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Fatehabad News: फोरेंसिक लैब शुरू, अब विसरा जांच के लिए नहीं करना होगा लंबा इंतजार
Mon, 25 Aug 2025 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 25 Aug 2025 11:39 PM IST
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फतेहाबाद में थाने के लिए तैनात किए जाने वाले फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ। स्रोत : पुलिस विभाग
फतेहाबाद। जिले में होने वाली आपराधिक घटनाओं की जांच में अब देरी नहीं होगी। यहां तक विसरा जांच रिपोर्ट के लिए भी लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जिला न्याय वैद्यक विज्ञान प्रयोगशाला (जिला फोरेंसिक साइंस लैब) की एक स्वतंत्र शाखा थाना सदर फतेहाबाद में स्थापित की गई है। इस शाखा में डॉ. पूनम कात्याल सहित विभिन्न विशेषज्ञ अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे। विसरा की प्राथमिक जांच यहीं होगी। अगर कोई गंभीर मामला है तो मधुबन लैब में भेजा जाएगा।
इसके साथ ही जिले के प्रत्येक थाने में एक प्रशिक्षित फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ की नियुक्ति की जाएगी। जिले के 11 थानों में फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ होंगे। अधिकारियों की माने तो पुलिस व्यवस्था को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाएगी, बल्कि न्याय प्रक्रिया को भी तेज़ और प्रभावशाली बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगी।
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क्या है डीएफएसएल और क्यों है यह आवश्यक
जिला न्याय वैद्यक विज्ञान प्रयोगशाला एक तकनीकी इकाई है, जो अपराध स्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र करती है, उनका विश्लेषण करती है तथा न्यायालय को प्रमाणिक जानकारी प्रदान करती है। अब तक पुलिस को फॉरेंसिक जांच के लिए राज्य या संभागीय प्रयोगशालाओं पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे जांच प्रक्रिया में देरी होती थी और कई बार महत्वपूर्ण साक्ष्य छूट जाने की आशंका बनी रहती थी। स्थानीय शाखा की उपलब्धता से वैज्ञानिक टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंच सकेगी और वहां से प्राप्त रक्त के नमूने, बाल, फाइबर, हथियार, दस्तावेज़, डिजिटल उपकरण आदि की सटीक जांच की जा सकेगी। इससे सुदृढ़ साक्ष्य एकत्र करने और न्याय प्रक्रिया को गति देने में विशेष सहयोग मिलेगा।
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फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों से जांच प्रक्रिया में आएगा परिवर्तन
हर थाने में फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ की नियुक्ति से घटनास्थल पर प्राप्त फिंगर प्रिंट्स का त्वरित विश्लेषण, अपराधियों की पहचान और पुराने मामलों से मेल जैसे कार्य घटनास्थल पर ही प्रारंभ किए जा सकेंगे। इससे समय, संसाधनों और मानवबल की बचत होगी तथा अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी संभव हो सकेगी।
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जांच प्रक्रिया को वैज्ञानिक और तकनीकी आधार पर सशक्त बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारा उद्देश्य है कि प्रत्येक थाना प्राथमिक स्तर पर ही किसी भी गंभीर अपराध की प्रोफेशनल जांच शुरू कर सके। डीएफएसएल शाखा के लिए आवश्यक भवन, उपकरण, स्टाफ एवं अन्य संसाधनों की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है तथा शीघ्र ही इसका संचालन प्रारंभ किया जाएगा।
- सिद्धांत जैन, पुलिस अधीक्षक
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इसके साथ ही जिले के प्रत्येक थाने में एक प्रशिक्षित फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ की नियुक्ति की जाएगी। जिले के 11 थानों में फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ होंगे। अधिकारियों की माने तो पुलिस व्यवस्था को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाएगी, बल्कि न्याय प्रक्रिया को भी तेज़ और प्रभावशाली बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगी।
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क्या है डीएफएसएल और क्यों है यह आवश्यक
जिला न्याय वैद्यक विज्ञान प्रयोगशाला एक तकनीकी इकाई है, जो अपराध स्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र करती है, उनका विश्लेषण करती है तथा न्यायालय को प्रमाणिक जानकारी प्रदान करती है। अब तक पुलिस को फॉरेंसिक जांच के लिए राज्य या संभागीय प्रयोगशालाओं पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे जांच प्रक्रिया में देरी होती थी और कई बार महत्वपूर्ण साक्ष्य छूट जाने की आशंका बनी रहती थी। स्थानीय शाखा की उपलब्धता से वैज्ञानिक टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंच सकेगी और वहां से प्राप्त रक्त के नमूने, बाल, फाइबर, हथियार, दस्तावेज़, डिजिटल उपकरण आदि की सटीक जांच की जा सकेगी। इससे सुदृढ़ साक्ष्य एकत्र करने और न्याय प्रक्रिया को गति देने में विशेष सहयोग मिलेगा।
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फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों से जांच प्रक्रिया में आएगा परिवर्तन
हर थाने में फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ की नियुक्ति से घटनास्थल पर प्राप्त फिंगर प्रिंट्स का त्वरित विश्लेषण, अपराधियों की पहचान और पुराने मामलों से मेल जैसे कार्य घटनास्थल पर ही प्रारंभ किए जा सकेंगे। इससे समय, संसाधनों और मानवबल की बचत होगी तथा अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी संभव हो सकेगी।
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जांच प्रक्रिया को वैज्ञानिक और तकनीकी आधार पर सशक्त बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारा उद्देश्य है कि प्रत्येक थाना प्राथमिक स्तर पर ही किसी भी गंभीर अपराध की प्रोफेशनल जांच शुरू कर सके। डीएफएसएल शाखा के लिए आवश्यक भवन, उपकरण, स्टाफ एवं अन्य संसाधनों की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है तथा शीघ्र ही इसका संचालन प्रारंभ किया जाएगा।
- सिद्धांत जैन, पुलिस अधीक्षक