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परमाणु प्लांट में मिट्टी ढुलाई के नाम पर गिरोह ने गायब किए 50 से अधिक ट्रैक्टर
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न्यूक्लियर पावर प्लांट गोरखपुर में मिट्टी ढुलाई का कार्य करने का झांसा देकर एक शातिर गिरोह ने हरियाणा व पंजाब से 50 से अधिक ट्रैक्टर-डंपर लाकर एक षड्यंत्र के तहत गायब कर दिए। इस संबंध में पुलिस ने 13 पीड़ित लोगों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज करके आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। वहीं भट्टूकलां पुलिस ने गिरोह में शामिल एक गुर्गे को काबू कर तीन ट्रैक्टर-डंपर बरामद किए हैं। हालांकि गिरोह का सरगना अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है।
गांव धारणिया के सुरजीत सिंह व नाथी देवी, बनगांव के छज्जू राम, हिसार के योगेश कुमार, चिंदड़ की सुखविंदर कौर व मनदीप कौर, ढांड के प्रदीप कुमार, राजेंद्र सिंह, संदीप कुमार, किरढ़ान के सुरजीत सिंह, ढुईयां की फूली देवी, कन्हैया लाल आदि ने पुलिस अधीक्षक फतेहाबाद को शिकायत देकर बताया था कि भूना खंड के गांव चौबारा निवासी नरेश कुमार उर्फ बिट्टू, गांव कुलेरी निवासी सोनू व केडी नामक युवकों ने एक षड्यंत्र रचकर ट्रैक्टर व डंपर किराये पर लेकर उन्हें गायब करने का धंधा चलाया हुआ है। गिरोह के सदस्यों ने ग्रामीण व किसानों को विश्वास में लेकर 35 हजार रुपये प्रति महीना देने का लालच दिया था। पीड़ितों ने बताया कि मुख्य आरोपी नरेश कुमार ने उन्हें झांसे में लेकर भरोसा दिया था कि उनके ट्रैक्टर डंपर गोरखपुर में निर्माणाधीन परमाणु पावर प्लांट में मिट्टी ढुलाई के काम पर लगाए जाएंगे। मगर पिछले तीन महीनों से बैंक में एक भी पैसा नहीं आया तो आरोपी नरेश के नंबर पर संपर्क किया गया तो मोबाइल स्विच ऑफ था। इसके बाद किसानों ने पावर प्लांट में जाकर पता किया तो मामला पूरा फर्जी निकला, क्योंकि पावर प्लांट में ट्रैक्टर डंपर नहीं थे। पावर प्लांट गोरखपुर के नाम पर हरियाणा व पंजाब के 50 से अधिक किसानों ने अपने-अपने ट्रैक्टर-डंपर व ट्राली किराए पर दिए हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406, 120 बी के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया है।
गिरोह का एक गुर्गा काबू, तीन ट्रैक्टर-डंपर बरामद
भट्टूकलां थाना अध्यक्ष ओमप्रकाश चुघ ने बताया कि जालसाजी और धोखाधड़ी से ट्रैक्टर हड़पने का एक बहुत बड़ा गिरोह सक्रिय है, जिसमें 6-7 लोग शामिल हैं। पुलिस ने गिरोह के एक गुर्गे को काबू किया है, जिससे रिमांड के दौरान तीन ट्रैक्टर बरामद कर लिए गए हैं, जो आगे बेच दिए गए थे। गिरोह का मुख्य सरगना नरेश चौबारा की धरपकड़ के लिए पुलिस अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही है।
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गिरोह ने षडयंत्र रचा : डीएसपी
डीएसपी सतेंद्र दहिया ने बताया कि किसानों को ट्रैक्टर-डंपर का ज्यादा किराया देने और लंबे समय तक परमाणु संयंत्र गोरखपुर में काम करने का भरोसा देकर एक शातिर गिरोह ने बड़ा षड्यंत्र रचा है, जिसका पुलिस जल्द ही पटाक्षेप करेगी। इस गिरोह ने जिले के कई गांवों के लोगों को ठगा है।
हमारा लेना-देना नहीं : प्लांट मैनेजर
न्यूक्लियर पावर प्लांट के सीनियर मैनेजर होशियार सिंह ने बताया कि कंपनी टेंडर प्रणाली की अनिवार्यता को फॉलो करती है। टेंडर के बिना कोई भी काम किसी व्यक्ति विशेष को नहीं दिया जाता। इसलिए लोगों को किसी कार्य एवं नौकरियों के लिए किसी के झांसे में नहीं आना चाहिए। इस मामले से हमारा कोई लेना देना नहीं है। ऐसे ठगों से बचना चाहिए।
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गांव धारणिया के सुरजीत सिंह व नाथी देवी, बनगांव के छज्जू राम, हिसार के योगेश कुमार, चिंदड़ की सुखविंदर कौर व मनदीप कौर, ढांड के प्रदीप कुमार, राजेंद्र सिंह, संदीप कुमार, किरढ़ान के सुरजीत सिंह, ढुईयां की फूली देवी, कन्हैया लाल आदि ने पुलिस अधीक्षक फतेहाबाद को शिकायत देकर बताया था कि भूना खंड के गांव चौबारा निवासी नरेश कुमार उर्फ बिट्टू, गांव कुलेरी निवासी सोनू व केडी नामक युवकों ने एक षड्यंत्र रचकर ट्रैक्टर व डंपर किराये पर लेकर उन्हें गायब करने का धंधा चलाया हुआ है। गिरोह के सदस्यों ने ग्रामीण व किसानों को विश्वास में लेकर 35 हजार रुपये प्रति महीना देने का लालच दिया था। पीड़ितों ने बताया कि मुख्य आरोपी नरेश कुमार ने उन्हें झांसे में लेकर भरोसा दिया था कि उनके ट्रैक्टर डंपर गोरखपुर में निर्माणाधीन परमाणु पावर प्लांट में मिट्टी ढुलाई के काम पर लगाए जाएंगे। मगर पिछले तीन महीनों से बैंक में एक भी पैसा नहीं आया तो आरोपी नरेश के नंबर पर संपर्क किया गया तो मोबाइल स्विच ऑफ था। इसके बाद किसानों ने पावर प्लांट में जाकर पता किया तो मामला पूरा फर्जी निकला, क्योंकि पावर प्लांट में ट्रैक्टर डंपर नहीं थे। पावर प्लांट गोरखपुर के नाम पर हरियाणा व पंजाब के 50 से अधिक किसानों ने अपने-अपने ट्रैक्टर-डंपर व ट्राली किराए पर दिए हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406, 120 बी के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया है।
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गिरोह का एक गुर्गा काबू, तीन ट्रैक्टर-डंपर बरामद
भट्टूकलां थाना अध्यक्ष ओमप्रकाश चुघ ने बताया कि जालसाजी और धोखाधड़ी से ट्रैक्टर हड़पने का एक बहुत बड़ा गिरोह सक्रिय है, जिसमें 6-7 लोग शामिल हैं। पुलिस ने गिरोह के एक गुर्गे को काबू किया है, जिससे रिमांड के दौरान तीन ट्रैक्टर बरामद कर लिए गए हैं, जो आगे बेच दिए गए थे। गिरोह का मुख्य सरगना नरेश चौबारा की धरपकड़ के लिए पुलिस अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही है।
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गिरोह ने षडयंत्र रचा : डीएसपी
डीएसपी सतेंद्र दहिया ने बताया कि किसानों को ट्रैक्टर-डंपर का ज्यादा किराया देने और लंबे समय तक परमाणु संयंत्र गोरखपुर में काम करने का भरोसा देकर एक शातिर गिरोह ने बड़ा षड्यंत्र रचा है, जिसका पुलिस जल्द ही पटाक्षेप करेगी। इस गिरोह ने जिले के कई गांवों के लोगों को ठगा है।
हमारा लेना-देना नहीं : प्लांट मैनेजर
न्यूक्लियर पावर प्लांट के सीनियर मैनेजर होशियार सिंह ने बताया कि कंपनी टेंडर प्रणाली की अनिवार्यता को फॉलो करती है। टेंडर के बिना कोई भी काम किसी व्यक्ति विशेष को नहीं दिया जाता। इसलिए लोगों को किसी कार्य एवं नौकरियों के लिए किसी के झांसे में नहीं आना चाहिए। इस मामले से हमारा कोई लेना देना नहीं है। ऐसे ठगों से बचना चाहिए।