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Fatehabad News: मेहनत पर फिरा पानी, डूब गए किसानों के अरमान

Wed, 27 Aug 2025 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Wed, 27 Aug 2025 11:23 PM IST
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Hard work wasted, farmers' dreams drowned
गांव बहबनपुर के खेतों में बारिश से डूबी धान की फसल। स्रोत : किसान
फतेहाबाद। जिले में तीन दिनों तक जारी रही मूसलाधार बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। लगातार भारी बारिश के कारण धान और नरमा (कपास) की करीब 10 हजार एकड़ की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं।
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जिले में रविवार, सोमवार और मंगलवार को औसतन 161 एमएम बारिश से खेत तालाब बन गए हैं। गांव बनगांव, खाबड़ा कलां, ढाबी कलां, ढाबी खुर्द, शेखुपुर, रामसरा, ठुइंया, बनमंदोरी और पीलीमंदोरी, बड़ोपल, खाराखेड़ी और बहबनुपर आदि के किसानों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि प्रति एकड़ 50 हजार तक का नुकसान हुआ है। ऐसे में सरकार को स्पेशल गिरदावरी कर किसानों को मुआवजा जारी करना चाहिए ताकि किसान अगली फसल रबी की फसलों की बुवाई कर सके। संवाद
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लगातार चार वर्षों से पड़ रही है बारिश की मार
गांव बनगांव के किसान संदीप, मंदीप, तेजपाल, भूप और रामसिंह आदि ने बताया कि उनके गांव की ढिंगसरा- बवगांव की सड़क पर लगती पंचायती भूमि व उसके आसपास के खेतों में मानावाली, ढिंगसरा और बनगांव का पानी आता है। इससे यहां की करीब 300 एकड़ फसल पिछले चार वर्षों से नष्ट हो रही है। सिंचाई विभाग पाइप डालकर जलनिकासी कर देता है लेकिन फसलें नष्ट हो जाती है।
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धान और नरमा को नुकसान

बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान धान और नरमा की फसलों को हुआ है, यह फसलें जिले की मुख्य फसलें हैं। कई खेतों में तो धान की फसलें पूरी तरह से पानी में डूब गई हैं। नरमा की फसल के बारिश से पौधे गल गए हैं। किसानों का कहना है कि उनकी साल भर की मेहनत बर्बाद हो गई है। अब तो रबी की फसल की ही उम्मीद की जा सकती है।



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समय पर जल निकासी नहीं

गांव बनगांव, बड़ोपल, खाराखेड़ी और किरढ़ान में जल निकासी समय पर नहीं हो पाने के कारण फसलों में जलभराव हो गया। सिंचाई विभाग ने पानी निकालने के लिए पाइपलाइन बिछाई है, लेकिन इससे एक सप्ताह में पानी निकलने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि प्रशासन को पहले से ही जल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए था।



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पिछले चार साल से मेरी 10 एकड़ से अधिक की फसलें बारिश में डूब रही हैं। इससे हर साल नुकसान हो रहा है। 50 हजार प्रति एकड़ में जमीन ठेके पर ली थी। इसमें 15 हजार रुपये की धान की फसल की रोपाई का खर्च है।

संदीप, किसान,गांव बनगांव।



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मानसून की पहली बारिश से फसलों को फायदा हुआ था। लेकिन, इस सप्ताह हुई बारिश ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। सरकार स्पेशल गिरदावरी करवाकर जल्द से जल्द उचित मुआवजा जारी करना चाहिए। इससे किसानों को आर्थिक सहायता मिलेगी और वें अगली फसल की बुवाई करने की तैयारी कर सकेंगे
मंदीप, किसान, गांव बनगांव।

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दो दिन पहले हुई बारिश से मेरी 10 एकड़ धान की फसल में करीब चार फीट तक पानी जमा हो गया है। इससे पूरी तरह से फसल खराब हो गई है। प्रशासन की ओर से जलनिकासी का कोई प्रबंध नहीं किया गया है।

गग्गी चहल, जिला उप प्रधान पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति

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जिन-जिन गांवों में जलभराव की समस्या है। उन गांवों में पाइप लाइन डालकर जलनिकासी का अस्थायी प्रबंध किया गया है। बारिश ज्यादा होने के कारण पानी निकालने में समय लग रहा है। सिंचाई विभाग लगातार पानी निकालने के प्रयास में जुटा है।


हिमांशु, जेई, मैकेनिक विंग सिंचाई विभाग, फतेहाबाद।

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जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन करने के लिए टीमें भेजी हैं। नुकसान की विशेष गिरदावरी की प्रक्रिया शुरू शुरू है। गिरदावरी के बाद प्रशासन को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

श्याम लाल, जिला राजस्व अधिकारी, फतेहाबाद।
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