{"_id":"631f70d476eb1c7b16704ba9","slug":"fatehabad-news-fatehabad-news-hsr6417274144","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधायक के पीए व चालक सहित दस लोगों को नोटिस जारी करेगी एसआईटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधायक के पीए व चालक सहित दस लोगों को नोटिस जारी करेगी एसआईटी
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फतेहाबाद। भाजपा विधायक दुड़ाराम के पीए और पूर्व चालक पर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 85 लाख रुपये हड़पने के लगे आरोपों की जांच शुरू हो गई है। रतिया के डीएसपी शुक्रपाल के नेतृत्व में बनाई गई एसआईटी द्वारा दस लोगों को बयान दर्ज करवाने के लिए नोटिस भेजे जाएंगे। मंगलवार व बुधवार तक इन लोगों के पास नोटिस पहुंचने की संभावना है। नोटिस मिलते ही इन लोगों को एसआईटी के समक्ष पेश होकर अपने बयान देने होंगे। बयान लेने के बाद आगामी तफ्तीश की जाएगी। हालांकि, अभी जांच प्रक्रिया लंबी चलने की संभावना है। जिन लोगों के पैसे देने की बात सामने आई है, उनसे भी एसआईटी पूछताछ करेगी।
गौरतलब है कि 23 जुलाई को विधायक दुड़ाराम के तत्कालीन चालक सुभाष टोपी ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। उसके द्वारा सोशल मीडिया पर सुसाइड नोट डाला गया था, जिसमें विधायक के पीए राजबीर व दो अन्य लोगों पर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये हड़पने का आरोप लगाया गया था। हालांकि, तीन दिन बाद 26 जुलाई को वह अपने आरोपों से पलट गया था। अब फिर से 9 सितंबर को परिवार व ग्रामीणों के साथ विधायक के घर के बाहर पूर्व चालक सुभाष ने धरना लगा दिया था। अगले दिन पुलिस ने धरना उठवा दिया था।
सोशल मीडिया पर बयानबाजी का दौर चरम पर
वहीं, इस मामले में अब सोशल मीडिया पर बयानबाजी का दौर चरम पर है। हर रोज सोशल मीडिया पर विधायक और उनके पीए के समर्थन में बयानों की वीडियो जारी हो रही है। पुलिस द्वारा गठित की गई एसआईटी की जांच से पहले ही विधायक के समर्थक पीए को क्लीन चिट देने में जुटे हुए हैं, तो वहीं धरना देने वाले पूर्व चालक सुभाष को आड़े हाथों भी ले रहे हैं।
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कुम्हारिया के ग्रामीण बोले, 18 लाख फैक्टरी में पार्टनरशिप के लिए दिए
गांव कुम्हारिया के कुछ ग्रामीणों ने सोमवार को सोशल मीडिया पर बयान दिए। इस दौरान ग्रामीण पिरथी सिंह ने कहा कि उन्होंने सुभाष से जानकारी ली है, तो सुभाष ने बताया है कि पीए राजबीर को 18 लाख रुपये इंटरलॉकिंग की फैक्टरी में पार्टनरशिप के लिए दिए थे। उन्होंने कहा कि सुभाष अच्छा आदमी है, लेकिन कुछ अन्य लोगों ने उसे मिस-गाइड किया हुआ है।
जजपा जिलाध्यक्ष बोले, विधायक को शॉर्टआउट करना चाहिए था
इस मामले पर जननायक जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र लेगा का कहना है कि चालक सुभाष ने डेढ़ महीने पहले जहरीला पदार्थ निगला था। इस डेढ़ महीने में विधायक को मामला शॉर्टआउट करना चाहिए था। लोगों ने धरना प्रदर्शन किया है, कुछ तो मसला जरूर है। जो दोषी है, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लेगा ने कहा कि एसपी ने एसआईटी गठित की है, उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच होगी।
अधिकारी बोले
एसआईटी की ओर से जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। करीब आठ-दस लोगों को नोटिस जारी कर बयान देने के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद आगामी तफ्तीश की जाएगी।
-शुक्रपाल, डीएसपी, रतिया
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गौरतलब है कि 23 जुलाई को विधायक दुड़ाराम के तत्कालीन चालक सुभाष टोपी ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। उसके द्वारा सोशल मीडिया पर सुसाइड नोट डाला गया था, जिसमें विधायक के पीए राजबीर व दो अन्य लोगों पर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये हड़पने का आरोप लगाया गया था। हालांकि, तीन दिन बाद 26 जुलाई को वह अपने आरोपों से पलट गया था। अब फिर से 9 सितंबर को परिवार व ग्रामीणों के साथ विधायक के घर के बाहर पूर्व चालक सुभाष ने धरना लगा दिया था। अगले दिन पुलिस ने धरना उठवा दिया था।
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सोशल मीडिया पर बयानबाजी का दौर चरम पर
वहीं, इस मामले में अब सोशल मीडिया पर बयानबाजी का दौर चरम पर है। हर रोज सोशल मीडिया पर विधायक और उनके पीए के समर्थन में बयानों की वीडियो जारी हो रही है। पुलिस द्वारा गठित की गई एसआईटी की जांच से पहले ही विधायक के समर्थक पीए को क्लीन चिट देने में जुटे हुए हैं, तो वहीं धरना देने वाले पूर्व चालक सुभाष को आड़े हाथों भी ले रहे हैं।
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कुम्हारिया के ग्रामीण बोले, 18 लाख फैक्टरी में पार्टनरशिप के लिए दिए
गांव कुम्हारिया के कुछ ग्रामीणों ने सोमवार को सोशल मीडिया पर बयान दिए। इस दौरान ग्रामीण पिरथी सिंह ने कहा कि उन्होंने सुभाष से जानकारी ली है, तो सुभाष ने बताया है कि पीए राजबीर को 18 लाख रुपये इंटरलॉकिंग की फैक्टरी में पार्टनरशिप के लिए दिए थे। उन्होंने कहा कि सुभाष अच्छा आदमी है, लेकिन कुछ अन्य लोगों ने उसे मिस-गाइड किया हुआ है।
जजपा जिलाध्यक्ष बोले, विधायक को शॉर्टआउट करना चाहिए था
इस मामले पर जननायक जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र लेगा का कहना है कि चालक सुभाष ने डेढ़ महीने पहले जहरीला पदार्थ निगला था। इस डेढ़ महीने में विधायक को मामला शॉर्टआउट करना चाहिए था। लोगों ने धरना प्रदर्शन किया है, कुछ तो मसला जरूर है। जो दोषी है, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लेगा ने कहा कि एसपी ने एसआईटी गठित की है, उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच होगी।
अधिकारी बोले
एसआईटी की ओर से जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। करीब आठ-दस लोगों को नोटिस जारी कर बयान देने के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद आगामी तफ्तीश की जाएगी।
-शुक्रपाल, डीएसपी, रतिया