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एनजीटी पहुंचा खुले में कचरा जलाने का मसला, दिया अमर उजाला में छपी खबर का हवाला

ब्यूरो/अमर उजाला/फतेहाबाद Updated Wed, 24 May 2017 12:07 AM IST
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शहर के अंदर और डंपिंग यार्ड में खुले में कचरा जलाने पर अब नगर परिषद अधिकारियों को जवाब देना पड़ सकता है। खुले में कचरा जलाने का मसला अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल पहुंच गया है। जल्द ही एनजीटी से नगर परिषद और जिला प्रशासन के अधिकारियों को इस संदर्भ में ट्रिब्यूनल की ओर से नोटिस भेजा जा सकता है। पर्यावरण एवं जीव रक्षा बिश्रोई सभा ने अपने खुद की पड़ताल और अमर उजाला में छपी खबरों का हवाला देते हुए एनजीटी में खुले में कचरा जलाने के खिलाफ याचिका दाखिल की है। गौरतलब है कि अमर उजाला खुले में कचरा जलाने और बिगड़ी सफाई व्यवस्था के खिलाफ लगातार मुहिम चलाए हुए है।
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नप प्रशासन को घेरा, जानबूझकर कचरा जलाने का जड़ा आरोप
एनजीटी में दाखिल की गई याचिका के अनुसार पर्यावरण एवं जीव रक्षा बिश्रोई सभा के सचिव विनोद कड़वासरा ने खुले में कचरा जलाने एवं कचरे का सही ढंग से निष्पादन न करने के लिए पूर्ण रूप से नगर परिषद प्रशासन और कर्मचारियों जिम्मेदार ठहराया है। एनजीटी को भेजे पत्र के मुताबिक उन्होंने आरोप लगाया है कि नगर परिषद के कर्मचारी जानबूझकर खुले में कचरा जला देते हैं, ताकि उन्हें ज्यादा कचरा न उठाना पड़े। इसके अलावा नगर परिषद के अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी इस दिशा में कोई कार्यवाही नहीं करते। कड़वासरा ने एनजीटी को बताया है कि एनजीटी के स्पष्ट आदेश हैं कि किसान खेत में पराली और नागरिक खुले में कचरा नहीं जलाएंगे और इसके लिए बकायदा जुर्माने का प्रावधान है। लेकिन प्रशासन किसानों पर तो सख्ती कर रहा है लेकिन कचरा जलाने पर मौन है।


कचरा प्रबंधन प्लांट ना होने पर भी उठाए सवाल
एनजीटी को भेजे गए पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि नगर परिषद फतेहाबाद के पास कोई स्पष्ट योजना ही नहीं है जिसके जरिए वो रोजाना इकट्ठा होने वाले कचरे का निष्पादन कर सकें। ऐसे में रोजाना कचरे को शहर के बाहर एक जगह पर एकत्रित किया जा रहा है। इसके अलावा नगर परिषद के पास कोई संसाधन नहीं है। एनजीटी को भेजे गए पत्र में कचरा प्रबंधन प्लांट न होने को लेकर भी नगर परिषद अधिकारियों को घेरा गया है। इसके चलते मजबूरीवश प्लास्टिक और सामान्य कचरे को एक साथ ही डंप किया जाता है जो पर्यावरण के लिए बहुत हानिकारक है।

हमने अपने स्तर पर लगातार नप अधिकारियों को पत्र लिखे हैं कि शहर के अंदर खुले में कचरा जलाया जा रहा है लेकिन उन्होंने एक लिखित आदेश जारी कर अपनी जान छुड़ा लिया। समस्या के समाधान की ओर कार्यवाही नहीं हुई। रोजाना कचरा जलाया जा रहा है लेकिन कोई अधिकारी इस ओर गंभीर नहीं है। अमर उजाला ने लगातार इस मुद्दे को उठाया। अब हमने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में इस मुद्दे को उठाया है। उम्मीद है कोई सकारात्मक हल निकलेगा।
विनोद कड़वासरा, सचिव, पर्यावरण एवं जीव रक्षा बिश्रोई सभा, फतेहाबाद ।

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