फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Health center limited to first aid, 6 out of 10 cases are referred

प्राथमिक चिकित्सा तक सीमित स्वास्थ्य केंद्र, 10 में से 6 केस हो रहे रेफर

Tue, 06 Apr 2021 11:40 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 06 Apr 2021 11:40 PM IST
विज्ञापन
Health center limited to first aid, 6 out of 10 cases are referred
फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में ओपीडी कक्ष के बाहर बैठे मरीज। - फोटो : Fatehabad
आम आदमी के स्वास्थ्य पर अगर संकट आ जाए तो जोड़ी गई पूंजी इलाज में खर्च हो जाती है और भविष्य पर मुसीबत खड़ी हो जाती है। सरकार का दावा है कि अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं लेकिन धरातल पर ऐसा कुछ नहीं है। स्वास्थ्य के नाम पर बिल्डिंगें हैं लेकिन उसमें न डॉक्टर हैं और न ही बेहतर टेस्ट की सुविधा है। इमरजेंसी में उपचार के लिए सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है।
विज्ञापन

जिले के हालात ऐसे हैं कि यहां पर 145 में से डॉक्टरों के 95 पद खाली पड़े हैं। यहां तक कि जिला में डेंटल सर्जन के भी 20 पद खाली हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट खुद ये ब्यां कर रही हैं। अहम बात यह है कि कोरोना महामारी के बीच जिला अस्पताल में एक ही फिजीशियन है। उनके पास कोविड मरीज, टीबी मरीज, काला पीलिया मरीजों की जिम्मेदारी है। ये भी है कि सुविधाएं न मिल पाने के कारण रोजाना 10 में से 6 गंभीर अग्रोहा मेडिकल रेफर हो रहे है। संवाद
विज्ञापन

जानिए क्या है जिले में डॉक्टरों की स्थिति
अस्पताल स्वीकृत पद कार्यरत खाली
सिविल अस्पताल फतेहाबाद 42 17 25
पॉलीक्लीनिक हुडा 2 1 1
सिविल अस्पताल टोहाना 13 6 7
सिविल अस्पताल रतिया 13 2 11
पीएचसी हिजरावां 2 0 2
पीएचसी नागपुर 2 1 1
पीएचसी महमड़ा 2 0 2
पीएचसी अहरवां 2 1 1
पीएचसी भिरड़ाना 2 1 1
पीएचसी हसंगा 2 0 2
पीएचसी भूथनकलां 2 0 2
सीएचसी भट्टूकलां 7 2 5
पीएचसी पीलीमंदोरी 2 1 1
पीएचसी बनगांव 2 2 0
पीएचसी खैरातीखेड़ा 2 2 0
पीएचसी खाबड़ाकलां 2 0 2
सीएचसी बड़ोपल 7 1 6
पीएचसी बीघड़ 2 0 2
सीएचसी जाखल 7 4 3
पीएचसी मामुपुर 2 1 1
पीएचसी समैन 2 0 2
पीएचसी इंदाछुई 2 0 2
पीएचसी कुलां 2 0 2
पीएचसी म्योंदकलां 2 0 2
सीएचसी भूना 7 1 6
पीएचसी पिरथला 2 2 0
पीएचसी झलनियां 2 1 1
पीएचसी एमपीरोही 2 1 1
पीएचसी नहला 2 0 2
ये भी जानिए
जनसंख्या - 11 लाख
नागरिक अस्पताल - 3
सीएचसी - 6
पीएचसी - 21
सर्जन हैं न बच्चों का डॉक्टर, कहां जाए मरीज
जिला नागरिक अस्पताल की अगर बात करें तो यहां पर पिछले चार माह से शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं है। ये ही नहीं सर्जन का पद भी खाली है। अल्ट्रासाउंड गर्भवती के लिए पीपीपी के तहत चल रहा था जो कि फिलहाल बंद है। अस्पताल में एक्सरे भी दोपहर बाद नहीं होते है।
विज्ञापन
विज्ञापन

गंभीर मरीजों के लिए रेफरल अस्पताल
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक यहां से रोजाना 5 से 6 मरीज अग्रोहा मेडिकल रेफर हो रहे हैं। पिछले तीन माह में नागरिक अस्पताल फतेहाबाद की इनडोर ओपीडी में 2830 मरीज पहुंचे और यहां से 1702 मरीज रेफर किए गए है। अधिकारियों की माने तो दुर्घटना में गंभीर घायल मरीजों के लिए न्यूरो सर्जन, एमआरआई, सिटी स्कैन की जरूरत होती है जो कि यहां पर नहीं है। इसके चलते रेफर करना पड़ता है। इसके अलावा जहर के सेवन से प्रभावित मरीजों के लिए यहां सुविधा नहीं है।
कोरोना ने दिलवाए 15 वेंटिलेटर
जिले में गंभीर मरीजों के लिए वेंटिलेटर की जरूरत थी। पिछले साल कोरोना महामारी की शुरूआत हुई तो केंद्र सरकार और अन्य सामाजिक संस्थाओं की की तरफ से 15 वेंटिलेटर मिले है। ये वेंटिलेटर फतेहाबाद, रतिया और टोहाना के अस्पतालों को दिए गए है।
कोरोना सैंपल जांच लैब नहीं, 36 घंटों का इंतजार
कोरोना महामारी को एक साल हो चुका है लेकिन अभी तक यहां पर कोरोना सैंपल जांच लैब नहीं है। सैंपलों को जांच के लिए अग्रोहा मेडिकल भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने में 24 से 36 घंटों का समय लगता है। जिले में आरटीपीसीआर सैंपल करीब 112927 लिए जा चुके है। इनकी जांच जिले से बाहर की लैब में हुई है।

कोट
डॉक्टरों की कमी सभी जिलों में है। मुख्यालय स्तर पर व्यवस्था की जा रही है। हम फिर भी यहां पर अपने स्तर पर जांच और उपचार की सुविधा बढ़ा रहे है। कोरोना महामारी के दौरान डॉक्टरों ने मिलजुल कर काम किया है।
- डॉ. मनीष बंसल, सिविल सर्जन।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed