फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   First he made his own school green, now he will make another one green

Fatehabad News: पहले खुद के स्कूल को बनाया हरा-भरा अब दूसरे में करेंगे हरियाली

Fri, 28 Nov 2025 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Fri, 28 Nov 2025 11:33 PM IST
विज्ञापन
First he made his own school green, now he will make another one green
गांव जल्लोपुर के स्कूल में बनाई गई पौधों की नर्सरी स्त्रोत स्कूल
फतेहाबाद। गांव जल्लोपुर स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल हरा-भरा परिसर विकसित करने के बाद अब अपनी नर्सरी के माध्यम से अन्य स्कूलों में भी हरियाली बढ़ाने की पहल कर रहा है। स्कूल परिसर में तैयार की गई इस नर्सरी को राम वाटिका नाम दिया गया है।
विज्ञापन


शुक्रवार को जिला शिक्षा अधिकारी संगीता बिश्नोई ने राम वाटिका अभियान का शुभारंभ किया और स्कूल प्रबंधन की इस पहल की सराहना की। स्कूल मुखिया सुपेंद्र सिंह ने बताया कि अगले वर्ष पौधों की संख्या बढ़ाई जाएगी और पौध वितरण कार्यक्रम के माध्यम से अधिक विद्यालयों को सुंदर व स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
विज्ञापन


सुपेंद्र सिंह ने बताया कि डॉ. रामजी जयमल फ्लावर मैन के सहयोग से मौसमी फ्लावर्स की नर्सरी तैयार की गई है। इसमें गेंदा, कॉसमॉस, पटूनिया सहित 15 वैरायटी शामिल हैं। उनका कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले के सभी विद्यालय परिसरों का फूलों से सुंदरीकरण कर बच्चों को शांत, स्वच्छ और आकर्षक माहौल उपलब्ध कराना है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि और बेहतर वातावरण दोनों विकसित हो। इस अवसर पर शिक्षक राज सहारण, पवन पचार और भूषण कुमार मौजूद रहे।

क्यारियां तैयार कर फोटो व वीडियो मोबाइल फोन में लेकर आएं

सुपेंद्र सिंह ने कहा कि पौध लेने आने वाले विद्यालय पहले अपनी क्यारियां तैयार कर लें और उनकी फोटो व वीडियो मोबाइल फोन में लेकर आएं, ताकि आवश्यक पौधों की संख्या का सही आकलन किया जा सके। स्टाफ सदस्य पौध वितरण मुहिम में सक्रिय हैं और विभिन्न विद्यालयों को पौध दिए जा रहे हैं। जिन भी विद्यालयों या संस्थाओं को फूलों की पनीरी चाहिए, वे किसी भी दिन स्कूल पहुंचकर नर्सरी से पौध प्राप्त कर सकते हैं।


-

सुंदरीकरण के साथ जल्लोपुर स्कूल पढ़ाई में भी जिले के अग्रणी स्कूलों में शुमार है। फूलों भरा वातावरण ध्यान व शिक्षण में सहयोगी होता है। जिले के अन्य स्कूल शिक्षकों को भी प्रेरणा लेकर इस प्रकार के धरा को फूलों से सुशोभित करना चाहिए।

-संगीता बिश्नोई, जिला शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed