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बारिश में किसानों ने लगाया जाम, पुतला फूंका
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फतेहाबाद के लालबत्ती चौक पर जाम लगाकर बैठे किसान।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। संयुक्त किसान मोर्चा फतेहाबाद में शामिल विभिन्न संगठनों ने केंद्र सरकार की किसान, मजदूर, नौजवान विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शहर के लालबत्ती चौक से चलकर शहीद ऊधम सिंह पार्क तक रोष मार्च निकाला। इसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य लालबत्ती चौक पर पहुंचे। यहां तेज बारिश के बीच एक घंटे तक सड़क पर धरना देते जाम लगाया और सरकार का पुतला फूंका।
सबसे पहले किसानों ने शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। प्रदर्शन की अध्यक्षता करते हुए मनफूल ढाका ने बताया कि शहीद ऊधम सिंह जैसे महान क्रांतिकारियों की सर्वोच्च शहादत की बदौलत ही देश को आजादी मिली, लेकिन आज एक बार फिर देश की केंद्र सरकार बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने की नीति के चलते हुए किसानों, मजदूरों और नौजवानों के लिए एक बेहतर जीवन जीना मुश्किल किया जा रहा है। इसका ताजा उदाहरण है कि दुग्ध उत्पादों और अनाज के ऊपर भी केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी लगा दी गई है। इसके कारण खाद्य पदार्थों की कीमतें और बढ़ेंगी, जिससे गरीब आदमी के लिए रोटी का संकट और भी गहरा हो जाएगा। अध्यक्ष मंडल में रविंद्र हिजरावां, रामकुमार बहबलपुरिया, रविंद्र कस्वां, सुभाष कंबोज शामिल रहे। संचालन योगेंद्र सिंह भूथन ने किया।
संयुक्त मोर्चा नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार दिल्ली धरने के स्थगन के समय मोर्चे से किए गए वादों से पीछे हट रही है। किसानों की फसलों का लाभकारी मूल्य देने के लिए एमएसपी पर कमेटी बनाने की बात हुई थी परंतु इसी दिशा में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ाया गया है। बिजली बिल 2020 को अभी भी रद्द नहीं किया गया है। लखीमपुर खीरी में किसानों की शहादत के लिए जिम्मेदारमंत्री व अन्य दोषी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं। अभी हाल ही में केंद्र सरकार देश की सुरक्षा को ताक पर रखते हुए और नौजवान विरोधी सेना भर्ती की अग्निपथ योजना लेकर आई है। संयुक्त किसान मोर्चा इसे तुरंत वापस लेने की मांग करता है।
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विरोध प्रदर्शन में मलकीत सिंह फौजी, सुरेश गढ़वाल, करमजीत सालमखेड़ा, नौजवान सभा के शाहनवाज, मोहनलाल नारंग, बेगराज प्रधान, जोगिंद्र भ्याना, पतराम ढाणी ईशर, डॉ. रामचंद्र, डॉ. भगवान दास कंबोज, पवन डूडी, पवन भूथन आदि शामिल रहे।
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सबसे पहले किसानों ने शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। प्रदर्शन की अध्यक्षता करते हुए मनफूल ढाका ने बताया कि शहीद ऊधम सिंह जैसे महान क्रांतिकारियों की सर्वोच्च शहादत की बदौलत ही देश को आजादी मिली, लेकिन आज एक बार फिर देश की केंद्र सरकार बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने की नीति के चलते हुए किसानों, मजदूरों और नौजवानों के लिए एक बेहतर जीवन जीना मुश्किल किया जा रहा है। इसका ताजा उदाहरण है कि दुग्ध उत्पादों और अनाज के ऊपर भी केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी लगा दी गई है। इसके कारण खाद्य पदार्थों की कीमतें और बढ़ेंगी, जिससे गरीब आदमी के लिए रोटी का संकट और भी गहरा हो जाएगा। अध्यक्ष मंडल में रविंद्र हिजरावां, रामकुमार बहबलपुरिया, रविंद्र कस्वां, सुभाष कंबोज शामिल रहे। संचालन योगेंद्र सिंह भूथन ने किया।
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संयुक्त मोर्चा नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार दिल्ली धरने के स्थगन के समय मोर्चे से किए गए वादों से पीछे हट रही है। किसानों की फसलों का लाभकारी मूल्य देने के लिए एमएसपी पर कमेटी बनाने की बात हुई थी परंतु इसी दिशा में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ाया गया है। बिजली बिल 2020 को अभी भी रद्द नहीं किया गया है। लखीमपुर खीरी में किसानों की शहादत के लिए जिम्मेदारमंत्री व अन्य दोषी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं। अभी हाल ही में केंद्र सरकार देश की सुरक्षा को ताक पर रखते हुए और नौजवान विरोधी सेना भर्ती की अग्निपथ योजना लेकर आई है। संयुक्त किसान मोर्चा इसे तुरंत वापस लेने की मांग करता है।
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विरोध प्रदर्शन में मलकीत सिंह फौजी, सुरेश गढ़वाल, करमजीत सालमखेड़ा, नौजवान सभा के शाहनवाज, मोहनलाल नारंग, बेगराज प्रधान, जोगिंद्र भ्याना, पतराम ढाणी ईशर, डॉ. रामचंद्र, डॉ. भगवान दास कंबोज, पवन डूडी, पवन भूथन आदि शामिल रहे।