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सेक्टर-3 के पॉलीक्लीनिक में खुलेगा नशा मुक्ति केंद्र

Sun, 07 Feb 2016 12:34 AM IST
मुकेश खुराना/अमर उजाला फतेहाबाद
मुकेश खुराना/अमर उजाला फतेहाबाद Updated Sun, 07 Feb 2016 12:34 AM IST
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पंजाब बॉर्डर से सटे फतेहाबाद जिले में नशे की बढ़ती लत से घबराई प्रदेश सरकार ने यहां नशा मुक्ति केंद्र खोलने का फैसला लिया है। सब कुछ ठीक ठाक रहा तो फतेहाबाद के हुडा सेक्टर स्थित पोलीक्लीनिक में एक सप्ताह के अंदर शुरू हो जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से बनाई गई कमेटी ने औपचारिकताएं पूरी कर प्रस्ताव निदेशक सोशल जस्टिस के पास भेजा है। वहां से मुहर लगते ही नशा मुक्ति केंद्र शुरू हो जाएगा।

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फतेहाबाद जिला पंजाब सीमा से सटा होने के कारण नशे की दलदल में फंसा हुआ है। पिछले दिनों स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और फतेहाबाद की एसपी रह चुकी एसपी संगीता कालिया के साथ नशे को लेकर हुई नोकझोंक के बाद फतेहाबाद सुर्खियों में आ गया। इसके  बाद चंडीगढ़ में पिछले डेढ़ साल से ठंडे बस्ते में पड़ी फाइल भी चल पड़ी।
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औपचारिकताएं पूरी करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से जिला समाज कल्याण अधिकारी, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के कार्यकारी अभियंता व सिविल सर्जन की कमेटी बनाई गई। कमेटी ने नशा मुक्ति केेंद्र्र खोलने के लिए पॉली क्लीनिक की दूसरी मंजिल पर जगह फाइनल करके प्रस्ताव जिला सोशल वेलफेयर ऑफिसर इंद्रा यादव को दिया।
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जहां से इसे अब लाइसेंस के लिए निदेशक सोशल जस्टिस के पास भेजा गया है। अधिकारियों की मानें तो एक सप्ताह के अंदर प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। निदेशक सोशल जस्टिस कार्यालय की आरे से एक बार 6 महीने के लिए अस्थायी लाइसेंस दिया जाएगा। उसके बाद इसे आगे बढ़ा दिया जाएगा।

बजट न के बराबर, इसलिए लगी पॉलीक्लीनिक पर मुहर

नशा मुक्ति केंद्र खोलने के लिए स्टाफ व जगह की जरूरत होती है। स्वास्थ्य विभाग के पास मौजूदा सिविल अस्पताल में जगह नहीं है। ऐसे में सहमति बनी कि पॉलिक्लीनिक में नशा मुक्ति केंद्र खोला जाए। यहां दो एमबीबीएस के अलावा मनोरोग विशेषज्ञ, आठ स्टाफ नर्स, अटेंडेंट, चौकीदार, स्वीपर तैनात हैं। ऐसे में दूसरी बिल्डिंग के साथ ज्यादा स्टाफ की जरूरत नहीं पड़ेगी।

सुर्खियों में आया फतेहाबाद तो दबी फाइल निकली बाहर

प्रशासन की ओर से वर्ष 2014 से नशा मुक्ति केंद्र खोलने का प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन वह ठंडे बस्ते में पड़ रहा। अगस्त 2015 में फिर नशा मुक्ति केंद्र खोलने की बात छिड़ी तो फिर बात दबा दी गई। इसी साल के अंतिम दिनों में जब स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और तत्कालीन एसपी संगीता कालिया के बीच विवाद हुआ तो मुख्यालय से ही नशा मुक्ति केंद्र खोलने की बात चल पड़ी। इसके बाद प्रशासन ने एक बार फिर औपचारिकताएं पूरी कर प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा है।

बजट के अभाव में बंद हो गया था केंद्र
फतेहाबाद में रेडक्रास की ओर से नशा मुक्ति केंद्र खोला गया जो लगभग 10 साल तक चला। लेकिन पैसे के अभाव में वर्ष 2008 में नशा मुक्ति केंद्र को बंद कर दिया गया। अब प्रशासन की ओर से ऐसा प्रस्ताव तैयार करके भेजा है, जिसमें नशा मुक्ति केंद्र चलाने के लिए बजट नहीं के बराबर जरूरत पड़ेगी।


नशा मुक्ति केंद्र खोलने के लिए पॉलीक्लीनिक में जगह फाइनल की है। लाइसेंस के लिए प्रस्ताव बनाकर निदेशक सोशल जस्टिस के पास भेजा है। उम्मीद है एक हफ्ते के अंदर मंजूरी मिल जाएगी।
डॉ. गिरीश, डिप्टी सिविल सर्जन

नशा मुक्ति केंद्र का प्रस्ताव आया है। फाइल को मुख्यालय में भेज दिया है।
इंद्रा यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी

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