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मिट्टी के सैंपल फेल हुए तो फिर टूटेगा चिल्ली झील का सपना
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
Updated Tue, 01 Dec 2015 11:55 PM IST
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इसके लिए चिल्ली की गाद और मिट्टी के सैंपल जांच के लिए कुरुक्षेत्र भेजे जाएंगे। अगर कुरुक्षेत्र से मिट्टी की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो चिल्ली को झील बनाने का सपना सिरे चढ़ेगा।
कहीं अगर खुदा ना खास्ता, रिपोर्ट में कुछ ऊंच-नीच हुई तो फिर इस प्रोजेक्ट को बंद तक किया जा सकता है।
बोर करके मिट्टी की विभिन्न परतों के लिए जाएंगे सैंपल
नगर परिषद सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चिल्ली के बिल्कुल बीचोंबीच बोर किया जाएगा। इस बोर के जरिए ही पानी के नीचे की मिट्टी की विभिन्न परतों के सैंपल इकट्ठे किए जाएंगे।
सूत्रों ने तो यहां तक बताया है कि विशेषज्ञ ये तक जांचेंगे कि चिल्ली की दलदल किस प्रकार की है। इसके पीछे उनकी मंशा ये जानने है कि कहीं चिल्ली की दलदल जानलेवा तो नहीं है।
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अगर ऐसा पाया जाता है तो पहले इस दलदल को ठीक करने के प्रयास किए जाएंगे। नगर परिषद अधिकारियों का साफ कहना है कि अगर कुरुक्षेत्र की जांच में मिट्टी के नमूनों की रिपोर्ट सही नहीं आती तो विभाग इस प्रोजेक्ट को बंद करने जैसा कदम भी उठा सकता है।
गौरतलब है कि इस प्रोजेक्ट को पहले भी एक बार हुड्डा सरकार नॉन फिजिबल बताकर बंद कर चुकी है लेकिन खट्टर सरकार ने इस प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू करवाया है।
चिल्ली पर पार्क को मिली तकनीकी मंजूरी, जल्द जारी होंगे टेंडर
नगर परिषद के विश्वस्त सूत्रों को खंगालने पर पता चला है कि चिल्ली के ऊपर पुरानी पुलिस लाइन की जमीन पर भव्य पार्क बनाने की तकनीकी मंजूरी नगर परिषद को मिल चुकी है।
हालांकि अभी तक इसका औपचारिक एलान नहीं किया गया है। इतना ही नहीं, पार्क बनाने के लिए नगर परिषद इसी माह के आखिर तक टेंडर भी निकाल सकती है। ऐसी सूरत में अंदाजा लगाया जा सकता है कि चिल्ली झील से तकरीबन 70 फीट ऊंचाई पर बनने वाले पार्क का निर्माण जनवरी में शुरू भी हो सकता है। इसके लिए बजट की राशि पहले ही नगर परिषद के खाते में आ चुकी है।
पुरानी पुलिस लाइन की जमीन पर पार्क का काम बहुत जल्द शुरू होने की उम्मीद है। इस माह के अंत टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके अलावा चिल्ली की मिट्टी के नमूने जांच के लिए कुरुक्षेत्र भेजे जाएंगे। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही इस प्रोजेक्ट पर आगे काम हो सकेगा।
एचके शर्मा, एमई, नगर परिषद, फतेहाबाद
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कहीं अगर खुदा ना खास्ता, रिपोर्ट में कुछ ऊंच-नीच हुई तो फिर इस प्रोजेक्ट को बंद तक किया जा सकता है।
बोर करके मिट्टी की विभिन्न परतों के लिए जाएंगे सैंपल
नगर परिषद सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चिल्ली के बिल्कुल बीचोंबीच बोर किया जाएगा। इस बोर के जरिए ही पानी के नीचे की मिट्टी की विभिन्न परतों के सैंपल इकट्ठे किए जाएंगे।
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सूत्रों ने तो यहां तक बताया है कि विशेषज्ञ ये तक जांचेंगे कि चिल्ली की दलदल किस प्रकार की है। इसके पीछे उनकी मंशा ये जानने है कि कहीं चिल्ली की दलदल जानलेवा तो नहीं है।
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अगर ऐसा पाया जाता है तो पहले इस दलदल को ठीक करने के प्रयास किए जाएंगे। नगर परिषद अधिकारियों का साफ कहना है कि अगर कुरुक्षेत्र की जांच में मिट्टी के नमूनों की रिपोर्ट सही नहीं आती तो विभाग इस प्रोजेक्ट को बंद करने जैसा कदम भी उठा सकता है।
गौरतलब है कि इस प्रोजेक्ट को पहले भी एक बार हुड्डा सरकार नॉन फिजिबल बताकर बंद कर चुकी है लेकिन खट्टर सरकार ने इस प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू करवाया है।
चिल्ली पर पार्क को मिली तकनीकी मंजूरी, जल्द जारी होंगे टेंडर
नगर परिषद के विश्वस्त सूत्रों को खंगालने पर पता चला है कि चिल्ली के ऊपर पुरानी पुलिस लाइन की जमीन पर भव्य पार्क बनाने की तकनीकी मंजूरी नगर परिषद को मिल चुकी है।
हालांकि अभी तक इसका औपचारिक एलान नहीं किया गया है। इतना ही नहीं, पार्क बनाने के लिए नगर परिषद इसी माह के आखिर तक टेंडर भी निकाल सकती है। ऐसी सूरत में अंदाजा लगाया जा सकता है कि चिल्ली झील से तकरीबन 70 फीट ऊंचाई पर बनने वाले पार्क का निर्माण जनवरी में शुरू भी हो सकता है। इसके लिए बजट की राशि पहले ही नगर परिषद के खाते में आ चुकी है।
पुरानी पुलिस लाइन की जमीन पर पार्क का काम बहुत जल्द शुरू होने की उम्मीद है। इस माह के अंत टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके अलावा चिल्ली की मिट्टी के नमूने जांच के लिए कुरुक्षेत्र भेजे जाएंगे। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही इस प्रोजेक्ट पर आगे काम हो सकेगा।
एचके शर्मा, एमई, नगर परिषद, फतेहाबाद