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नए बस स्टैंड का रास्ता साफ
अमित रूख्ााया/अमर उजाला, फतेहाबाद
Updated Thu, 17 Mar 2016 12:39 AM IST
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बस
- फोटो : amar ujala
फतेहाबाद वासियों का नए बस अड्डे को लेकर एक दशक पुराना इंतजार अब खत्म होने को है। हिसार रोड पर बनने वाले इस नए बस अड्डे की राह में आखिरी रोड़ा बने हुडा विभाग ने आखिरकार रोडवेज को सेक्टर-5 की आठ एकड़ जमीन सौंपने की पहल कर दी है। हुडा और रोडवेज विभाग के बीच जारी कशमकश के कारण बस अड्डे की फाइल पिछले तीन साल से एक ही जगह अटकी हुई थी।
रोडवेज विभाग की ओर से एक-दो दिन में हुडा को जमीन का भुगतान कर दिया जाएगा, जिसके बाद रोडवेज विभाग को इस जमीन की अलॉटमेंट का काम शुरू हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, इस बस अड्डे का शिलान्यास करने खुद सीएम मनोहर लाल खट्टर बहुत जल्द फतेहाबाद आ सकते हैं। उसी दौरे में सीएम थाना रोड की मल्टीलेवल पार्किंग भी जनता को समर्पित कर सकते हैं।
रोडवेज ने भरी 22 करोड़ के भुगतान की हामी
हुडा विभाग ने सेक्टर-5 में प्रस्तावित आठ एकड़ जगह के अलॉटमेंट के लिए फिलहाल 22 करोड़ की डिमांड रखी थी, जिसे रोडवेज ने स्वीकार कर लिया है। 31 मार्च की क्लोजिंग के कारण हुडा और रोडवेज दोनों ही इस मुद्दे को जल्द निपटाना चाहते थे। इसके तहत फौरी तौर पर 22 करोड़ का भुगतान किया जाएगा। अगर कुछ और बकाया हुडा के पक्ष में बनेगा तो उसका भुगतान भी बाद में कर दिया जाएगा।
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शहर से हटेगा ट्रैफिक का बोझ
नए बस अड्डे के निर्माण के बाद शहर पर से ट्रैफिक का बोझ कम किया जा सकेगा। सूत्रों के मुताबिक, सेक्टर-5 में नया बस अड्डा बनने के बाद बसों को फिर शहर में नहीं आने दिया जाएगा। खासतौर पर दिन में रोडवेज और अन्य निजी सवारी बसों के शहर में आने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इसके बदले रोडवेज की बसों को मिनी बाईपास और मुख्य बाईपास के रास्ते बाहर के बाहर ही सिरसा की ओर भेजा जा सकेगा। खासतौर से शहर के बीचोंबीच निकल रही सड़क पर इसका अनुकूल असर पड़ेगा, साथ ही मौजूदा बस अड्डे के बाहर खड़ी होने वाली बसों के चलते होने वाले जाम से भी राहत मिलेगी।
नए बस अड्डे में मिलेंगी ये सुविधाएं
तकरीबन डेढ सौ से दौ बसों की पार्किंग की व्यवस्था
लगभग एक एकड़ की वर्कशॉप
पूर्णतया वातानुकूलित बिल्डिंग
यात्रियों की सुविधा के लिए डिजिटल डिस्पले बोर्ड
ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था
ये हो सकती अगली मुसीबत
नया बस अड्डा हिसार रोड पर शहर से बाहर चले जाने से एक और जहां शहर के अंदर टै्रफिक व्यवस्था सुधरने का अंदाजा तो सभी लगा रहे हैं लेकिन एक समस्या चुपचाप शहर की ओर बढ़ती भी दिखना तय है। ये समस्या है ऑटो की। प्रदेश के लगभग सभी जिले, जहां पर बस अड्डे को शहर से दूर रखा गया है, वहां पर ऑटो ही एकमात्र जरिया बचता है शहर तक पहुंचने के लिए । ऐसे में अक्सर ऑटो चालक मनमाफिक किराया वसूलने से पीछे नहीं हटते। साथ ही हिसार-रोहतक जैसे शहरों में तो ऑटो की संख्या दस हजार के पार होने को है जिसका सीधा दुष्प्रभाव शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर पड़ता है।
हुडा ने जमीन की अलॉटमेंट के लिए 22 करोड़ के फौरी भुगतान की मांग की थी, जिसे रोडवेज ने मान लिया है। आगामी एक दो दिन में ये 22 करोड़ हुडा को दे दिए जाएंगे। उम्मीद है कि अब बस अड्डे की राह में कोई रोड़ा नहीं रहेगा।
लेखराज, जीएम रोडवेज, फतेहाबाद
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रोडवेज विभाग की ओर से एक-दो दिन में हुडा को जमीन का भुगतान कर दिया जाएगा, जिसके बाद रोडवेज विभाग को इस जमीन की अलॉटमेंट का काम शुरू हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, इस बस अड्डे का शिलान्यास करने खुद सीएम मनोहर लाल खट्टर बहुत जल्द फतेहाबाद आ सकते हैं। उसी दौरे में सीएम थाना रोड की मल्टीलेवल पार्किंग भी जनता को समर्पित कर सकते हैं।
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रोडवेज ने भरी 22 करोड़ के भुगतान की हामी
हुडा विभाग ने सेक्टर-5 में प्रस्तावित आठ एकड़ जगह के अलॉटमेंट के लिए फिलहाल 22 करोड़ की डिमांड रखी थी, जिसे रोडवेज ने स्वीकार कर लिया है। 31 मार्च की क्लोजिंग के कारण हुडा और रोडवेज दोनों ही इस मुद्दे को जल्द निपटाना चाहते थे। इसके तहत फौरी तौर पर 22 करोड़ का भुगतान किया जाएगा। अगर कुछ और बकाया हुडा के पक्ष में बनेगा तो उसका भुगतान भी बाद में कर दिया जाएगा।
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शहर से हटेगा ट्रैफिक का बोझ
नए बस अड्डे के निर्माण के बाद शहर पर से ट्रैफिक का बोझ कम किया जा सकेगा। सूत्रों के मुताबिक, सेक्टर-5 में नया बस अड्डा बनने के बाद बसों को फिर शहर में नहीं आने दिया जाएगा। खासतौर पर दिन में रोडवेज और अन्य निजी सवारी बसों के शहर में आने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इसके बदले रोडवेज की बसों को मिनी बाईपास और मुख्य बाईपास के रास्ते बाहर के बाहर ही सिरसा की ओर भेजा जा सकेगा। खासतौर से शहर के बीचोंबीच निकल रही सड़क पर इसका अनुकूल असर पड़ेगा, साथ ही मौजूदा बस अड्डे के बाहर खड़ी होने वाली बसों के चलते होने वाले जाम से भी राहत मिलेगी।
नए बस अड्डे में मिलेंगी ये सुविधाएं
तकरीबन डेढ सौ से दौ बसों की पार्किंग की व्यवस्था
लगभग एक एकड़ की वर्कशॉप
पूर्णतया वातानुकूलित बिल्डिंग
यात्रियों की सुविधा के लिए डिजिटल डिस्पले बोर्ड
ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था
ये हो सकती अगली मुसीबत
नया बस अड्डा हिसार रोड पर शहर से बाहर चले जाने से एक और जहां शहर के अंदर टै्रफिक व्यवस्था सुधरने का अंदाजा तो सभी लगा रहे हैं लेकिन एक समस्या चुपचाप शहर की ओर बढ़ती भी दिखना तय है। ये समस्या है ऑटो की। प्रदेश के लगभग सभी जिले, जहां पर बस अड्डे को शहर से दूर रखा गया है, वहां पर ऑटो ही एकमात्र जरिया बचता है शहर तक पहुंचने के लिए । ऐसे में अक्सर ऑटो चालक मनमाफिक किराया वसूलने से पीछे नहीं हटते। साथ ही हिसार-रोहतक जैसे शहरों में तो ऑटो की संख्या दस हजार के पार होने को है जिसका सीधा दुष्प्रभाव शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर पड़ता है।
हुडा ने जमीन की अलॉटमेंट के लिए 22 करोड़ के फौरी भुगतान की मांग की थी, जिसे रोडवेज ने मान लिया है। आगामी एक दो दिन में ये 22 करोड़ हुडा को दे दिए जाएंगे। उम्मीद है कि अब बस अड्डे की राह में कोई रोड़ा नहीं रहेगा।
लेखराज, जीएम रोडवेज, फतेहाबाद