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अपनों द्वारा दी गई चोट के दर्द का आज भी झेल रहा हूं’
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
Updated Tue, 14 Feb 2017 11:51 PM IST
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पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाऊस में पत्रकारों से बात करते अशोक तंवर
- फोटो : bureau
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दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों के बीच हुई मारपीट मामले में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर की पीड़ा एक बार फिर उभरकर सामने आई। उन्होंने कहा कि वे आज भी ‘अपनों द्वारा दी गई चोट के दर्द को झेल रहे हैं’। उन्होंने कहा कि इस संबंध में तिलक नगर थाने में आरोपियों के नाम के साथ एफआईआर दर्ज हुई है। अब वे उनकी गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस पर दबाव बनाएंगे। वहीं प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य अविश्वास की बुनियाद पर टिकी हुई है। सरकार का अपने मंत्रियों और अधिकारियों से विश्वास उठ गया है और जनता का सरकार के ऊपर से। वे यहां पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
जाट आरक्षण मुद्दे पर किए गए एक सवाल के जवाब उन्होंने कहा कि अगर सरकार की जाट आरक्षण मुद्दे पर मंशा साफ होती तो वार्ता के दौरान फैसला लेने वाले दोनों पक्षों को मौजूद होना चाहिए था। उन्होंने इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला के ‘जेल में ठाठ’ वाली बात पर चुटकी लेते हुए कहा कि अगर वे जेल में ठाठ ले रहे हैं तो अपने और साथियों को भी जेल में ठाठ कराने ले जाएं। 23 फरवरी को इनेलो द्वारा अंबाला में एसवाईएल नहर खोदने वाले बयान पर कड़ी प्रक्रिया देते इसे इनेलो का मात्र राजनीतिक स्टंट करार दिया। उन्होंने कहा कि इनेलो यदि एसवाइएल को लेकर इतना ही संजीदा थी तो तब पानी क्यों नहीं आया जब वहां उनके ‘मित्र परिवार’ की सरकार थी। इस अवसर पर देवेंद्र बबली, नरेश सरदाना, जगजीत हुड्डा, कृष्णा पूनियां, भवानी सिंह सहित बड़ी सं या कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।
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जाट आरक्षण मुद्दे पर किए गए एक सवाल के जवाब उन्होंने कहा कि अगर सरकार की जाट आरक्षण मुद्दे पर मंशा साफ होती तो वार्ता के दौरान फैसला लेने वाले दोनों पक्षों को मौजूद होना चाहिए था। उन्होंने इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला के ‘जेल में ठाठ’ वाली बात पर चुटकी लेते हुए कहा कि अगर वे जेल में ठाठ ले रहे हैं तो अपने और साथियों को भी जेल में ठाठ कराने ले जाएं। 23 फरवरी को इनेलो द्वारा अंबाला में एसवाईएल नहर खोदने वाले बयान पर कड़ी प्रक्रिया देते इसे इनेलो का मात्र राजनीतिक स्टंट करार दिया। उन्होंने कहा कि इनेलो यदि एसवाइएल को लेकर इतना ही संजीदा थी तो तब पानी क्यों नहीं आया जब वहां उनके ‘मित्र परिवार’ की सरकार थी। इस अवसर पर देवेंद्र बबली, नरेश सरदाना, जगजीत हुड्डा, कृष्णा पूनियां, भवानी सिंह सहित बड़ी सं या कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।
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