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Fatehabad News: नागरिक अस्पताल में पहली बार हुआ आंख के बहंगेपन का ऑपरेशन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jun 2024 01:06 AM IST
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For the first time, surgery for strabismus was done in civil hospital.
फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में मरीज की  आंखों की जांच करते हुए डॉक्टर
फतेहाबाद। जिला नागरिक अस्पताल में पहली बार आंख के बहंगेपन का ऑपरेशन हुआ है। अब बहंगेपन के ऑपरेशन को लेकर मरीजों को निजी अस्पताल या फिर अग्रोहा मेडिकल नहीं जाना पड़ेगा। नागरिक अस्पताल में पहले सिर्फ मोतियाबिंद के ही ऑपरेशन हो पा रहे थे और औजार न होने के चलते डॉक्टर बहंगेपन का ऑपरेशन नहीं कर पा रहे थे। लेकिन अब सामान आने के चलते बहंगेपन का ऑपरेशन भी शुरू हो गया है।
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फतेहाबाद नागरिक अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश कसवां ने हरिपुरा निवासी 36 वर्षीय भगत सिंह का यहां पर बहंगेपन का पहला ऑपरेशन किया है। मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है। डॉ. कसवां ने बताया कि आंख में बहंगेपन की बच्चों में खासकर दिक्कत होती है। लेकिन समय पर उपचार न लेने से नजर पर असर पड़ता है। ओपीडी में बहंगेपन के आने वाले मरीजों को पहले अग्रोहा मेडिकल रेफर किया जा रहा था। यहां पर उपचार शुरू करने के लिए विभाग से औजार की डिमांड की गई। औजार मिलने के बाद अभी व्यस्क के बहंगेपन के ऑपरेशन शुरू किए गए हैं लेकिन बच्चों के अभी शुरू नहीं किए हैं। ऑपरेशन से पहले कुछ टेस्ट करवाने जरूरी होते हैं।
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बहंगेपन के कारण कमजोर हो जाती है नजर
चिकित्सकों के मुताबिक आंख में बहंगेपन की बीमारी जन्म से होती है या फिर बाद में हो जाती है। ये बीमारी आंख में संक्रमण या मोतिया होना या फिर दिमाग में किसी बीमारी होने के कारण नस दबने से भी हो सकती है। बहंगेपन के कारण आंख की रोशनी कमजोर हो जाती है और कई कमजोर नजर के कारण भी बहंगेपन की बीमारी होती है। अगर समय रहते इस बीमारी का उपचार किया जाए तो मरीज की आंखों की रोशनी बच सकती है और आंख सीधी हो जाती है। अगर मरीज देरी से ऑपरेशन करवाता है तो आंख सीधी तो हो जाती है लेकिन रोशनी नहीं बचाई जा सकती है। मरीज को समय रहते उपचार करवाना चाहिए।
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कोट
बहंगेपन की बीमारी के उपचार को लेकर मरीजों को अग्रोहा मेडिकल रेफर किया जा रहा था। इसके अलावा मरीज निजी अस्पताल में उपचार करवाता है तो 20 से 25 हजार खर्च आता है। लेकिन अब नागरिक अस्पताल में इसका ऑपरेशन शुरू हो गया है। अगर किसी मरीज को दिक्कत है तो वह समय रहते ऑपरेशन करवाएं।
-डॉ. राकेश कसवां, नेत्र रोग विशेषज्ञ
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