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Fatehabad News: ग्राम पंचायतों को नहीं मिला पर्याप्त बजट, विकास कार्य अटके

Fri, 12 Jun 2026 10:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Fri, 12 Jun 2026 10:42 PM IST
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Gram Panchayats did not receive adequate budget; development works stalled
फतेहाबाद में ​स्थित पंचायती राज विभाग का कार्यालय। संवाद
फतेहाबाद। पंचायती राज विभाग से ग्राम पंचायतों को पर्याप्त बजट नहीं मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले करीब सवा साल से विकास कार्य अटक गए हैं। प्रदेश सरकार की ओर से पंचायतों को केंद्रीय व राज्य वित्त आयोग और एआईआर (असिस्टेंट इन रेवेन्यू) के माध्यम से किस्तों में बजट जारी किया जा रहा है।
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जिले की किसी भी पंचायत को आबादी के अनुसार भी अधिकतम 40 लाख रुपये से अधिक का बजट हासिल नहीं हो पाया है जिससे ग्रामीण क्षेत्र का विकास नहीं हो पा रहा हैं। बजट की कमी के चलते सरपंचों के गांवों के प्रवेश द्वार बनाने, खेल मैदानों की चहारदीवारी करने और टूटी गलियों व नालियों के निर्माण जैसे बुनियादी कार्यों के लिए भी पंचायतों के पास पर्याप्त बजट नहीं है। वहीं पूर्व में हुए कुछ कार्यों की पेंडिंग पेमेंट न होने के कारण भी सरपंच नए टेंडर लगाने से डर रहे हैं। छोटे-छोटे मरम्मत कार्यों के लिए भी सरपंचों को अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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बड़े विकास कार्य ठप, सरपंचों में रोष
पिछले सवा साल से जिले की किसी भी ग्राम पंचायत में कोई बड़ा या प्रोजेक्ट-आधारित विकास कार्य शुरू नहीं हो सका है। आबादी के अनुपात में मिलने वाला यह नाममात्र का बजट केवल प्रशासनिक खर्चों और बेहद जरूरी सफाई या स्ट्रीट लाइट जैसे कामों में ही सिमट कर रह गया है। इस वित्तीय संकट के चलते जिले के सरपंचों का कहना है कि जनता ने उन्हें गांव के विकास के लिए चुना था, लेकिन बिना बजट वे खुद को लाचार महसूस कर रहे हैं। यदि जल्द ही विशेष ग्रांट या अतिरिक्त बजट जारी नहीं किया गया, तो ग्रामीण अंचल की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी।
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गांवों में विकास कार्यों को लेकर कई तरह की दिक्कतें हैं तकनीकी काम का इसका एस्टीमेट तैयार करते हैं लेकिन बजट पर्याप्त नहीं मिल पाता। इससे कार्य लंबे समय तक नहीं हो पाता। गांव में पिछले सवा साल में मात्र 30 लाख रुपये का बजट आया है। इस राशि से तो गली का निर्माण करना भी मुश्किल है। बड़ा बजट न आने से गांव का प्रवेश का काम शुरू नहीं हो सका है।
- राजकुमार बैनीवाल, सरपंच भूथनकलां।
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गांव किरढान में अभी 39 लाख बजट आया है। इससे पहले 21 लाख रुपये का बजट आया है। कस्तूरबा गांधी स्कूल से लेकर गांव के मैन चौक तक फिरनी पक्की करवानी है जिसका अनुमानित खर्च 40 लाख है। वहीं खेल मैदान कह चहारदीवारी, आंबेडकर भवन का मरम्म्त कार्य आदि करवाना है। इसके अलावा गांव का मुख्य द्वार का काम करवाना है लेकिन बजट नहीं मिल रहा है।
- राजेश भिंचर, सरपंच गांव किरढान।
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सवा साल पहले 6 लाख रुपये आए थे। गांव का मुख्य द्वार तीन बड़ी गलियां और तालाब का निर्माण कार्य करवाना है जिस पर करोड़ों के बजट की आवश्यकता है। अगले दो से तीन दिनों में 20 लाख रुपये का बजट जारी होने की उम्मीद है। यह राशि गांव के विकास कार्यों के लिए पर्याप्त नहीं है।

- बलवंत जाखड़, सरपंच, गांव ढाबी कलां।
:: पंचायती राज विभाग में गांव की आबादी के अनुसार बजट जारी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी ने ग्राम पंचायतों के हाल ही बजट जारी किया है। इससे जल्द ग्राम पंचायतों के पास राशि पहुंच जाएगी।
- सुशील सिंगला, बीडीपीओ, फतेहाबाद।
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