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नप में वित्तीय संकट, डिफाल्टरों से रिकवरी के बाद मिलेगी स्टाफ को सैलरी
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शहर फतेहाबाद का दृश्य
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। नगर परिषद की वित्तीय हालत खराब होने से अधिकारियों और कर्मचारियों की सैलरी भी सरकार से मिलने वाले अनुदान से दी जा रही है। आने वाले समय में संकट और गहरा सकता है। करीब पांच करोड़ रुपये नगर परिषद के डिफाल्टरों में फंसे हुए हैं। इसका खुलासा नगर परिषद की तरफ से अधिकारियों व कर्मचारियों को रिकवरी के लिए जारी हुए आदेश में हुआ है। नप ने संतोषजनक रिकवरी न होने पर सैलरी दे पाने में असमर्थता दिखाई है।
रिकवरी के लिए नप ने अधिकारियों व कर्मचारियाें की ड्यूटी लगाई है, जो कार्यालय में बैठने की जगह किराया व संपत्ति कर की वसूली करेंगे। नप अधिकारियों की माने तो करीब दो करोड़ रुपये किराए मे फंसे हुए हैं। सबसे ज्यादा किराया आटो मार्केट में फंसा हुआ है। इसके अलावा करीब एक करोड़ रुपये नप के संपत्ति कर में फंसे हुए हैं। नप के उच्च अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि बार-बार अनुदान में से लोन सैलरी नहीं दी जा सकती इसलिए रिकवरी करनी होगी और प्राथमिकता के तौर पर पहले आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को सैलरी दी जाएगी।
ये अधिकारी करेंगे शहर में रिकवरी
- हेड क्लर्क जगदीश व टैक्स ब्रांच के कर्मचारी दोपहर दो बजे के बाद संपत्ति कर व रेंट की रिकवरी करेंगे। संपत्ति कर के 100 भवन मालिक जिनके 25 हजार रुपये से अधिकारी बकाया है उन्हें 10 दिन का नोटिस देगें। अगर जमा नहीं करवाते हैं तो डिमांड नोटिस जारी करेंगे इसके बाद भी अगर नहीं आते हैं तो कानूनी कार्रवाई करेंगे।
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- पालिका अभियंता व भवन निरीक्षक अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ 1973 अधिनियम व हरियाणा बिल्डिंग कोड 2017 के तहत कार्रवाई अमल में लाएंगे। इन्हें विज्ञापन फीस, लेबर सेस फीस की रिकवरी करनी होगी।
- लेखाकार नवीन भाटिया व जयप्रकाश सेवादार नप का बकाया स्टांप डयूटी व पुराना व्हीकल टैक्स की रिकवरी करेंगे।
- दमकल अधिकारियों को बिना एनओसी चल बन रही बिल्डिंगों के मालिको को नोटिस जारी करेंगे। इसके बाद इन्हें नो डयूज के लिए निर्देश जारी करेंगे।
भविष्य में सैलरी पर भी भारी संकट
नप अधिकारियों ने कहा है कि अगर नगर परिषद कोष में संतोषजनक रिकवरी नहीं होती है तो बार-बार अनुदान राशि से लोन लेकर रेगुलर अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन की अदायगी कर पाना मुश्किल है। इसके अलावा नगर परिषद कोष से प्राथमिकता के तौर पर पहले आऊटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन का भुगतान होगा। इसके बाद ही रेगुलर अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन का भुगतान होगा।
वर्जन
नगर परिषद का जो भी टैक्स व किराया बकाया है उसके लिए टीम बनाई गई है। सख्त आदेश दिए गए हैं कि रिकवरी करें तभी सैलरी मिलेगी। सरकारी कार्यालयों में भी बकाया है। उम्मीद है रिकवरी होगी और नप को वित्तीय फायदा होगा।
दर्शन नागपाल, प्रधान, नगर परिषद
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रिकवरी के लिए नप ने अधिकारियों व कर्मचारियाें की ड्यूटी लगाई है, जो कार्यालय में बैठने की जगह किराया व संपत्ति कर की वसूली करेंगे। नप अधिकारियों की माने तो करीब दो करोड़ रुपये किराए मे फंसे हुए हैं। सबसे ज्यादा किराया आटो मार्केट में फंसा हुआ है। इसके अलावा करीब एक करोड़ रुपये नप के संपत्ति कर में फंसे हुए हैं। नप के उच्च अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि बार-बार अनुदान में से लोन सैलरी नहीं दी जा सकती इसलिए रिकवरी करनी होगी और प्राथमिकता के तौर पर पहले आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को सैलरी दी जाएगी।
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ये अधिकारी करेंगे शहर में रिकवरी
- हेड क्लर्क जगदीश व टैक्स ब्रांच के कर्मचारी दोपहर दो बजे के बाद संपत्ति कर व रेंट की रिकवरी करेंगे। संपत्ति कर के 100 भवन मालिक जिनके 25 हजार रुपये से अधिकारी बकाया है उन्हें 10 दिन का नोटिस देगें। अगर जमा नहीं करवाते हैं तो डिमांड नोटिस जारी करेंगे इसके बाद भी अगर नहीं आते हैं तो कानूनी कार्रवाई करेंगे।
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- पालिका अभियंता व भवन निरीक्षक अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ 1973 अधिनियम व हरियाणा बिल्डिंग कोड 2017 के तहत कार्रवाई अमल में लाएंगे। इन्हें विज्ञापन फीस, लेबर सेस फीस की रिकवरी करनी होगी।
- लेखाकार नवीन भाटिया व जयप्रकाश सेवादार नप का बकाया स्टांप डयूटी व पुराना व्हीकल टैक्स की रिकवरी करेंगे।
- दमकल अधिकारियों को बिना एनओसी चल बन रही बिल्डिंगों के मालिको को नोटिस जारी करेंगे। इसके बाद इन्हें नो डयूज के लिए निर्देश जारी करेंगे।
भविष्य में सैलरी पर भी भारी संकट
नप अधिकारियों ने कहा है कि अगर नगर परिषद कोष में संतोषजनक रिकवरी नहीं होती है तो बार-बार अनुदान राशि से लोन लेकर रेगुलर अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन की अदायगी कर पाना मुश्किल है। इसके अलावा नगर परिषद कोष से प्राथमिकता के तौर पर पहले आऊटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन का भुगतान होगा। इसके बाद ही रेगुलर अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन का भुगतान होगा।
वर्जन
नगर परिषद का जो भी टैक्स व किराया बकाया है उसके लिए टीम बनाई गई है। सख्त आदेश दिए गए हैं कि रिकवरी करें तभी सैलरी मिलेगी। सरकारी कार्यालयों में भी बकाया है। उम्मीद है रिकवरी होगी और नप को वित्तीय फायदा होगा।
दर्शन नागपाल, प्रधान, नगर परिषद
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