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नए हो तभी छोड़ रहा हूं

Sat, 30 Apr 2016 11:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद Updated Sat, 30 Apr 2016 11:52 PM IST
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बैठक में अनिल विज। - फोटो : bureau
पांच महीने बाद जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने शनिवार को तल्ख तेवर दिखाते हुए असंवेदनशील अधिकारियों को लताड़ा।
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विजन ने एक शिकायत का समाधान न होने पर नाराजगी जताते हुए जांच में दोषी पाए जाने पर एक्सईएन को निलंबित करने के आदेश दिए। एफआईआर में देरी पर एएसपी को लताड़ते हुए कहा कि नए हो तभी छोड़ रहा हूं, आगे से ध्यान रखना। साथ ही ऑपरेशन के बावजूद संतान पैदा होने की शिकायत पर सीएमओ को भी लताड़ा। मीटिंग में विज के सामने कुल 18 शिकायतें आईं, इनमें से 10 का निपटारा हो गया। बैठक में उपायुक्त एनके सोलंकी, विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया, रवींद्र बलियाला, पुलिस अधीक्षक ओपी नरवाल मौजूद रहे।
मीटिंग में गांव दौलतपुर निवासी भरत सिंह, वेद प्रकाश नौरंग ने शिकायत दी कि वाटर सप्लाई लाइन में लीकेज होने के कारण गंदा पानी आ रहा है।
शिकायत पर जन स्वास्थ्य विभाग एक्सईएन आरके शर्मा ने बताया कि लीकेज ठीक कर दी गई है और सरपंच ने भी संतुष्टि जताई थी। शिकायतकर्ता ने मौके पर ही विज से कहा कि लाइन लीकेज के कारण अभी भी गंदा पानी ही आ रहा है। विज ने कष्ट निवारण समिति के तीन सदस्यों को मौके पर जाकर वीडियोग्राफी करने का आदेश देते हुए शाम तक रिपोर्ट उपायुक्त को देने को कहा। विज ने कहा कि अगर एक्सईएन की रिपोर्ट झूठी है तो उन्हें निलंबित कर दिया जाए। साथ ही सीएमओ को आदेश दिए कि एक्सईएन के खिलाफ गंदा पानी पिलाने के आरोप में मामला दर्ज करवाएं।
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ऑपरेशन के बाद भी हो गया बच्चा
सुंदर नगर निवासी चिड़िया रानी मीटिंग में नवजात बच्ची के साथ पहुंची थी और शिकायत दी कि उसके 3 बच्चे थे और सरकारी अस्पताल में 9 मई 2015 को परिवार नियोजन के तहत आपरेशन करवाया था। आपरेशन के बावजूद उसे चौथा बच्चा जनवरी 2016 में पैदा हो गया। स्वास्थ्य मंत्री ने सीएमओ से जवाब तलब करते हुए पूछा कि किस डॉक्टर ने आपरेशन किसने किया था। सीएमओ ने जानकारी दी कि डा. दहमीवाल ने आपरेशन किया था। विज ने पूछा कि अब बच्चे का पोषण क्या डॉक्टर करेगा। सीएमओ ने जानकारी दी कि महिला आपरेशन से पहले गर्भवती थी। इसलिए उसे इंश्योरेंस भी नहीं मिल सकता। विज ने कहा इसमें लापरवाही हुई है, मेडिकल बोर्ड बनाकर मामले की जांच की जाए और रिपोर्ट डीजी कार्यालय को भेजी जाए।
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‘शिकायत आई तो दर्ज क्यों नहीं हुई’
राजपाल निवासी ढाबी कलां ने भ्रष्टाचार की शिकायत देने के बाद भी पुलिस पर दर्ज न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिला सहकारी श्रम एवं निर्माण प्रसव में भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच रिपोर्ट भी आ गई है। इसके बावजूद पुलिस ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि मैनेजर सहित तीन लोग दोषी हैं लेकिन पुलिस ने सिर्फ मैनेजर के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज की। एएसपी ने जवाब दिया कि पंचकूला और हिसार से आई रिपोर्ट के मुताबिक गबन नहीं पाया गया है। रिपोर्ट में देरी के कारण शिकायत दर्ज करने में देरी हुई है। विज ने लताड़ा कि जब शिकायत आई तो एफआईआर दर्ज क्यों नहीं हुई, जांच तो बाद में भी शुरू हो सकती थी। तीन विभागों की अलग-अलग रिपोर्ट पर विज संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने एएसपी को फटकारा कि अभी नए हो इसलिए तुम्हें छोड़ रहा हूं। नहीं तो मेरे पास माफी का कोई खाना नहीं है। विज ने एसपी को मामले की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए।
8 महीने से नहीं दिया कनेक्शन
बड़ोपल निवासी पाला राम, शेर सिंह, हवा सिंह ने शिकायत दी कि गांव में 2 ट्यूबवेल हैं, लेकिन 8 महीने बाद भी कनेक्शन नहीं हुए हैं। विद्युत निगम के अभियंता और बीडीपीओ की सफाई से विज संतुष्ट नहीं हुए। विज ने पूछा कि आठ महीने में ये ही पता नहीं लगा कि कौन सा कनेक्शन देना है। सरकार के 4 लाख रुपये खर्च हो गए। किसकी जिम्मेदारी है। बीडीपीओ के माफी मांगने पर विज ने फिर दोहराया कि मैं करूं क्या मेरे पास माफी का खाना नहीं है।
क्या कर रहे हो, एक साल में चेक नहीं दे पाए
‘अपनी बेटी अपना धन’ योजना के तहत एक साल से कार्यालयों के चक्कर काट रहे जयचंद ने शिकायत दी कि संबधित कार्यालय उसे चेक नहीं दे रहे हैं। उसने सारे दस्तावेज आंगनबाड़ी कार्यालय एवं जिला महिला एवं विकास विभाग में जमा करवा दिए थे। जो चेक उसे मिला उसकी अवधि समाप्त हो चुकी थी। उसे 25 हजार रुपये की राशि मिलनी थी लेकिन उसे 15,725 रुपये का चेक मिला। आईसीडीएस विभाग की पीओ आशा सेतिया ने कहा कि हिसार से चेक आया था। विज ने लताड़ा कि प्रार्थी एक साल से चक्कर काट रहा है, जिम्मेदारी क्यों नहीं ले रहे हो। उन्होंने पूरे प्रकरण की डेट वाइज फाइल तैयार करने के साथ मामले को एडीसी के सुपुर्द कर दिया। मामला अगली बैठक में रखा गया।  

बच्ची गायब, टीचर बोले- क्या हाथ पकड़ छोड़कर आएं
बानावाली निवासी ओम प्रकाश ने शिकायत दी कि उसकी बेटी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय किरढ़ान में पढ़ती है। 1 फरवरी 2016 को वह बच्ची को स्कूल छोड़कर आए। आरोप है कि कुछ लोग उसकी बच्ची को उठा ले गए और वो अपनी बेटी को हिसार बस अड्डे से रोती हुई हालत में घर लेकर आए। स्कूल प्रशासन और पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। विज ने शिक्षा अधिकारी पूछा कि अभिभावक स्कूल में बच्चियों को किसके सहारे छोड़ जाते हैं। सुरक्षा की जिम्मेदारी क्या स्कूल की नहीं है। चपड़ासी और स्कूल अध्यापकों का व्यवहार क्यों ठीक नहीं है। मामले की जांच कर अगली बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को भी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए। अयाल्की निवासी जगदीश ने शिकायत दी कि उसकी पत्नी देख नहीं सकती। रोडवेज बस चालक बीच रास्ते में उतार देते हैं और प्राइवेट बस चालक पास को मानते नहीं है। विज ने आदेश दिए कि जो प्राइवेट ऑपरेटर सरकारी पास को नहीं मानते उनका परमिट रद्द कर दिया जाए।
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