{"_id":"00819f79e5dbe81429c0987c498bd347","slug":"including-drug-control-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रतिबंधित दवा सहित एक काबू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रतिबंधित दवा सहित एक काबू
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
Updated Fri, 19 Dec 2014 12:18 AM IST
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प्रतिबंधित दवा की गोलियों को ले जाते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। जिसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया । जहां से पूछताछ के लिए उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
बुधवार शाम सब इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार पुलिस पार्टी के साथ जाखल गांव की ओर गश्त पर थे। इसी दौरान रेलवे स्टेशन की ओर से गांव की ओर आ रहे एक व्यक्ति पर उन्हें शक हुआ। जिस पर उसके पास से मिले एक बैग की तलाशी ली गई तो उससे दवा की गोलियों के पत्ते मिले।
पुलिस ने इस पर मामले की जानकारी तुरंत उच्चाधिकारियों को दी। जानकारी मिलते ही पुलिस के टोहाना डीएसपी केपी सिंह, थाना प्रभारी राजीव कुमार मौके पर पहुंच गए। उन्होंने दवा की जांच कराने के लिए इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के ड्रग इंस्पेक्टर दिनेश कुमार को देते हुए उन्हें बुला लिया। ड्रग इंस्पेक्टर दिनेश कुमार ने व्यक्ति के पास से मिली दवाइयों की जांच की तो वह प्रतिबंधित होना बताया। उन्होंने ने बताया कि एल्पराजॉलाम व डाईजापाम ड्रग की गोलिया हैं। इंस्पेक्टर ने जांच कर बताया कि इन दवाइयों का इस्तेमाल नशे के तौर पर भी किया जाता है। जिस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए व्यक्ति के पास से मिली 3220 गोलियों को कब्जे में लेकर व्यक्ति लीला सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
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निजी चिकित्सक सतीश कुमार ने बताया कि अक्सर ही युवा लोग मानसिक संतुष्टि के लिए इस तरह की दवाइयाें का सेवन करते हैं जोकि सेहत के लिए काफी खतरनाक हैं। इससे मानसिक बीमारी बढ़ती है। पीड़ित मानसिक रोगी और लीवर का रोगी हो सकता है। नशेड़ी के शरीर में भी प्रतिरोधक क्षमता खत्म हो जाती है।
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बुधवार शाम सब इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार पुलिस पार्टी के साथ जाखल गांव की ओर गश्त पर थे। इसी दौरान रेलवे स्टेशन की ओर से गांव की ओर आ रहे एक व्यक्ति पर उन्हें शक हुआ। जिस पर उसके पास से मिले एक बैग की तलाशी ली गई तो उससे दवा की गोलियों के पत्ते मिले।
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पुलिस ने इस पर मामले की जानकारी तुरंत उच्चाधिकारियों को दी। जानकारी मिलते ही पुलिस के टोहाना डीएसपी केपी सिंह, थाना प्रभारी राजीव कुमार मौके पर पहुंच गए। उन्होंने दवा की जांच कराने के लिए इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के ड्रग इंस्पेक्टर दिनेश कुमार को देते हुए उन्हें बुला लिया। ड्रग इंस्पेक्टर दिनेश कुमार ने व्यक्ति के पास से मिली दवाइयों की जांच की तो वह प्रतिबंधित होना बताया। उन्होंने ने बताया कि एल्पराजॉलाम व डाईजापाम ड्रग की गोलिया हैं। इंस्पेक्टर ने जांच कर बताया कि इन दवाइयों का इस्तेमाल नशे के तौर पर भी किया जाता है। जिस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए व्यक्ति के पास से मिली 3220 गोलियों को कब्जे में लेकर व्यक्ति लीला सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
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निजी चिकित्सक सतीश कुमार ने बताया कि अक्सर ही युवा लोग मानसिक संतुष्टि के लिए इस तरह की दवाइयाें का सेवन करते हैं जोकि सेहत के लिए काफी खतरनाक हैं। इससे मानसिक बीमारी बढ़ती है। पीड़ित मानसिक रोगी और लीवर का रोगी हो सकता है। नशेड़ी के शरीर में भी प्रतिरोधक क्षमता खत्म हो जाती है।