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पहले खुला दरबार में पहुंचीं पांच शिकायतें, नहीं पहुंचे प्रधान
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नप कार्यालय में खुला दरबार में शिकायत सुनते हुए अधिकारी
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। नगर परिषद के अधिकारियों ने सोमवार को पहला खुला दरबार लगाया। इसमें नप के ईओ जितेंद्र कुमार और कार्यकारी अभियंता अमित कौशिक ने फरियादियों की शिकायत सुनी। इस अवसर पर नप प्रधान दर्शन नागपाल नदारद रहे। इसके अलावा एक पार्षद और दो प्रतिनिधि पहुंचे। खुला दरबार में पांच शिकायतें पहुंचीं।
कार्यकारी अभियंता ने इन शिकायतों को रजिस्टर में दर्ज करके जल्द समाधान करके लिखित में जवाब देने का फरियादियों को आश्वासन दिया। खुला दरबार में ट्रैफिक एसएचओ रामधन भी पहुंचे और सेंट्रल पार्किंग के समाधान करवाने की मांग रखी। एसएचओ रामधन ने कहा कि पार्किंग का ठेका शुरू हो गया है इसलिए अब सेंट्रल पार्किंग में खड़े होने वाले वाहनों को पार्किंग में खड़ा करवाया जाए या उसका भी टेंडर दिया जाए। कार्यकारी अभियंता ने कहा कि सेंट्रल पार्किंग का टेंडर देने का कोई प्रावधान नहीं है। यहां पर खड़े होने वाले वाहनों को लेकर मार्केट की एसोसिएशन और पार्षदों की मीटिंग बुलाई जाएगी। जिसमें ये मुद्दा रखा जाएगा। मीटिंग में ही तय होगा कि सेंट्रल पार्किंग को रखा जाए या बंद किया जाए। ये जरूर हो सकता है दुपहिया वाहन को छोड़कर अन्य वाहनों को पार्किंग में खड़ा करने के लिए बाध्य किया जाए।
पहले दिन ये आईं शिकायतें
सफाई यूनियन ने रेहड़ी रिक्शा दिलवाने, कार्यालय की मरम्मत करवाने की मांग रखी। कक्कड़ा इंटरप्राइजेज से आए प्रतिनिधि ने टेंडर का डीडी दिलवाने की मांग रखी। दीपक ने सफाई ठेकेदार से रुपये दिलवाने की मांग रखी, बबनकुमार ने प्रॉपटी आईडी दिलवाने की मांग रखी, अंजू बाला ने सेस चार्ज जमा करवाने की मांग रखी। खुला दरबार में पार्षदों ने भी ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। पहले दिन खुला दरबार में पार्षद ज्योति मेहता, प्रतिनिधि सौरभ मेहता व दीपू टूटेजा मौजूद थे।
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लिखित में ली शिकायत, लिखित में जाएगा जवाब
नप के कार्यकारी अभियंता अमित कौशिक ने खुला दरबार में फरियादियों से लिखित में शिकायत ली। इसके बाद शिकायत को रजिस्टर में भी नोट किया। नप शिकायत का समाधान के साथ-साथ इसके बारे में लिखित में जवाब देगा। इसके अलावा फोन पर भी फरियादी को समाधान के बारे मे बताया जाएगा।
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मैं सांसद की मीटिंग में था, मैंने खुला दरबार के लिए ईओ और कार्यकारी अभियंता की ड्यूटी लगाई थी, उन्होंने ही शिकायतें सुनी हैं।
- दर्शन नागपाल, प्रधान नगर परिषद
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कार्यकारी अभियंता ने इन शिकायतों को रजिस्टर में दर्ज करके जल्द समाधान करके लिखित में जवाब देने का फरियादियों को आश्वासन दिया। खुला दरबार में ट्रैफिक एसएचओ रामधन भी पहुंचे और सेंट्रल पार्किंग के समाधान करवाने की मांग रखी। एसएचओ रामधन ने कहा कि पार्किंग का ठेका शुरू हो गया है इसलिए अब सेंट्रल पार्किंग में खड़े होने वाले वाहनों को पार्किंग में खड़ा करवाया जाए या उसका भी टेंडर दिया जाए। कार्यकारी अभियंता ने कहा कि सेंट्रल पार्किंग का टेंडर देने का कोई प्रावधान नहीं है। यहां पर खड़े होने वाले वाहनों को लेकर मार्केट की एसोसिएशन और पार्षदों की मीटिंग बुलाई जाएगी। जिसमें ये मुद्दा रखा जाएगा। मीटिंग में ही तय होगा कि सेंट्रल पार्किंग को रखा जाए या बंद किया जाए। ये जरूर हो सकता है दुपहिया वाहन को छोड़कर अन्य वाहनों को पार्किंग में खड़ा करने के लिए बाध्य किया जाए।
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पहले दिन ये आईं शिकायतें
सफाई यूनियन ने रेहड़ी रिक्शा दिलवाने, कार्यालय की मरम्मत करवाने की मांग रखी। कक्कड़ा इंटरप्राइजेज से आए प्रतिनिधि ने टेंडर का डीडी दिलवाने की मांग रखी। दीपक ने सफाई ठेकेदार से रुपये दिलवाने की मांग रखी, बबनकुमार ने प्रॉपटी आईडी दिलवाने की मांग रखी, अंजू बाला ने सेस चार्ज जमा करवाने की मांग रखी। खुला दरबार में पार्षदों ने भी ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। पहले दिन खुला दरबार में पार्षद ज्योति मेहता, प्रतिनिधि सौरभ मेहता व दीपू टूटेजा मौजूद थे।
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लिखित में ली शिकायत, लिखित में जाएगा जवाब
नप के कार्यकारी अभियंता अमित कौशिक ने खुला दरबार में फरियादियों से लिखित में शिकायत ली। इसके बाद शिकायत को रजिस्टर में भी नोट किया। नप शिकायत का समाधान के साथ-साथ इसके बारे में लिखित में जवाब देगा। इसके अलावा फोन पर भी फरियादी को समाधान के बारे मे बताया जाएगा।
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मैं सांसद की मीटिंग में था, मैंने खुला दरबार के लिए ईओ और कार्यकारी अभियंता की ड्यूटी लगाई थी, उन्होंने ही शिकायतें सुनी हैं।
- दर्शन नागपाल, प्रधान नगर परिषद