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हांसी सप्लायर पर हाथ नहीं डाल रही पुलिस, रोजाना देसी शराब की पेटियां पकड़ थपथपा रही खुद की पीठ

Fri, 05 May 2017 12:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/फतेहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला/फतेहाबाद Updated Fri, 05 May 2017 12:11 AM IST
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शराब ठेका पर धावा - फोटो : SELF
जिला पुलिस को बीते दो दिनों में देसी अवैध शराब के खिलाफ लगातार कामयाबी मिल रही है। पिछले दो दिन में लगभग पौने चार सौ पेटी अवैध देसी शराब बरामद हो चुकी है। लेकिन अपनी पीठ थपथपा रही फतेहाबाद पुलिस अवैध देसी शराब के सबसे बड़े सप्लायर बनकर उभर रहे हांसी के अवैध शराब माफिया पर हाथ डालने से बच रही है। पिछले दो-तीन दिनों में जितनी भी अवैध शराब पकड़ी गई है, वो ज्यादातर हांसी से ही लाई गई हैं। जानकारी होने के बाद भी अभी तक फतेहाबाद पुलिस ने हांसी में शराब माफिया के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई है। अभी तक के सभी मामलों में सिर्फ इतना ही किया गया है, कि सदर पुलिस, सिटी पुलिस ने अपने मुलाजिमों द्वारा पकड़ी गई अवैध शराब की पेटियों और आरोपियों के साथ फोटो खिंचवाकर मीडिया में सूचित कर दिया। लेकिन अभी तक इन सभी मामलों में सप्लायर पर पुलिस अभी तक चुप्पी साधे बैठी है।
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जिले के हर कोने से बरामद हो रही देसी शराब की पेटियां
जिले में पिछले दो-तीन दिनों में लगातार देसी शराब की अवैध पेटियां बरामद हो रही हैं। जिले के विभिन्न इलाकों में शराब की अवैध पेटियां बरामद होने से स्पष्ट है कि अवैध शराब माफिया की पहुंच जिले के लगभग प्रत्येक इलाके तक है। हैरानी की बात ये है कि रतिया और इसके आसपास के लगभग एक दर्जन इलाकों में शराब के ठेके न खुलने के बावजूद रतिया पुलिस ने बीती रात को ही गांव लालवास के पास अवैध देसी शराब की 24 पेटियां बरामद की हैं। इतना ही नहीं, रतिया शहर में भी शराब की अवैध तस्करी से इंकार नहीं किया जा सकता।
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अंग्रेजी शराब तस्करी के लिए कहीं पुलिस को उलझाने की चाल तो नहीं
पिछले तीन दिन में महज गांव झलनियां के पास बरामद हुई 300 पेटी देसी शराब की खेप को ही बड़ी कामयाबी कहा जा सकता है। 300 पेटी शराब की कीमत भी लगभग ढाई लाख के करीब है। लेकिन इस एक कामयाबी को छोड़कर बाकी सभी उपलब्धियां बहुत अधिक चर्चा योग्य नहीं हैं। जिस तरह से एकाएक पिछले दो तीन दिन में अवैध देसी शराब की पेटियां बरामद हो रही हैं, उससे इस आशंका को भी बल मिलता है कि कहीं ये अंग्रेजी शराब तस्करों की शराब तस्करी करने का नया तरीका तो नहीं। इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि अंग्रेजी शराब तस्कर खुद ही छोटी-मोटी चारा पुलिस को डाल रहे हों ताकि पुलिस का ध्यान देसी शराब की बरामदगी की खुमारी पर ही रहे और अंग्रेजी शराब तस्कर अपना काम निर्बाध रूप से कर सकें।
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तुरंत जमानत मिलती है अवैध शराब तस्करी मामले में
अवैध शराब तस्करी और सट्टे के मामले बढ़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण है कि ये दोनों अपराध बेलेबल हैं। मतलब इन दोनों अपराधों में अपराधी को थाने से ही कच्ची जमानत मिलने का प्रावधान है। पिछले दो-तीन दिनों में पकड़े गए सभी आरोपियों को तुरंत जमानत दे भी दी गई। हैरत की बात ये है कि सिटी पुलिस, सीआईए, और रतिया पुलिस में से किसी ने भी अवैध शराब के साथ पकड़े गए किसी भी मामले में सप्लायर के बारे में ज्यादा गंभीर नहीं दिख रहा।

अभी हांसी के सप्लायर के बारे में पूछताछ नहीं की है। तथ्यों को वेरीफाई कर रहे हैं। आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, जल्द ही इस दिशा में और प्रयास करेंगे।

सुरेंद्र कंबोज, सिटी एसएचओ, फतेहाबाद।

मैं दो दिन पहले कोर्स की ट्रेनिंग पर था। अभी तक मेरी जानकारी में हांसी के किसी सप्लायर के बारे में कार्यवाही की बात नहीं है। तथ्यों को वेरीफाई करके ही कुछ बता पाऊंगा।
राजेश कुमार, सीआईए इंचार्ज, फतेहाबाद।

लालवास से 24 पेटी शराब बरामद हुई हैं। आरोपी के अनुसार वो हिसार में कहीं से शराब की पेटियां लेकर आया था। इस बारे में जांच जारी है।
पुष्पा सिहाग, सदर एसएचओ, रतिया।

ऐसा नहीं है कि कार्यवाही नहीं करेंगे। अगर लिंक हांसी-हिसार से निकला है तो इस संदर्भ में उच्चाधिकारियों से बात करेंगे और आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
कुलदीप सिंह, पुलिस अधीक्षक, फतेहाबाद।
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