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Fatehabad News: स्थानीय कारोबार को बढ़ावा देने के लिए गंभीरता से कोई पॉलिसी बनाएं सरकार

Sat, 14 Oct 2023 10:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sat, 14 Oct 2023 10:18 PM IST
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Government should seriously make a policy to promote local business
फतेहाबाद।
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ऑनलाइन बिक्री में बेतहाशा बढ़ोतरी ने शहर के बाजारों में कारोबार को बड़े पैमाने पर प्रभावित किया है। लोकल कारोबार में कमी आने से दुकानदारों में निराशा का भाव है। दुकानदारों का कहना है कि ऑनलाइन कारोबार में कई जोखिम हैं, लेकिन बाजार में बैठे दुकानदारों का भरोसेमंद काम होता है। स्थानीय कारोबार को बढ़ावा देने के लिए सरकार गंभीरता से कोई पॉलिसी बनाएं।
लोकल कारोबार को बढ़ावा देने से ही उस क्षेत्र का विकास रफ्तार पकड़ता है। इस समय फतेहाबाद शहर में स्थानीय कामकाज नाममात्र का रहने के कारण लोग अन्य राज्यों व विदेशों की ओर रुख कर रहे हैं। कई कारोबारी परिवार नोएडा, दिल्ली शिफ्ट हो चुके हैं। दुकानदारों का मानना है कि स्थानीय बाजार की रौनक ही विकास के रास्ते तय करती है।
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सरकार की ऑनलाइन पॉलिसी से छोटे दुकानदार खत्म हो रहे हैं। विदेशी कंपनियां ऑनलाइन करोड़ों रुपये का बिजनेस बिना दुकान खोल ही कर रही है। देश का पैसा विदेशों में जा रहा है। यही कारण है कि अब स्थानीय दुकानदारों के पास काम नहीं बचा है। आम नागरिक को जिम्मेदारी उठानी होगी कि वह लोकल दुकानदार को तवज्जो दें।
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-विनोद अरोड़ा, उपप्रधान, व्यापार मंडल

आजकल हर कोई ऑनलाइन खरीदारी पर जोर दे रहा है। ऑनलाइन कारोबार में खर्च कम और आमदनी उतनी ही रहती है। मेडिकल कॉलेज या विश्वविद्यालय जैसी सौगात शहर में हों तो बाहर के लोगों का आवागमन होगा, इससे स्थानीय बाजार में भी काम को बढ़ावा मिलेगा। इंडस्ट्री तो कोई यहां है नहीं। स्थानीय कारोबार को गति देने के लिए प्रदेश सरकार को विशेष ध्यान देना होगा।
-नवीन ललित, दुकानदार

बाजारों में काम न होने का कारण ऑनलाइन पर घर बैठे सामान ऑर्डर पर मिल जाना है। सामान को बदलने के लिए भी घर से निकलने की जरूरत नहीं है। घर बैठे ही सुविधा मिल जाती है। अब तो शहर में कोई शिक्षण संस्थान खुले या कारखाना लगे तभी बाजार उठ सकता है। मौजूदा स्थिति तो बाजार की बेहद खराब है।
-दीपक अग्रवाल, दुकानदार

आजकल दवाइयां भी बिना पर्ची के ऑनलाइन मिल जाती है। नशे की दवाएं बाजार में ना बिके, इसके लिए सरकार सख्त कदम उठाती है, लेकिन ऑनलाइन में नकली दवाई सप्लाई भी अक्सर होती है। इसका असर उपभोक्ता को सहना पड़ता है। ऑनलाइन को मिल रहे बढ़ावे से बाजार का हर वर्ग प्रभावित है।
-रसप्रीत सिंह ग्रोवर, कैमिस्ट

लोग आनलाइन सामान मंगवा कर उसे इस्तेमाल करके वापस भेज देते हैं। मगर यह सुविधा बाजारों में नहीं मिलती, इसलिए ऑनलाइन व्यापार फल फूल रहा है। त्योहार में ऑनलाइन करोड़ों की सेल लगाकर चांदी कूट रहे हैं। स्थानीय बाजार बेजान हो गए हैं। आम ग्राहकों को सोचना होगा कि स्थानीय दुकानदारों से उनका मानवता का नाता है।

-देवेंद्र मोंगा, रेडिमेड दुकानदार

स्थानीय बाजार में काम नहीं होने से अब मां-बाप युवाओं को विदेशों में सेट करने में लगे हैं। फतेहाबाद में न इंडस्ट्री है, न कोई बड़ा शिक्षण संस्थान है। मेडिकल कॉलेज से उम्मीद जगी थी, वह भी गांव में बनवा रहे हैं। ऐसे में स्थानीय दुकानदार हताश हो चुके हैं। कारोबार को संजीवनी देने की जरूरत है। यह पहल सरकार को करनी चाहिए।
-ललित चौधरी, दुकानदार
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