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डॉक्टर और आईएएस बनना चाहते हैं टॉपर
अमर उजाला/ ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Sat, 28 May 2016 11:52 PM IST
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परीक्ष्ाा परिण्ााम
- फोटो : fatehabad
शनिवार को घोषित हुए सीबीएसई के दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में एक बार फिर लड़कियों ने बाजी मारी है। सीबीएसई द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, फतेहाबाद जिले में 2629 विद्यार्थी परीक्षा के लिए रजिस्टर्ड हुए, जिसमें से 1718 लड़कों और 905 लड़कियों ने परीक्षा पास की है। सीबीएसई के अनुसार फतेहाबाद जिले का परीक्षा परिणाम 99.77 प्रतिशत रहा है।
सीबीएसई के दसवीं के परीक्षा परिणाम में 10 सीजीपीए प्राप्त करने वाले प्रशांत ने कहा कि वह डॉक्टर बनकर गरीबों की सेवा करेगा। फिलहाल दिल्ली में एआईपीएमटी की तैयारी में जुटे प्रशांत का शनिवार को घोषित परिणाम में दसवीं 10 सीजीपीए ग्रेड मिला है। यहां के क्रिसेंट स्कूल के छात्र प्रशांत के पिता वैटरनिटी सर्जन हैं तथा माता संस्कृति अध्यापिका। प्रशांत ने बताया कि नियमित पढ़ाई व लगन से ही लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। स्टडी के लिए टाइम टेबल अति आवश्यक है। प्रशांत का कहना है कि उसने स्कूल से एक भी छुट्टी नहीं ली। उसने इसका श्रेय स्कूल स्टाफ व माता-पिता को दिया।
बैड कंपनी से दूर रहकर हासिल की जा सकती है सफलता : वैलिना
सीनियर मॉडल स्कूल के प्रिंसिपल सीताराम की पुत्री वैलिना बिश्नोई का कहना है कि वह बड़ी होकर आईएएस आफिसर बन देश की सेवा करना चाहती हैं। वैलिना को 10 सीजीपीए ग्रेड मिला है। वैलिना का कहना है कि टाइम मैनेजमेंट, हार्ड वर्किंग सही हो तो टारगेट को पाना मुश्किल नहीं है। बैड कंपनी से दूर रहकर सफलता हासिल की जा सकती है। कोई काम करने से पहले उस पर ध्यान फोकस होना जरूरी है। वैलिना ने अपनी पढ़ाई का श्रेय पिता सीताराम को दिया। वैलिना की माता अहरवां में इकनॉमिक्स की प्राध्यापिका हैं।
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आईएएस बनकर देश सेवा करना चाहती हैं शर्मिला
दसवीं के घोषित हुए परीक्षा परिणाम में 10 सीजीपीए प्राप्त करने वाली गांधी विद्या स्कूल की छात्रा शर्मिला ने कहा कि वह आईएएस अफसर बनना चाहती है। शर्मिला ने अपनी कामयाबी का श्रेय अध्यापकों व माता-पिता को दिया है। शर्मिला ने कहा कि स्कूल से जाने के बाद उसने घर पर लगन से पढ़ाई की, जिसमें परिवार के लोगों ने सहयोग दिया। शर्मिला का कहना है कि लगन हो तो सपने को आसानी से पूरा किया जा सकता है।
डाक्टर बनना चाहता है डॉलर
10 सीजीपीए प्राप्त कर टॉप रहने वाले गांधी विद्या मंदिर स्कूल के छात्र डॉलर का कहना है कि वह बड़े होकर डॉक्टर बनना चाहता है। डॉलर ने अपनी कामयाबी का सबसे ज्यादा श्रेय दादा को दिया है और उसके बाद माता-पिता और गुरुजनों को। डॉलर का कहना है कि उसके दादा ने उसे हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। शुरू से ही दादा ने डॉक्टर बनाने का सपना देखा है, जिसे लगन से पढ़ाई कर पूरा करूंगा।
यशिका बनेगी डॉक्टर
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के वार्षिक परीक्षा परिणाम में टॉपर यशिका गोयल ने इस संबंध में बताया कि वह डाक्टर बनकर समाज व राष्ट्र सेवा में अपना अहम योगदान देगी। उन्होंने दिल्ली में मेडिकल विषय में अपना दाखिला लेकर तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। यशिका ने इस उपलब्धि पर अपने पिता गोबिंद गोयल और माता उषा गोयल के साथ-साथ स्कूल की संचालिका मंजू खुराना को श्रेय दिया है।
उधर, प्रांजल सरदाना ने कहा कि आईएएस बनना ही उसका एक सपना है जो अभिभावकों के आशीर्वाद से ही संपूर्ण करूंगी। इस मौके पर प्रांजल के पिता सुरेश सरदाना और माता नीलम सरदाना ने भी बच्ची की अपार सफलता पर खुशी का इजहार किया है।
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सीबीएसई के दसवीं के परीक्षा परिणाम में 10 सीजीपीए प्राप्त करने वाले प्रशांत ने कहा कि वह डॉक्टर बनकर गरीबों की सेवा करेगा। फिलहाल दिल्ली में एआईपीएमटी की तैयारी में जुटे प्रशांत का शनिवार को घोषित परिणाम में दसवीं 10 सीजीपीए ग्रेड मिला है। यहां के क्रिसेंट स्कूल के छात्र प्रशांत के पिता वैटरनिटी सर्जन हैं तथा माता संस्कृति अध्यापिका। प्रशांत ने बताया कि नियमित पढ़ाई व लगन से ही लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। स्टडी के लिए टाइम टेबल अति आवश्यक है। प्रशांत का कहना है कि उसने स्कूल से एक भी छुट्टी नहीं ली। उसने इसका श्रेय स्कूल स्टाफ व माता-पिता को दिया।
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बैड कंपनी से दूर रहकर हासिल की जा सकती है सफलता : वैलिना
सीनियर मॉडल स्कूल के प्रिंसिपल सीताराम की पुत्री वैलिना बिश्नोई का कहना है कि वह बड़ी होकर आईएएस आफिसर बन देश की सेवा करना चाहती हैं। वैलिना को 10 सीजीपीए ग्रेड मिला है। वैलिना का कहना है कि टाइम मैनेजमेंट, हार्ड वर्किंग सही हो तो टारगेट को पाना मुश्किल नहीं है। बैड कंपनी से दूर रहकर सफलता हासिल की जा सकती है। कोई काम करने से पहले उस पर ध्यान फोकस होना जरूरी है। वैलिना ने अपनी पढ़ाई का श्रेय पिता सीताराम को दिया। वैलिना की माता अहरवां में इकनॉमिक्स की प्राध्यापिका हैं।
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आईएएस बनकर देश सेवा करना चाहती हैं शर्मिला
दसवीं के घोषित हुए परीक्षा परिणाम में 10 सीजीपीए प्राप्त करने वाली गांधी विद्या स्कूल की छात्रा शर्मिला ने कहा कि वह आईएएस अफसर बनना चाहती है। शर्मिला ने अपनी कामयाबी का श्रेय अध्यापकों व माता-पिता को दिया है। शर्मिला ने कहा कि स्कूल से जाने के बाद उसने घर पर लगन से पढ़ाई की, जिसमें परिवार के लोगों ने सहयोग दिया। शर्मिला का कहना है कि लगन हो तो सपने को आसानी से पूरा किया जा सकता है।
डाक्टर बनना चाहता है डॉलर
10 सीजीपीए प्राप्त कर टॉप रहने वाले गांधी विद्या मंदिर स्कूल के छात्र डॉलर का कहना है कि वह बड़े होकर डॉक्टर बनना चाहता है। डॉलर ने अपनी कामयाबी का सबसे ज्यादा श्रेय दादा को दिया है और उसके बाद माता-पिता और गुरुजनों को। डॉलर का कहना है कि उसके दादा ने उसे हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। शुरू से ही दादा ने डॉक्टर बनाने का सपना देखा है, जिसे लगन से पढ़ाई कर पूरा करूंगा।
यशिका बनेगी डॉक्टर
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के वार्षिक परीक्षा परिणाम में टॉपर यशिका गोयल ने इस संबंध में बताया कि वह डाक्टर बनकर समाज व राष्ट्र सेवा में अपना अहम योगदान देगी। उन्होंने दिल्ली में मेडिकल विषय में अपना दाखिला लेकर तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। यशिका ने इस उपलब्धि पर अपने पिता गोबिंद गोयल और माता उषा गोयल के साथ-साथ स्कूल की संचालिका मंजू खुराना को श्रेय दिया है।
उधर, प्रांजल सरदाना ने कहा कि आईएएस बनना ही उसका एक सपना है जो अभिभावकों के आशीर्वाद से ही संपूर्ण करूंगी। इस मौके पर प्रांजल के पिता सुरेश सरदाना और माता नीलम सरदाना ने भी बच्ची की अपार सफलता पर खुशी का इजहार किया है।