{"_id":"68b72a2c14d4687e6308e001","slug":"houses-continued-to-be-built-on-the-ponds-the-system-remained-asleep-the-main-reason-for-waterlogging-in-bhuna-is-encroachment-on-82-acres-of-ponds-fatehabad-news-c-127-1-ftb1003-139663-2025-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: जोहड़ों पर मकान बनते गए...सोया रहा सिस्टम, भूना में जलभराव का मुख्य कारण 82 एकड़ जोहड़ों पर अतिक्रमण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: जोहड़ों पर मकान बनते गए...सोया रहा सिस्टम, भूना में जलभराव का मुख्य कारण 82 एकड़ जोहड़ों पर अतिक्रमण
विज्ञापन
भूना में हिसार रोड पर विश्वकर्मा धर्मशाला के सामने तीन फीट पानी में फंसी रोडवेज बस और पैदल जाते
भूना। शहर में हर साल बारिश के बाद जलभराव की समस्या सामने आती है, लेकिन इसका मूल कारण अब भी अनदेखा है। 82 एकड़ में फैले पारंपरिक जोहड़ों की भूमि पर वर्षों से अवैध कब्जा है। वर्तमान में जलनिकासी के लिए जो जमीनें दशकों पहले छोड़ी गई थीं, वे आज रिहायशी और व्यावसायिक निर्माणों से घिर चुकी हैं।
हैरानी की बात यह है कि प्रशासनिक तंत्र की ओर से अब तक ना तो कोई सख्त कार्रवाई हुई है और ना ही किसी अधिकारी ने जिम्मेदारी ली है। हिसार रोड स्थित जनता धर्मशाला के पीछे कभी एक बड़ा तालाब हुआ करता था, जो इलाके का गंदा पानी एकत्र करता था। आज वहां शहीद भगत सिंह मार्केट, पुराना डाकखाना, कन्या स्कूल, और गुरु जंभेश्वर मंदिर के पीछे तक का पूरा क्षेत्र घना रिहायशी इलाका बन चुका है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में अब तक 80 से अधिक दुकानें और 200 से ज्यादा मकान बन चुके हैं। बगला जोहड़ जो कभी 15 एकड़ में फैला था, अब सिर्फ 4 एकड़ में सिमट चुका है। 11 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण हो चुका है।
विज्ञापन
इसके अलावा रामलीला ग्राउंड व गुरु रविदास मंदिर के पीछे स्थिति और भी खराब है। एक समय यहां 27 एकड़ में जोहड़ होता था, अब मुश्किल से 4 एकड़ जमीन बची है। बाकी हिस्से पर करीब 300 मकान बन चुके हैं। नतीजा जैसे ही बारिश होती है, इन इलाकों में जलभराव हो जाता है। लोगों को अपने घर छोड़ने तक की नौबत आ जाती है।
विज्ञापन
हैरानी की बात यह है कि प्रशासनिक तंत्र की ओर से अब तक ना तो कोई सख्त कार्रवाई हुई है और ना ही किसी अधिकारी ने जिम्मेदारी ली है। हिसार रोड स्थित जनता धर्मशाला के पीछे कभी एक बड़ा तालाब हुआ करता था, जो इलाके का गंदा पानी एकत्र करता था। आज वहां शहीद भगत सिंह मार्केट, पुराना डाकखाना, कन्या स्कूल, और गुरु जंभेश्वर मंदिर के पीछे तक का पूरा क्षेत्र घना रिहायशी इलाका बन चुका है।
विज्ञापन
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में अब तक 80 से अधिक दुकानें और 200 से ज्यादा मकान बन चुके हैं। बगला जोहड़ जो कभी 15 एकड़ में फैला था, अब सिर्फ 4 एकड़ में सिमट चुका है। 11 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण हो चुका है।
विज्ञापन
इसके अलावा रामलीला ग्राउंड व गुरु रविदास मंदिर के पीछे स्थिति और भी खराब है। एक समय यहां 27 एकड़ में जोहड़ होता था, अब मुश्किल से 4 एकड़ जमीन बची है। बाकी हिस्से पर करीब 300 मकान बन चुके हैं। नतीजा जैसे ही बारिश होती है, इन इलाकों में जलभराव हो जाता है। लोगों को अपने घर छोड़ने तक की नौबत आ जाती है।