{"_id":"62b9f4657d882701e552bf44","slug":"forest-department-will-plant-nine-lakh-saplings-in-the-district-saplings-prepared-in-eight-nurseries-fatehabad-news-hsr6353025188","type":"story","status":"publish","title_hn":"वन विभाग जिले में लगाएगा नौ लाख पौधे, आठ नर्सरियों में तैयार हुई पौध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वन विभाग जिले में लगाएगा नौ लाख पौधे, आठ नर्सरियों में तैयार हुई पौध
विज्ञापन
फतेहाबाद में पार्क में लगे पेड़
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। वन विभाग ने मानसून सीजन में जिले के वन क्षेत्र को बढ़ाने के लिए कमर कस ली है। वन विभाग इस बार वनक्षेत्र के बढ़ावा देने का प्रयास तो करेगा ही साथ ही स्कूलों, सामाजिक संस्थाओं व अपने स्तर पर जहां हरियाली कम है, वहां पर पौधे लगाएगा। साथ ही जिले में बने अमृत सरोवरों पर भी फलदार व छायादार पौधों का रोपण किया जाएगा। इस बार वन विभाग ने पिछले साल की अपेक्षा दो लाख पौधे अधिक लगाने का निर्णय लिया है। इस साल नौ लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
जिले में वन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मेेगा इवेंट का आयोजन भी किया जाएगा। जिसमें गांवों के सरपंचों को बुलाकर मौके पर ही उनको पौधे वितरित किए जाएंगे। मेगा इवेंट के लिए भिरड़ाना गांव को चुना गया है, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। इस कार्यक्रम के तहत ही 50 हजार पौधे वितरित किए जाएंगे। वहीं टोहाना व रतिया में उपमंडल स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में 25 हजार पौधे वितरित किए जाएंगे।
हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इस दिवस के बाद से ही वन विभाग भी पौधरोपण की तैयारी आरंभ कर देता है। अमूमन प्रदेेश में मानसून जून के अंत व जुलाई माह के आरंभ में आता है और यह समय पौधरोपण के लिए सबसे सही समय माना जाता है। इस बार भी वन विभाग ने मेगा पौधरोपण की तैयारी की है। फतेहाबाद में वनक्षेत्र पूरे प्रदेश में सबसे कम है। यह 2538 वर्ग किलोमीटर हिस्सों में फैला हुआ है। खासतौर पर वन विभाग की जमीन पर ही वनक्षेत्र है। ऐसे में इस बार वनक्षेत्र को बढ़ाने व जिले में हरियाली लाने के लिए वन विभाग ने मेगा प्लान बनाया है।
विज्ञापन
इस बार नौ लाख पौधे लगाने का लक्ष्य
वन विभाग ने इस बार नौ लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। पिछले साल जहां सात लाख पौधे लगाए गए थे, वहीं इस बार इसकी संख्या दो लाख और बढ़ा दी गई है। वन विभाग का मुख्य लक्ष्य उन स्थानों पर रहेगा, जहां पेड़ कटे हैं। जिले के गोरखपुर परमाणु संयंत्र तक नहर बिछाने के लिए 10 हजार पेड़ काटे जा चुके हैं और रतिया के ब्राहमणवाला गांव से लेकर राजस्थान की सीमा तक स्टेट हाइवे पर 4100 से अधिक पेड़ काटे जाएंगे। ऐसे में इन स्थानों पर पौधरोपण किया जाएगा।
पांच लाख पौधे लगाएगा वन विभाग
वन विभाग इस बार जिले में नौ लाख पौधे लगाने जा रहा है। इसमें पांच लाख पौधे वन विभाग की ओर से लगाए जाएंगे। एक लाख पौधे स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए वितरित किए जाएंगे। एक लाख पौधे जनशक्ति अभियान के तहत सरकारी कार्यालयों व एक लाख पौधे किसानों व आम जनता को वितरित किए जाएंगे।
आठ नर्सरियों में होती है सालभर पौध तैयार
जिले में वन विभाग की आठ नर्सरियां हैं, जहां पर पौध तैयार की जाती है। इनमें बड़ोपल, सालमखेड़ा, भूना, चिम्मो, रोझांवाली, टोहाना, चांदपुरा व खाराखेड़ी शामिल हैं। हर साल यहां पर लाखों छायादार, फलदार व फूलों की पौध तैयार की जाती है। आम जनता के लिए यहां पर मुफ्त में पौधे वितरित किए जाते हैं।
इस साल विश्व पर्यावरण दिवस पर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिले में इस बार 9 लाख पौधे लगाए जाएंगे। मानसून आने वाला है और इसके बाद पौधरोपण को और दिशा दी जाएगी। पौधरोपण के बाद वन विभाग की ओर से पौधे को दो बार पानी दिया जाता है। इसके बाद टैंकरों के माध्यम से पौधों को साल दर साल पानी दिया जाता है। जुलाई के प्रथम माह में मेगा इवेंट किया जाएगा, जिसके लिए गांव भिरड़ाना को चुना गया है। इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। मेगा इवेंट के लिए वन विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
राजेेश कुमार, जिला वन अधिकारी, फतेहाबाद।
विज्ञापन
जिले में वन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मेेगा इवेंट का आयोजन भी किया जाएगा। जिसमें गांवों के सरपंचों को बुलाकर मौके पर ही उनको पौधे वितरित किए जाएंगे। मेगा इवेंट के लिए भिरड़ाना गांव को चुना गया है, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। इस कार्यक्रम के तहत ही 50 हजार पौधे वितरित किए जाएंगे। वहीं टोहाना व रतिया में उपमंडल स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में 25 हजार पौधे वितरित किए जाएंगे।
विज्ञापन
हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इस दिवस के बाद से ही वन विभाग भी पौधरोपण की तैयारी आरंभ कर देता है। अमूमन प्रदेेश में मानसून जून के अंत व जुलाई माह के आरंभ में आता है और यह समय पौधरोपण के लिए सबसे सही समय माना जाता है। इस बार भी वन विभाग ने मेगा पौधरोपण की तैयारी की है। फतेहाबाद में वनक्षेत्र पूरे प्रदेश में सबसे कम है। यह 2538 वर्ग किलोमीटर हिस्सों में फैला हुआ है। खासतौर पर वन विभाग की जमीन पर ही वनक्षेत्र है। ऐसे में इस बार वनक्षेत्र को बढ़ाने व जिले में हरियाली लाने के लिए वन विभाग ने मेगा प्लान बनाया है।
विज्ञापन
इस बार नौ लाख पौधे लगाने का लक्ष्य
वन विभाग ने इस बार नौ लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। पिछले साल जहां सात लाख पौधे लगाए गए थे, वहीं इस बार इसकी संख्या दो लाख और बढ़ा दी गई है। वन विभाग का मुख्य लक्ष्य उन स्थानों पर रहेगा, जहां पेड़ कटे हैं। जिले के गोरखपुर परमाणु संयंत्र तक नहर बिछाने के लिए 10 हजार पेड़ काटे जा चुके हैं और रतिया के ब्राहमणवाला गांव से लेकर राजस्थान की सीमा तक स्टेट हाइवे पर 4100 से अधिक पेड़ काटे जाएंगे। ऐसे में इन स्थानों पर पौधरोपण किया जाएगा।
पांच लाख पौधे लगाएगा वन विभाग
वन विभाग इस बार जिले में नौ लाख पौधे लगाने जा रहा है। इसमें पांच लाख पौधे वन विभाग की ओर से लगाए जाएंगे। एक लाख पौधे स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए वितरित किए जाएंगे। एक लाख पौधे जनशक्ति अभियान के तहत सरकारी कार्यालयों व एक लाख पौधे किसानों व आम जनता को वितरित किए जाएंगे।
आठ नर्सरियों में होती है सालभर पौध तैयार
जिले में वन विभाग की आठ नर्सरियां हैं, जहां पर पौध तैयार की जाती है। इनमें बड़ोपल, सालमखेड़ा, भूना, चिम्मो, रोझांवाली, टोहाना, चांदपुरा व खाराखेड़ी शामिल हैं। हर साल यहां पर लाखों छायादार, फलदार व फूलों की पौध तैयार की जाती है। आम जनता के लिए यहां पर मुफ्त में पौधे वितरित किए जाते हैं।
इस साल विश्व पर्यावरण दिवस पर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिले में इस बार 9 लाख पौधे लगाए जाएंगे। मानसून आने वाला है और इसके बाद पौधरोपण को और दिशा दी जाएगी। पौधरोपण के बाद वन विभाग की ओर से पौधे को दो बार पानी दिया जाता है। इसके बाद टैंकरों के माध्यम से पौधों को साल दर साल पानी दिया जाता है। जुलाई के प्रथम माह में मेगा इवेंट किया जाएगा, जिसके लिए गांव भिरड़ाना को चुना गया है। इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। मेगा इवेंट के लिए वन विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
राजेेश कुमार, जिला वन अधिकारी, फतेहाबाद।