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Fatehabad News: सरकार और राइस मिलरों के बीच सहमति न बनने से नहीं शुरू हुई धान की सरकारी खरीद

Wed, 02 Oct 2024 12:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Wed, 02 Oct 2024 12:14 AM IST
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Government procurement of paddy did not start due to lack of agreement between the government and rice millers
फतेहाबाद। जिले में धान की सरकारी खरीद करने के लिए सरकार ने 27 सितंबर से निर्देश जारी कर दिए थे। लेकिन पांच दिन बाद भी परमल धान की सरकारी खरीद नहीं शुरू नहीं हो सकी है। इस कारण किसानों को धान की फसल को अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे रखकर सरकारी खरीद शुरू होने का इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में किसान न तो अपने घर जा सकते हैं न ही मंडी में चैन की नींद ले सकते हैं।
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वहीं, अभी फसलों की कटाई का काम जोरों पर चलने के कारण किसान अपनी फसल की कटाई भी समय पर नहीं कर पा रहे हैं। धान की सरकारी खरीद काे लेकर राइस मिलरों और सरकार के बीच भ्रांतियां है। इसके कारण राइस मिलर धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं कर रहे है। इस दौरान फतेहाबाद राइस मील एसोसिएशन के प्रधान मनीष कुमार ने बताया की सरकार राइस मिलरों की मांग नहीं मान रही है। इसके कारण राइस मिलर धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं कर रहे हैं और जब तक सभी मांगे नहीं मानी जाती है तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
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ये हैं राइस मिलरों की मुख्य मांगें
धान की फसल से चावल निकालने के बाद सरकार के द्वारा चावल रखने की जगह दी जाए। मिलिंग चार्ज 10 रुपये से बढ़ाकर 120 रुपये प्रति क्विंटल किए जाए, पिछले 30 वर्षो से मिलिंग चार्ज में बढ़ोतरी नहीं की गई है। हाइब्रिड धान में धान में चावल कम निकलता है ऐसे में धान का कोटा प्रति क्विंटल 64 किलोग्राम से बढ़ाकर 67 किलोग्राम किया जाए। राइस मिलरों को पिछले साल का बकाया भुगतान किया जाए। पिछले साल सरकार के द्वारा चावल रखने के लिए सिरसा और भट्टू कलां में जगह दी गई थी। लेकिन किराया फतेहाबाद का ही दिया गया है। ऐसे में राइस मिलरों को काफी नुकसान हुआ है। इसको लेकर मंगलवार को कुरुक्षेत्र में बैठक हुई है और बुधवार को पटियाला में बैठक होगी। ऐसे में जब तक सरकार के द्वारा मांगे नहीं मानी जाती है तब तक राइस मिलर धान की खरीद शुरू नहीं करेंगे।
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मैं पिछले सात दिनों से फतेहाबाद की पुरानी अनाज मंडी में धान की सरकारी खरीद का इंतजार कर रहा हूं। मेरे पास अभी तक कोई भी व्यापारी अभी तक खरीद करने नहीं पहुंचा है। मेरी धान की फसल बिल्कुल सूखी है। वहीं धान की फसल बेचकर आगे फसलों के लिए खेत की बुवाई का काम भी करना है।
इंद्रराज, किसान, गांव नागपुर
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मैं पिछले 12 दिनों से मंडी में धान की खरीद शुरू होने का इंतजार कर रहा हूं। मगर मेरे पास कोई भी खरीदार नहीं पहुंचा है। निजी व्यापारी भी किसानों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए परमल धान की फसल का भाव 1500 रुपये प्रति क्विंटल लगा रहे हैं।

नौरंग, किसान, गांव बीघड़
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फतेहाबाद की अनाज मंडी में अभी तक जो भी परमल धान की ढेरी पहुंची है। उन सभी ढेरियों में नमी की जांच कर ली गई है। अभी तक मंडी में पहुंची धान की ढेरियों में नमी की मात्रा 17 प्रतिशत से ज्यादा है। जैसे ही कोई धान की ढेरी सरकार द्वारा तय मानकों को पूरा करेगी तो उस ढेरी की खरीद कर ली जाएगी।
विनीत जैन, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक, फतेहाबाद
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