{"_id":"86e434768c57761713d0c6e12e602a98","slug":"helpline-jaat-reservation-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"12 बार किए गए हेल्पलाइन पर फोन, एक बार भी नहीं उठा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
12 बार किए गए हेल्पलाइन पर फोन, एक बार भी नहीं उठा
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
Updated Sun, 28 Feb 2016 12:12 AM IST
विज्ञापन
जाट आंदोलन एवं मुरथल में कथित दरिंदगी के मामले में प्रदेश सरकार कितनी ही संवेदनशीलता बरतने की बात कर ले लेकिन जमीनी हकीकत ना केवल उससे उलट, बल्कि शर्मनाक भी है। शुक्रवार को प्रदेश सरकार की ओर से जिलावार जारी की गई हेल्प डेस्क नंबरों पर कोई रिस्पांस नहीं मिल रहा।
विज्ञापन
फतेहाबाद जिले के लिए जारी 01667-231174 नंबर पर शनिवार दोपहर एक बजकर दस मिनट से लेकर एक बजकर पचास मिनट तक तकरीबन 10 बार फोन किए जाने के बावजूद किसी ने फोन नहीं उठाया। इससे प्रशासन और सरकार की इस संवेदनशील मामले में गंभीरता पर सवाल उठना लाजिमी है।
विज्ञापन
वर्किंग डे पर ही चालू रहेगा नंबर
बता दें कि जाट आंदोलन के दौरान पीड़ितों की पूरी डिटेल जानने तथा सोनीपत के मुरथल में महिलाओं के साथ कथित दरिंदगी की खबरों पर संज्ञान लेने के लिए हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से हेल्पडेस्क स्थापित करने के निर्देश दिए थे। इस पर प्रदेश सरकार ने जिलावार हेल्प डेस्क नंबरों की लिस्ट जारी की थी।
विज्ञापन
इसी लिस्ट में शामिल फतेहाबाद के हेल्प डेस्क नंबर पर दोपहर में बार-बार फोन किए जाने के बाद भी कोई रिस्पांस नहीं लिया गया। अमर उजाला ने जब इस नंबर की जांच की तो यह नंबर कोर्ट कॉम्पलेक्स के पीछे स्थित एडीआर सेंटर का निकला। पूछताछ करने पर पता चला कि यह दफ्तर सिर्फ वर्किंग डे में ही खुलता है और इन्हीं दिनों में यहां विधिक सेवा प्राधिकरण की हेल्पडेस्क टीम के सदस्य बैठते हैं। अवकाश के दिन इन नंबरों पर कॉल करने का कोई लाभ नहीं होगा।
लापरवाही किस स्तर पर
संवेदनशील मामले में ऐसा नंबर जारी करने में भी जरूर लापरवाही बरती गई है। पीड़ितों की मदद के लिए जारी किया गया यह नंबर शनिवार और रविवार को यह नंबर बंद रहेगा।
ऐसे में मीडिया में इन नंबरों की सूची आने के बाद तो पीड़ित इन्हीं नंबरों पर सबसे पहले फोन करेगा, लेकिन अवकाश का दिन होने के इन नंबर से कोई रिस्पांस ना मिलने के कारण पीड़ित व्यक्ति का प्रशासनिक व्यवस्था से ध्यान हटेगा। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इतने गंभीर एवं संवेदनशील मसले पर लापरवाही आखिर किस स्तर पर बरती गई।
क्या कहते हैं अधिकारी
यह नंबर एसपी कार्यालय की ओर से जारी नहीं किया गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का यह नंबर है।
गंगाराम पूनिया, एएसपी फतेहाबाद
कुछ लोग संकोच के कारण पुलिस से अपनी बात नहीं कह पाते, इसलिए हाईकोर्ट ने यह नंबर जारी किया है। यह विधिक सेवा प्राधिकरण का नंबर है। पुलिस के 100 नंबर पर भी शिकायत की जा सकती है। अदालतों में दो दिन का अवकाश है। हो सकता है इसके बाद कोई वैकल्पिक नंबर जारी कर दिया जाए।
डॉ. जेके आभीर, एडीसी फतेहाबाद