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Fatehabad News: सिरसा के मुकाबले फतेहाबाद जिले में चार गुना अधिक जली पराली

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Nov 2023 11:03 PM IST
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Four times more stubble burnt in Fatehabad district than Sirsa
फतेहाबाद से भट्टू जीटी रोड पर गांव मानावाली के पास सड़क पर छाया धुआं।
फतेहाबाद। प्रदेश के धान उत्पादक मुख्य जिलों में पिछले तीन सालों से फतेहाबाद जिला ही पराली जलाने के मामले में पहले नंबर पर चला आ रहा है। कृषि विभाग इस बात से खुश है कि पिछले तीन सालों में पराली जलाने के मामले में घटे हैं, लेकिन इस बात को भुलाए बैठा है कि पराली जलाने के मामले में अभी भी प्रदेश में नंबर वन स्थान फतेहाबाद जिले ने ही ले रखा है, जिले में अब तक 476 पराली जलाने के मामले सामने आ चुके हैं जबकि सिरसा में सिर्फ 114 जगहों पर पराली जलाई गई है। फतेहाबाद जिले में सिरसा से चार गुना अधिक पराली जलाई गई है।प्रदेश में मुख्य तौर पर कैथल, जींद, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला व सिरसा में सबसे अधिक धान का उत्पादन होता है, जिसके इस बेल्ट को प्रदेश में धान का कटोरा भी कहा जाता है। पिछले तीन सालों में इन जिलों में ही सबसे अधिक पराली को आग लगाई गई। इस साल पराली जलाने के मामले में दूसरे नंबर पर जो जिला चल रहा है वह जींद है यहां पराली जलाने के अब 299 मामले आए हैं। कैथल में 263, करनाल में 116 कुरुक्षेत्र में 151 और अंबाला में 165 जगहों पर पराली में आग लगाई गई है।
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सबसे अधिक पराली जलाने का दौर वर्ष 2021 में आया था। उस समय इन जिलों में जमकर पराली जलाई गई थी। फतेहाबाद जिले में वर्ष 2021 में सबसे अधिक 1234 स्थानों पर पराली जली थी। दूसरे नंबर पर कैथल था, जहां 1123 जगह पर पराली जली थी। तीसरे स्थान पर करनाल जिला रहा था, जहां पर 911 स्थानों पर पराली जली थी। इसके अलावा जींद में 680, कुरुक्षेत्र में 528, अंबाला में 296, सिरसा में 300 स्थानों पर पराली जली।
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इस दौरान एनजीटी की फटकार के बाद अगले साल कृषि विभाग ने अपने स्तर पर किसानों को समझाने का प्रयास किया। जिसके चलते वर्ष 2022 में फतेहाबाद जिले में पराली जलाने की घटनाएं कम तो हुईं, लेकिन पूरे प्रदेश में जिला पहले स्थान पर रहा। इस साल पराली जलाने की 767 घटनाएं सामने आई थीं। वहीं कैथल दूसरे व जींद तीसरे स्थान पर रहा था। इस साल भी अब तक जिले में पराली जलाने की घटनाओं में कोई खास कमी नहीं आई है।
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वीरवार को 15 स्थानों पर जलाई गई पराली
फतेहाबाद में वीरवार को भी 15 स्थानों पर फायर लोकेशन हरसेक ने कृषि विभाग को भेजी है। अब तक 250 किसानों को 6,35000 हजार रुपये का जुर्माना ठोका जा चुका है। निरंतर पराली जलने व पंजाब का धुआं भी फतेहाबाद में आने के कारण जिले में एक्यूआई का स्तर 328 रहा।


जिले में पिछले एक सप्ताह में पराली जलने के आंकड़े
तारीख मामले
11 नवंबर 11
12 नवंबर 37
13 नवंबर 24
14 नवंबर 02
15 नवंबर 36
16 नवंबर 15
कोट
फतेहाबाद में पराली जलाने के मामलों में कमी आई है। पिछले तीन सालों का रिकाॅर्ड देखा जाए तो 2021 की तुलना में इस बार अब तक 828 मामले कम हैं। किसानों को लगातार जागरूक भी किया जा रहा है।
-डॉ. राजेश सिहाग, डीडीए, फतेहाबाद।
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