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तनाव है तो अपनों से साझा करें बातें : डॉ. गिरीश

Thu, 30 Oct 2025 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Thu, 30 Oct 2025 11:33 PM IST
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If you are stressed, share your thoughts with your loved ones: Dr. Girish
फतेहाबाद के एमएम ​शिक्षण संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद छात्राएं व स्टाफ संवाद
फतेहाबाद। अगर आप तनाव में है तो छुपाएं नहीं, अपने माता-पिता, दोस्त से बात को साझा करें, तनाव कम होगा। अगर आप बात को किसी के साथ शेयर नहीं कर सकते है तो शीशे के सामने खड़े होकर खुद से बात करें तनाव कम होगा। हम अंदर ही अंदर घुटते रहते हैं जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है और उपचार लंबा हो जाता है।
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उक्त बातें नागरिक अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. गिरीश ने वीरवार को मनोहर मेमोरियल शिक्षण संस्थान में अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहे। डॉ. गिरीश ने छात्राओं को मनोरोग के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में प्रिंसिपल जनक रानी और डॉ. गुंजन बजाज, नागरिक अस्पताल के एमईओ गौरव डोडा समेत काफी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।
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हर दूसरा व्यक्ति तनाव में

मनोचिकित्सक डॉ. गिरीश ने कहा कि हर दूसरा व्यक्ति तनाव में है। इसके कारण लोग आत्महत्या जैसे कदम उठा रहे हैं। यहां तक जो दूसरों को हंसाते हुए नजर आते है वह भी तनावग्रस्त है और अपनी जिंदगी भी गवां रहे हैं। सिर्फ कारण ये है कि हम लोग मनोचिकित्सक के पास नहीं जाते है, क्योंकि इस बारे में हम जागरूक नहीं है। अगर कोई तनाव है, नींद नहीं आ रही है, घबराहट रहती है, मन में अलग-अलग विचार आते हैं तो मनोरोग विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। डॉ. गिरीश ने कहा कि मोबाइल फोन पर ज्यादा समय बिताने के कारण भी हम तनावग्रस्त हो रहे हैं। इस कारण चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है। इस पर नियंत्रण करना जरूरी है। खुद को मानसिक रूप से स्वस्थ रखना है तो व्यायाम करें, पौष्टिक आहार लें और अपनों के साथ समय जरूर बिताएं।
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खुलकर बात करें : डॉ. गुंजन

एमएम शिक्षण संस्थान के डॉ. गुंजन बजाज ने कहा कि हम खुलकर कोई बात किसी से नहीं करते हैं, जिससे तनावग्रस्त हो जाते हैं। अगर हम अपनी नजदीकी से बात करेंगे तो उसका समाधान जरूर निकलेगा और समस्या आधे से ज्यादा वहीं खत्म हो जाएगी। अगर हम मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं है तो पढ़ाई में भी आगे नहीं बढ़ पाएंगे।

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कार्यक्रम में मनोरोग से संबंधित जानकारी मिली है। विशेषज्ञ ने बताया कि अगर हमें कोई समस्या है तो उसे दूसरों से साझा जरूर करें, तनाव कम होगा। यहां काफी कुछ सीखने को मिला।

-परमजीत कौर, छात्रा।



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ग्रामीण क्षेत्र में आज भी लोग झाड़-फूंक की तरफ ज्यादा ध्यान देते हैं। इससे स्थिति और गंभीर हो जाती है। विशेषज्ञ ने बताया कि हमें इन चक्करों में न रहकर डॉक्टर से उपचार करवाना चाहिए।

-तमन्ना, छात्रा।



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कार्यक्रम में बताया गया कि हमारा मानसिक रूप से स्वस्थ होना जरूरी है। अगर हम दिमागी रूप से स्वस्थ होंगे तब ही आगे बढ़ पाएंगे। यहां पर सीखा कि अपनों के साथ ज्यादा समय बिताना चाहिए।


-आस्था, छात्रा।



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कार्यक्रम के माध्यम से पता चला है कि हमें किसी बात से घबराना नहीं चाहिए। समस्या आने पर उसे अपनों के साथ साझा करना चाहिए। कई बार छोटी सी समस्या आने पर हम तनाव में आ जाते हैं।

-पूजा, छात्रा।
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