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Fatehabad News: मुक्ति और भक्ति मार्ग पर चलने का संदेश दिया
Sun, 23 Nov 2025 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 23 Nov 2025 11:20 PM IST
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शिव महिला मंडल द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह में कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धाल
रतिया। टिब्बा कालोनी स्थित श्रीराम आश्रम शिव मंदिर में मंदिर कमेटी और शिव महिला मंडल की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह में कथावाचक पंडित केशव शास्त्री ने श्रद्धालुओं को प्रवचन दिया।
उन्होंने कहा कि आत्मा को जन्म और मृत्यु के बंधन से मुक्त कराने के लिए भक्ति मार्ग अपनाना और सत्कर्म करना आवश्यक है। पंडित शास्त्री ने बताया कि हवन-यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है और व्यक्ति में आत्मिक बल और धार्मिक आस्था जागृत होती है। इसके माध्यम से देवता प्रसन्न होकर मनवांछित फल प्रदान करते हैं। श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से व्यक्ति भवसागर से पार होकर पाप पुण्य में बदल सकते हैं।
उन्होंने श्रद्धालुओं को धर्मशास्त्रों का सम्मान करने और महापुरुषों के बताए मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने से मानसिकता शुद्ध होती है और मन अच्छाई की ओर अग्रसर होता है।
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शास्त्री ने कहा कि इंसान को हमेशा अच्छाई के मार्ग पर चलते हुए अच्छे कार्य करने चाहिए। उन्होंने दीन-दुखियों और जरूरतमंदों की मदद को मानव धर्म का सर्वोच्च कार्य बताया। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने पंडित शास्त्री के प्रवचन को ध्यानपूर्वक सुना और धार्मिक मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। यज्ञ सप्ताह के दौरान मंदिर परिसर में हवन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी संपन्न हुए।
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उन्होंने कहा कि आत्मा को जन्म और मृत्यु के बंधन से मुक्त कराने के लिए भक्ति मार्ग अपनाना और सत्कर्म करना आवश्यक है। पंडित शास्त्री ने बताया कि हवन-यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है और व्यक्ति में आत्मिक बल और धार्मिक आस्था जागृत होती है। इसके माध्यम से देवता प्रसन्न होकर मनवांछित फल प्रदान करते हैं। श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से व्यक्ति भवसागर से पार होकर पाप पुण्य में बदल सकते हैं।
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उन्होंने श्रद्धालुओं को धर्मशास्त्रों का सम्मान करने और महापुरुषों के बताए मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने से मानसिकता शुद्ध होती है और मन अच्छाई की ओर अग्रसर होता है।
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शास्त्री ने कहा कि इंसान को हमेशा अच्छाई के मार्ग पर चलते हुए अच्छे कार्य करने चाहिए। उन्होंने दीन-दुखियों और जरूरतमंदों की मदद को मानव धर्म का सर्वोच्च कार्य बताया। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने पंडित शास्त्री के प्रवचन को ध्यानपूर्वक सुना और धार्मिक मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। यज्ञ सप्ताह के दौरान मंदिर परिसर में हवन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी संपन्न हुए।