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डीएपी को लेकर फिर से मारामारी, लाइनों में लगे किसान
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फतेहाबाद के इफको केंद्र में डीएपी खाद लेने आए किसान।
- फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। गेहूं की बिजाई को लेकर डीएपी खाद को लेकर किसानों में मारामारी मची हुई है। वीरवार को इफको केंद्र के बाहर डीएपी के लिए किसानों की लंबी लाइनें लग गई। वहीं, डीएपी के साथ नैनो यूरिया थोपने का आरोप लगाते हुए किसानों ने हंगामा भी किया। इफको कर्मचारियों ने उनको शांत किया। बाद में किसानों को लाइन में लगाकर डीएपी बैग दिए गए।
धान कटाई के साथ ही गेहूं बिजाई के लिए किसान तैयारियों में जुट गए हैं। बिजाई के लिए जरूरी डीएपी खाद को लेकर अब किसानों में मारामारी मची हुई है। इफको केंद्र पर वीरवार खाद के लिए किसानों की लाइनें लगी देखी गई। प्रत्येक किसानों को पांच-पांच बैग डीएपी दी जा रही थी। हालांकि किसानों की डिमांड इससे अधिक रही।
वहीं किसानों ने डीएपी के साथ बिना बिल के दी जा रही नैनो यूरिया की पैकिंग को लेकर विरोध जताया। किसानों का कहना था कि उनसे रुपये तो डीएपी के लिए जा रहे हैं और बिल भी डीएपी का दिया जा रहा है, लेकिन धक्काशाही से यह नैनो यूरिया उन्हें अलग से दी जा रही है, जिसका बिल भी नहीं दिया जा रहा। और उसके पैसे भी लिये जा रहे है, उन्होंने इसमें गोलमाल होने का अंदेशा जताया।
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बिना बिल के दी जा रहीं नैनो यूरिया की बोतलें
गांव अहरवां से आए किसान अंग्रेज सिंह, हरजीत सिंह व गुरलाल सिंह ने बताया कि उन्हें ज्यादा डीएपी की जरूरत है, लेकिन पांच-पांच बैग ही दिए जा रहे हैं। करीब साढ़े 13 हजार रुपये का बिल दिया जा रहा है, लेकिन उनसे 14 हजार रुपये लिए गए। बिना बिल के नैनो यूरिया की बोतलें दी जा रही हैं। जिनका उन्हें पता तक नहीं है कि इसका करना क्या है और यह क्या काम आएगी। उन्होंने कहा कि पिछली दफा भी डीएपी की किल्लत हुई थी और दवाइयां उन्हें धक्केशाही से दी गई थी। इस बार फिर वहीं शुरुआत की जा रही है।
कोट
नैनो यूरिया सरकार का उत्तम उत्पाद है, मात्र एक बोतल से एक बैग यूरिया जितनी पूर्ति फसलों में की जा सकती है। किसानों को यह जरूर लेना चाहिए। किसानों को इसके इस्तेमाल को लेकर जागरूक किया गया है।
-भीम सिंह, एसडीओ, कृषि विभाग
कोट
जबरन नैनो यूरिया नहीं दी जा सकती, इसको लेकर निर्देश दिए गए हैं। किसान अगर डिमांड करते हैं तो उन्हें दी जानी है और यदि जबरन किसानों को यह दी जा रही है तो जांच करवाई जाएगी।
-हरभगवान सिंह, कृषि फील्ड अधिकारी
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धान कटाई के साथ ही गेहूं बिजाई के लिए किसान तैयारियों में जुट गए हैं। बिजाई के लिए जरूरी डीएपी खाद को लेकर अब किसानों में मारामारी मची हुई है। इफको केंद्र पर वीरवार खाद के लिए किसानों की लाइनें लगी देखी गई। प्रत्येक किसानों को पांच-पांच बैग डीएपी दी जा रही थी। हालांकि किसानों की डिमांड इससे अधिक रही।
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वहीं किसानों ने डीएपी के साथ बिना बिल के दी जा रही नैनो यूरिया की पैकिंग को लेकर विरोध जताया। किसानों का कहना था कि उनसे रुपये तो डीएपी के लिए जा रहे हैं और बिल भी डीएपी का दिया जा रहा है, लेकिन धक्काशाही से यह नैनो यूरिया उन्हें अलग से दी जा रही है, जिसका बिल भी नहीं दिया जा रहा। और उसके पैसे भी लिये जा रहे है, उन्होंने इसमें गोलमाल होने का अंदेशा जताया।
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बिना बिल के दी जा रहीं नैनो यूरिया की बोतलें
गांव अहरवां से आए किसान अंग्रेज सिंह, हरजीत सिंह व गुरलाल सिंह ने बताया कि उन्हें ज्यादा डीएपी की जरूरत है, लेकिन पांच-पांच बैग ही दिए जा रहे हैं। करीब साढ़े 13 हजार रुपये का बिल दिया जा रहा है, लेकिन उनसे 14 हजार रुपये लिए गए। बिना बिल के नैनो यूरिया की बोतलें दी जा रही हैं। जिनका उन्हें पता तक नहीं है कि इसका करना क्या है और यह क्या काम आएगी। उन्होंने कहा कि पिछली दफा भी डीएपी की किल्लत हुई थी और दवाइयां उन्हें धक्केशाही से दी गई थी। इस बार फिर वहीं शुरुआत की जा रही है।
कोट
नैनो यूरिया सरकार का उत्तम उत्पाद है, मात्र एक बोतल से एक बैग यूरिया जितनी पूर्ति फसलों में की जा सकती है। किसानों को यह जरूर लेना चाहिए। किसानों को इसके इस्तेमाल को लेकर जागरूक किया गया है।
-भीम सिंह, एसडीओ, कृषि विभाग
कोट
जबरन नैनो यूरिया नहीं दी जा सकती, इसको लेकर निर्देश दिए गए हैं। किसान अगर डिमांड करते हैं तो उन्हें दी जानी है और यदि जबरन किसानों को यह दी जा रही है तो जांच करवाई जाएगी।
-हरभगवान सिंह, कृषि फील्ड अधिकारी