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Fatehabad News: जमीनी इंतकाल लंबित, इलेक्ट्रिशियन ने इच्छा मृत्यु की मांगी अनुमति, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को लिखेंगे पत्र
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फतेहाबाद में समाधान शिविर में शिकायत देने के बाद जानकारी देते हुए विकास उतरेजा
फतेहाबाद। समाधान शिविर में शिकायत देने के बावजूद जमीनी इंतकाल से जुड़ी लंबित समस्या का समाधान न होने से परेशान इलेक्ट्रिशियन विकास उतरेजा ने इच्छा-मृत्यु की अनुमति मांगी। वह वीरवार को समाधान शिविर में डीसी डॉ. विवेक भारती के सामने पेश हुआ और अपनी व्यथा सुनाई।
विकास उतरेजा पहले भी लघु सचिवालय में समाधान न होने पर धरना दे चुका है। उन्होंने बताया कि उनकी पारिवारिक जमीन का इंतकाल दर्ज करते समय वसीयत को नजरअंदाज किया और जिस व्यक्ति को कोर्ट ने खारिज कर दिया था, उसका नाम वसीयत में नहीं होने के बावजूद उसे शामिल किया गया। विकास ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने 20 हजार रुपये लेकर इंतकाल दर्ज किया और नियमों की अनदेखी की।
विकास ने कहा कि वह लंबे समय से अपने इंतकाल संबंधी मामले के निपटारे के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक कोई राहत नहीं मिली। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इच्छा-मृत्यु की मांग करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत देने पर अधिकारियों ने उन्हें धमकियां दीं और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में केस दर्ज करने की चेतावनी भी दी गई।
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जो आरोप लगाए गए हैं, वह गलत है। अगर व्यक्ति हमारी जांच से संतुष्ट नहीं है तो दूसरी जगह अपील करके जांच करवा सकते हैं। जांच को लेकर कई विकल्प हैं। - श्याम लाल, जिला राजस्व अधिकारी
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विकास उतरेजा पहले भी लघु सचिवालय में समाधान न होने पर धरना दे चुका है। उन्होंने बताया कि उनकी पारिवारिक जमीन का इंतकाल दर्ज करते समय वसीयत को नजरअंदाज किया और जिस व्यक्ति को कोर्ट ने खारिज कर दिया था, उसका नाम वसीयत में नहीं होने के बावजूद उसे शामिल किया गया। विकास ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने 20 हजार रुपये लेकर इंतकाल दर्ज किया और नियमों की अनदेखी की।
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विकास ने कहा कि वह लंबे समय से अपने इंतकाल संबंधी मामले के निपटारे के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक कोई राहत नहीं मिली। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इच्छा-मृत्यु की मांग करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत देने पर अधिकारियों ने उन्हें धमकियां दीं और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में केस दर्ज करने की चेतावनी भी दी गई।
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जो आरोप लगाए गए हैं, वह गलत है। अगर व्यक्ति हमारी जांच से संतुष्ट नहीं है तो दूसरी जगह अपील करके जांच करवा सकते हैं। जांच को लेकर कई विकल्प हैं। - श्याम लाल, जिला राजस्व अधिकारी