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Fatehabad News: बनगांव की धरती पर लौटेगी हरियाली, मियावाकी तकनीक से निखरेगा धरा का रंग

Mon, 13 Jul 2026 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Mon, 13 Jul 2026 12:48 AM IST
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Greenery will return to the soil of Bangaon; the land will be revitalized using the Miyawaki technique
गांव बनगांव में मियावाकी योजना के तहत दो वर्ष पहले लगाए गए पौधे। संवाद
फतेहाबाद। वन क्षेत्र बढ़ाने की दिशा में गांव बनगांव ने नई पहल की है। ग्राम पंचायत ने मियावाकी योजना के तहत पौधरोपण के लिए पांच एकड़ यानी दो हेक्टेयर पंचायती भूमि वन विभाग को दी है। मानसून के दौरान इस भूमि पर एक ही दिन में 20 हजार पौधे लगाए जाएंगे।
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वनों की अधिकता के कारण बनगांव नाम से पहचान रखने वाले इस गांव में पहले भी मियावाकी योजना के तहत पौधरोपण किया जा चुका है। वर्ष 2024 में जापानी तकनीक से लगाए गए 20 हजार पौधे अब विकसित होकर जंगल का रूप ले चुके हैं। वन विभाग ने जिले की ग्राम पंचायतों से मियावाकी योजना के तहत पौधरोपण के लिए भूमि उपलब्ध करवाने की मांग की थी।
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इसके बाद बनगांव के सरपंच प्रतिनिधि बलवान रणवां ने पंचायत भूमि उपलब्ध करवाई। अब पौधरोपण के बाद गांव में पेड़-पौधों की संख्या 50 हजार से अधिक पहुंचने की उम्मीद है। मियावाकी तकनीक कम जगह में अधिक पौधे लगाकर तेजी से हरियाली बढ़ाने में मदद करती है। इस पहल से गांव में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित क्षेत्र तैयार होगा।
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इन प्रजातियों का होगा पौधरोपण
वन विभाग की ओर से दो हेक्टेयर भूमि में नीम, बरगद, पीपल, शीशम, जामुन, सिरस, गुलमोहर, लेसुआ, शहतूत, बेरी, जाल, गुडहल, कचनार, कनेर, टिकोमा, अमलतास, बकैण, तुलसी, नींबू, कड़ी पता और जंडी के पौधे लगाए जाएंगे। इन पौधों को एक दूसरे के समीप लगाया जाएगा। जो कम स्थान घेरने के साथ ही अन्य पौधे की वृद्धि में भी सहायक होंगे। वहीं इस तकनीक से पौधे जल्दी जंगल में विकसित हो सकेंगे।
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वनों की अधिकता से नाम रखा बनगांव
जिला मुख्यालय से 8 किलोमीटर दूर स्थित गांव में वनों की अधिकता के कारण गांव का नाम बनगांव रखा गया था। ग्रामीण तेजपाल, रमेेश, ओमप्रकाश और भूप सिंह ने बताया कि पहले गांवों के चारों ओर वन थे जिससे गांव का नाम बनगांव रखा गया था। आबादी बढ़ने के बाद लोगों ने जंगलों की कटाई कर दी। जिसके बाद वन क्षेत्र कम हो गया। ग्राम पंचायत ने फिर से वनक्षेत्र बढ़ाने के लिए दो हेक्टेयर भूमि में पहले व दो भूमि में अब और पौधरोपण करने का निर्णय लिया है।
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गांव में है 100 से अधिक 50 वर्ष पुराने जाल के पेड़
गांव की पंचायती भूमि में जोहड़ के किनारे व बनगांव-ढिंगसरा रोड पर सैकड़ों जाल के पेड़ हैं। इन पेड़ों की आयु 50 वर्ष से अधिक है। जिन पेड़ों की आयु 70 वर्ष से अधिक हैं उनको वायु प्राण योजना में शामिल किया गया है। इसके अलावा गांव में पीपल, बरगढ़ और झाड़ियों की संख्या काफी है। ग्रामीण इन पेड़ों की सुरक्षा स्वयं कर रहे हैं।
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:: गांव में वनक्षेत्र को बढ़ाने के लिए कुल चार हेक्टेयर भूमि दी गई है। जिसमें 40 हजार से अधिक पौधे विकसित होंगे। जिससे क्षेत्र में पर्यावरण को शुद्ध बनाने में मदद मिलेगी।

- बलवान रणवा, सरपंच प्रतिनिधि, गांव बनगांव।
:: मियावाकी योजना के पौधरोपण करने के लिए कम से कम एक हेक्टेयर भूमि उपलब्ध होना जरूरी है। इस योजना के गांव बनगांव में दो हेक्टेयर भूमि पौधरोपण करने के लिए दी गई है। बारिश के बाद इनमें पौधरोपण किया जाएगा।
- राजेश लीलड़, जिला वन अधिकारी, फतेहाबाद।

गांव बनगांव में मियावाकी योजना के तहत दो वर्ष पहले लगाए गए पौधे। संवाद

गांव बनगांव में मियावाकी योजना के तहत दो वर्ष पहले लगाए गए पौधे। संवाद

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