{"_id":"a81132056e55b7ee12c308afa72a7bf2","slug":"file-cases-against-four-packs-karmiaen-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":" चार पैक्स कर्मियाें के खिलाफ बयान दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार पैक्स कर्मियाें के खिलाफ बयान दर्ज
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
Updated Tue, 02 Jun 2015 12:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीड़ित किसानाें का आरोप है कि पैक्स कर्मियाें ने मिलीभगत से फर्जीवाड़ा कर करीब दो करोड़ का घोटाला किया है।
शिकायत के अनुसार पैक्स अपने सदस्याें को खाद-बीज के लिए 37 हजार 500 व एक लाख 1250 रुपये का ऋण देती है।
गांव भिरडाना के दर्जनाें किसान झलकियां पैक्स के सदस्य हैैं। गांव भिरडाना निवासी किसान अशोक कुमार ने वर्ष 2007 में अपने खाते से 59 हजार का ऋण लिया। इस बीच पैक्स के कर्मचारियों ने 07 सितंबर 2007 व 31 सितंबर 2007 को फर्जीवाड़ा कर उसके खाते से करीब 18 हजार की राशि से खाद ले ली और उसे बेच दिया।
अशोक ऋण के पैसे चुकाने के लिए पैक्स में पहुंचा तो उसे पैक्स कर्मियाें द्वारा 18 हजार रुपये की खाद लेने का पता चला। पैक्स स्टाफ ने आश्वास्त किया कि वे 18 हजार रुपये जमा करवा देगा और उससे 59 हजार रुपये लेकर नो ड्यूज दे दिया। इसके बाद अशोक ने भिरडाना ग्रामीण बैंक से सवा दो लाख रुपये का लोन ले लिया।
किसान अशोक ने बताया कि जब वह भिरडाना ग्रामीण बैंक के ऋण की लिमिट बढ़ाने के लिए 15 जनवरी 2015 को झलनियां पैक्स में पुन: गया तो उसे पता चला कि उसका नाम पैक्स के डिफाल्टराें की सूची में है। इस पर पैक्स कर्मियों से बातचीत की तो उन्हाेंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
विज्ञापन
इस पर किसान अशोक ने इसकी शिकायत डीआरओ को दी। इंस्पेक्टर दौलतराम ने मामले की जांच की लेकिन जांच में भी कुछ नहीं हुआ। इसी तरह पैक्स कर्मियाें ने भिरडाना के किसान भजनलाल पुत्र लाल सिंह के नाम पर 41 हजार की खाद ले ली।
ओमप्रकाश के खाते से 37 हजार, चरण सिंह के खाते से 50 हजार, राजेन्द्र पुत्र गोपीराम को नो ड्यूज देने के बाद 80 हजार की खाद ले ली। इसके अलावा पैक्स कर्मियाें ने मिलीभगत कर मुकेश व उसके तीन भाईयाें के खाते से 37-37 हजार की खाद लेकर हड़प ली।
किसानों ने बताया कि जब उन्हाेेंने पैक्स कार्यालय में पड़ताल की तो पता चला कि सरकारी दस्तावेजों में कहीं भी उनके हस्ताक्षर नहीं है। पुलिस अधीक्षक संगीता कालिया को शिकायत देकर मामले की जांच की मांग कर आरोपियाें पर केस दर्ज करने की गुहार लगाई।
सोमवार को सदर थाने में जाकर पीड़ित किसानाें ने झलनियां पैक्स के तत्कालीन सचिव भगतराम, वर्तमान सैक्ट्री जगदीश, खाद सेल्समेन जमैन प्रताप सिंह व क्लर्क सुभाष के खिलाफ शिकायत देकर ब्यान दर्ज करवाए।
इस बारे में वर्तमान सचिव जगदीश ने बताया कि घोटाला वर्ष 2007 का है जबकि उन्हाेंने पदभार 2010 में संभाला है। सचिव जगदीश ने बताया कि किसानाें के पास जो नो ड्यूज है उसमें केवल सतनारायण के ही हस्ताक्षर हैं। पैक्स के किसी भी अन्य अधिकारी व कर्मचारी के हस्ताक्षर नहीं है। वर्ष 2014 में सतनारायण की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
शिकायत के अनुसार पैक्स अपने सदस्याें को खाद-बीज के लिए 37 हजार 500 व एक लाख 1250 रुपये का ऋण देती है।
गांव भिरडाना के दर्जनाें किसान झलकियां पैक्स के सदस्य हैैं। गांव भिरडाना निवासी किसान अशोक कुमार ने वर्ष 2007 में अपने खाते से 59 हजार का ऋण लिया। इस बीच पैक्स के कर्मचारियों ने 07 सितंबर 2007 व 31 सितंबर 2007 को फर्जीवाड़ा कर उसके खाते से करीब 18 हजार की राशि से खाद ले ली और उसे बेच दिया।
अशोक ऋण के पैसे चुकाने के लिए पैक्स में पहुंचा तो उसे पैक्स कर्मियाें द्वारा 18 हजार रुपये की खाद लेने का पता चला। पैक्स स्टाफ ने आश्वास्त किया कि वे 18 हजार रुपये जमा करवा देगा और उससे 59 हजार रुपये लेकर नो ड्यूज दे दिया। इसके बाद अशोक ने भिरडाना ग्रामीण बैंक से सवा दो लाख रुपये का लोन ले लिया।
विज्ञापन
किसान अशोक ने बताया कि जब वह भिरडाना ग्रामीण बैंक के ऋण की लिमिट बढ़ाने के लिए 15 जनवरी 2015 को झलनियां पैक्स में पुन: गया तो उसे पता चला कि उसका नाम पैक्स के डिफाल्टराें की सूची में है। इस पर पैक्स कर्मियों से बातचीत की तो उन्हाेंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
विज्ञापन
इस पर किसान अशोक ने इसकी शिकायत डीआरओ को दी। इंस्पेक्टर दौलतराम ने मामले की जांच की लेकिन जांच में भी कुछ नहीं हुआ। इसी तरह पैक्स कर्मियाें ने भिरडाना के किसान भजनलाल पुत्र लाल सिंह के नाम पर 41 हजार की खाद ले ली।
ओमप्रकाश के खाते से 37 हजार, चरण सिंह के खाते से 50 हजार, राजेन्द्र पुत्र गोपीराम को नो ड्यूज देने के बाद 80 हजार की खाद ले ली। इसके अलावा पैक्स कर्मियाें ने मिलीभगत कर मुकेश व उसके तीन भाईयाें के खाते से 37-37 हजार की खाद लेकर हड़प ली।
किसानों ने बताया कि जब उन्हाेेंने पैक्स कार्यालय में पड़ताल की तो पता चला कि सरकारी दस्तावेजों में कहीं भी उनके हस्ताक्षर नहीं है। पुलिस अधीक्षक संगीता कालिया को शिकायत देकर मामले की जांच की मांग कर आरोपियाें पर केस दर्ज करने की गुहार लगाई।
सोमवार को सदर थाने में जाकर पीड़ित किसानाें ने झलनियां पैक्स के तत्कालीन सचिव भगतराम, वर्तमान सैक्ट्री जगदीश, खाद सेल्समेन जमैन प्रताप सिंह व क्लर्क सुभाष के खिलाफ शिकायत देकर ब्यान दर्ज करवाए।
इस बारे में वर्तमान सचिव जगदीश ने बताया कि घोटाला वर्ष 2007 का है जबकि उन्हाेंने पदभार 2010 में संभाला है। सचिव जगदीश ने बताया कि किसानाें के पास जो नो ड्यूज है उसमें केवल सतनारायण के ही हस्ताक्षर हैं। पैक्स के किसी भी अन्य अधिकारी व कर्मचारी के हस्ताक्षर नहीं है। वर्ष 2014 में सतनारायण की मौत हो चुकी है।