{"_id":"5ddacd9c8ebc3e54ab5697fe","slug":"favour-of-drug-smugler-religion-occasion-fatehabad-fatehabad-news-rtk5291577194","type":"story","status":"publish","title_hn":"नशा तस्करों का पक्ष लेने वाले जनप्रतिनिधियों के लिए होंगे सदबुद्धि हवन यज्ञ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नशा तस्करों का पक्ष लेने वाले जनप्रतिनिधियों के लिए होंगे सदबुद्धि हवन यज्ञ
विज्ञापन
फतेहाबाद। नशे की तस्करी करने वालों की जमानत लेना या उनका पक्ष लेते हुए थाना-तहसील में पहुंच उनका नाम निकलवाना अब जनप्रतिनिधियों को भारी पड़ सकता है। क्षेत्र की विभिन्न संगठनों ने सांझी बैठक कर सीएम मनोहर लाल की सिरसा-फतेहाबाद को स्पेशल जोन बनाए जाने की घोषणा को पूरा करवाने और नशा तस्करों का पक्ष लेने वाले जनप्रतिनिधियों पर ठोस नियम बनाए जाने की मांग को लेकर सीएम व गृह मंत्री अनिल विज से मिलने की योजना बनाई है। नशा विरोधी मुहिम का हिस्सा रहे सामाजिक कार्यकर्ता हरदीप सिंह ने कहा कि वे ऐसे जनप्रतिनिधियों के आवास के बाहर सदबुद्धि हवन यज्ञ करेंगे, जिनका किसी भी रूप में नशा तस्करों की मदद करना, उनकी जमानत लेना या उन्हें निर्दोष बताने कि लिए आला अधिकारियों पर दबाव बनाने के प्रमाण मिलते हैं।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में पुलिस प्रशासन ने जहां नशा तस्करों पर नकेल कसने के लिए गंभीरता दिखाई है तो वहीं कुछ सरपंच, पार्षद, विधानसभा व राज्य स्तर पर चुने गए जनप्रतिनिधियों ने इस मामले में नशा तस्करों का पक्ष लेने में रुचि दिखाते हुए नशा विरोधी मुहिम को पलीता लगाने का काम भी किया है। ऐसे जनप्रतिनिधियों के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए ही सामाजिक कार्यकर्ता हरदीप सिंह ने मोर्चा खोलने का निर्णय लिया है।
हरदीप सिंह ने बताया कि पंजाब जैसे खुशहाल राज्य के युवाओं की जिंदगी को लील कर चिट्टे जैसे नशे ने उड़ता पंजाब बना डाला, वहीं नशा पिछले कुछ समय से हरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद जिलों में सैकड़ों युवाओं को मौत का ग्रास बनाकर, उनके परिवारों का सुख-चैन छीन चुका है। इन दोनों जिलों में केमिकल नशे की तस्करी इतनी तेजी से बढ़ी कि राज्य में इनकी पहचान उड़ता सिरसा-फतेहाबाद के रूप में होने लगी। सामाजिक संगठनों तक ने सरकार को बिगड़ते हालात के बारे जानकारी देते हुए ठोस कदम उठाने की गुहार लगाई।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने की थी स्पेशल जोन बनाने की घोषणा
उन्होंने बताया कि फतेहाबाद में तो हमने सांझा प्रयास कमेटी का गठन करके बड़ा जन आंदोलन तक किया, जिसके परिणामस्वरूप मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बीती 9 अगस्त को ही सिरसा-फतेहाबाद को नशा प्रभावित क्षेत्र मानते हुए इसे स्पेशल जोन का दर्जा देकर ठोस कदम उठाए जाने तक की घोषणा की थी। वर्तमान सरकार में भागीदार बनी जेजेपी प्रमुख एवं उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, इनसो राष्ट्रीयध्यक्ष दिग्विजय चौटाला तक ने आंदोलन में पहुंच उन्हें सरकार बनने पर चिट्टा मुक्त सिरसा-फतेहाबाद, हरियाणा बनाने के प्रति आश्वस्त किया। अब जब सरकार बनी है तो वे उम्मीद करते हैं कि विशेष जोन बनाए जाने की फाइल को अमली जामा पहनाने में सरकार देरी नहीं करेगी।
सांझी बैठक कर आगे की रूपरेखा तैयार करेंगे
दूसरी तरफ नई सरकार बनने के बाद जो हालात बदले हैं, उनमें कुछ जनप्रतिनिधियों ने अपना हित साधने के उद्देश्य से नशा तस्करों का पक्ष लेना शुरू कर दिया है, जिससे नशामुक्त सिरसा-फतेहाबाद बनने की उम्मीदों को गहरा धक्का लगा है। हरदीप सिंह ने ऐसे जनप्रतिनिधियों को समाज का नशा तस्करों से भी बड़ा दुश्मन करार देते हुए उनके खिलाफ एकजुट होकर मोर्चा संभालने की बात कही। जल्द ही वे इस बाबत विभिन्न संगठनों, नशा विरोधी मुहिम का समर्थन करने वाले की सांझी बैठक करके आगे की रूपरेखा तैयार करेंगे, जिसमें नशा तस्करों का पक्ष लेने वालों के घर के बाहर सदबुद्धि हवन यज्ञ किया जाना भी शामिल है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में पुलिस प्रशासन ने जहां नशा तस्करों पर नकेल कसने के लिए गंभीरता दिखाई है तो वहीं कुछ सरपंच, पार्षद, विधानसभा व राज्य स्तर पर चुने गए जनप्रतिनिधियों ने इस मामले में नशा तस्करों का पक्ष लेने में रुचि दिखाते हुए नशा विरोधी मुहिम को पलीता लगाने का काम भी किया है। ऐसे जनप्रतिनिधियों के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए ही सामाजिक कार्यकर्ता हरदीप सिंह ने मोर्चा खोलने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
हरदीप सिंह ने बताया कि पंजाब जैसे खुशहाल राज्य के युवाओं की जिंदगी को लील कर चिट्टे जैसे नशे ने उड़ता पंजाब बना डाला, वहीं नशा पिछले कुछ समय से हरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद जिलों में सैकड़ों युवाओं को मौत का ग्रास बनाकर, उनके परिवारों का सुख-चैन छीन चुका है। इन दोनों जिलों में केमिकल नशे की तस्करी इतनी तेजी से बढ़ी कि राज्य में इनकी पहचान उड़ता सिरसा-फतेहाबाद के रूप में होने लगी। सामाजिक संगठनों तक ने सरकार को बिगड़ते हालात के बारे जानकारी देते हुए ठोस कदम उठाने की गुहार लगाई।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने की थी स्पेशल जोन बनाने की घोषणा
उन्होंने बताया कि फतेहाबाद में तो हमने सांझा प्रयास कमेटी का गठन करके बड़ा जन आंदोलन तक किया, जिसके परिणामस्वरूप मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बीती 9 अगस्त को ही सिरसा-फतेहाबाद को नशा प्रभावित क्षेत्र मानते हुए इसे स्पेशल जोन का दर्जा देकर ठोस कदम उठाए जाने तक की घोषणा की थी। वर्तमान सरकार में भागीदार बनी जेजेपी प्रमुख एवं उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, इनसो राष्ट्रीयध्यक्ष दिग्विजय चौटाला तक ने आंदोलन में पहुंच उन्हें सरकार बनने पर चिट्टा मुक्त सिरसा-फतेहाबाद, हरियाणा बनाने के प्रति आश्वस्त किया। अब जब सरकार बनी है तो वे उम्मीद करते हैं कि विशेष जोन बनाए जाने की फाइल को अमली जामा पहनाने में सरकार देरी नहीं करेगी।
सांझी बैठक कर आगे की रूपरेखा तैयार करेंगे
दूसरी तरफ नई सरकार बनने के बाद जो हालात बदले हैं, उनमें कुछ जनप्रतिनिधियों ने अपना हित साधने के उद्देश्य से नशा तस्करों का पक्ष लेना शुरू कर दिया है, जिससे नशामुक्त सिरसा-फतेहाबाद बनने की उम्मीदों को गहरा धक्का लगा है। हरदीप सिंह ने ऐसे जनप्रतिनिधियों को समाज का नशा तस्करों से भी बड़ा दुश्मन करार देते हुए उनके खिलाफ एकजुट होकर मोर्चा संभालने की बात कही। जल्द ही वे इस बाबत विभिन्न संगठनों, नशा विरोधी मुहिम का समर्थन करने वाले की सांझी बैठक करके आगे की रूपरेखा तैयार करेंगे, जिसमें नशा तस्करों का पक्ष लेने वालों के घर के बाहर सदबुद्धि हवन यज्ञ किया जाना भी शामिल है।