक स्थान पर मिली फसल अवशेष जलाने की सूचना, पुलिस को दी शिकायत
Wed, 23 Oct 2024 08:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 23 Oct 2024 08:42 PM IST
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टोहाना खंड के गांव में फसल अवशेष में लगी को बुझाते कर्मचारी।
फतेहाबाद। प्रदेश सरकार की ओर से की पराली जलाने के मामलों में की गई सख्ती का असर जिले में दिखने लगा है। जिले में फसल अवशेष जलने के मामलों की संख्या एकदम से घट गई है। सोमवार व मंगलवार को जहां एक भी केस नहीं आया, वहीं बुधवार को हरसेक द्वारा भूना खंड के गांव नहला में फसल अवशेष जलने की सूचना भेजी गई है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर इसकी पुष्टि भी कर दी है। इसके बाद किसान के खिलाफ एफआईआर के लिए शिकायत पुलिस को दी गई है। इसकी वीरवार को जांच के बाद एफआईआर की जाएगी।
गौरतलब है कि जिले में फसल जलाने के अभी तक कुल मामले 40 मिले हैं। इन मामलों में 27 किसानाें की रेड एंट्री दर्ज की गई है। वहीं, छह किसानों पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है। बुधवार को जिले का एक्यूआई 341 दर्ज किया गया है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक स्तर पर पहुंचा हुआ है।
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कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में इस बार 1.40 करोड़ हेक्टेयर रकबे में धान की फसल है। इसमें से 75 लाख हेक्टेयर के करीब धान की कटाई हो चुकी है। ऐसे में अभी भी धान की कटाई का काम अभी करीब 20 दिनों तक और चलने की संभावना है। कृषि विभाग के कर्मचारी फसल अवशेष जलने से रोकने के लिए किसानाें को लगातार जागरूक करने में जुटे हुए हैं। इस बार फसल अवशेष जलने के मामलों में काफी कमी दर्ज हुई है।
गांव करनौली के किसानों ने की बेलर मशीन की मांग
पराली प्रबंधन को गांव करनौली के किसानाें ने प्रशासन से धान की फसल की कटाई के बाद पराली प्रबंधन करने के लिए बेलर मशीन की मांग की है। फतेहाबाद के लघु सचिवालय में पहुंचे किसान जगतार सिंह, नफे सिंह, दलबीर सिंह और लखविंद्र सिंह आदि ने बताया कि पूरे गांव में मात्र की बेलर मशीन जिसके कारण पराली की गांठ बनाने में काफी समय लेग रहा है। ऐसे में प्रशासन से अपील है कि गांव में पराली प्रबंधन करने के लिए गांव करनौली में एक सरकारी बेलर मशीन दी जाए ताकि किसान समय पर फसल अवशेषों का सही निपटान करके रबी की फसलों बुवाई कर सके।
फसल अवशेष को जलाने से रोकने के लिए कृषि विभाग के द्वारा निगरानी रखी जा रही है। कृषि विभाग हरसैक के द्वारा मिलने वाली सभी लोकेशनाें पर पहुंचकर आग लगने का जायजा ले रहा है। वहीं पराली प्रबंधन के लिए किसानों को उचित मशीन उपलब्ध करवा रहा है।
- डॉ. राजपाल, तकनीकी सहायक।
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कृषि विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर इसकी पुष्टि भी कर दी है। इसके बाद किसान के खिलाफ एफआईआर के लिए शिकायत पुलिस को दी गई है। इसकी वीरवार को जांच के बाद एफआईआर की जाएगी।
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गौरतलब है कि जिले में फसल जलाने के अभी तक कुल मामले 40 मिले हैं। इन मामलों में 27 किसानाें की रेड एंट्री दर्ज की गई है। वहीं, छह किसानों पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है। बुधवार को जिले का एक्यूआई 341 दर्ज किया गया है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक स्तर पर पहुंचा हुआ है।
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कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में इस बार 1.40 करोड़ हेक्टेयर रकबे में धान की फसल है। इसमें से 75 लाख हेक्टेयर के करीब धान की कटाई हो चुकी है। ऐसे में अभी भी धान की कटाई का काम अभी करीब 20 दिनों तक और चलने की संभावना है। कृषि विभाग के कर्मचारी फसल अवशेष जलने से रोकने के लिए किसानाें को लगातार जागरूक करने में जुटे हुए हैं। इस बार फसल अवशेष जलने के मामलों में काफी कमी दर्ज हुई है।
गांव करनौली के किसानों ने की बेलर मशीन की मांग
पराली प्रबंधन को गांव करनौली के किसानाें ने प्रशासन से धान की फसल की कटाई के बाद पराली प्रबंधन करने के लिए बेलर मशीन की मांग की है। फतेहाबाद के लघु सचिवालय में पहुंचे किसान जगतार सिंह, नफे सिंह, दलबीर सिंह और लखविंद्र सिंह आदि ने बताया कि पूरे गांव में मात्र की बेलर मशीन जिसके कारण पराली की गांठ बनाने में काफी समय लेग रहा है। ऐसे में प्रशासन से अपील है कि गांव में पराली प्रबंधन करने के लिए गांव करनौली में एक सरकारी बेलर मशीन दी जाए ताकि किसान समय पर फसल अवशेषों का सही निपटान करके रबी की फसलों बुवाई कर सके।
फसल अवशेष को जलाने से रोकने के लिए कृषि विभाग के द्वारा निगरानी रखी जा रही है। कृषि विभाग हरसैक के द्वारा मिलने वाली सभी लोकेशनाें पर पहुंचकर आग लगने का जायजा ले रहा है। वहीं पराली प्रबंधन के लिए किसानों को उचित मशीन उपलब्ध करवा रहा है।
- डॉ. राजपाल, तकनीकी सहायक।