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अगर नहीं हुआ आधार तो एक अप्रैल से ना राशन मिलेगा ना शिक्षा
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
Updated Mon, 06 Mar 2017 12:10 AM IST
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अगर अभी तक आपका राशन कार्ड आधार नंबर से लिंक नहीं हुआ है तो आपके लिए खतरे की घंटी बज चुकी है। इस माह के अंत तक अगर आपने अपने राशन कार्ड को आधार से लिंक नहीं कराया तो एक अप्रैल से आपको राशन मिलने पर प्रतिबंध लग जाएगा। कम से कम सरकार की नई गाइडलाइंस तो यही कह रही हैं। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक केके मल्हान ने इसकी पुष्टि की है। इस फैसले का जिले के लगभग दस हजार के करीब राशन लेने वाले लोगों पर सीधा असर पड़ेगा। आने वाले दिनों में जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कार्यालय में इसके चलते भारी भीड़ जुटने की भी संभावना व्यक्त की जा रही है।
जिले में एक लाख से ज्यादा राशन कार्ड, लेकिन अभी भी हजारों की संख्या में नहीं हुए आधार लिंक
जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से मिली जानकारी के अनुसार फतेहाबाद जिले में एक लाख 8 हजार के करीब राशन कार्ड होल्डर हैं जिनमें से लगभग राशन कार्ड लेने वाले उपभोक्ताओं की संख्या काफी कम है। सामान्य राशन कार्ड होल्डर की बजाए सिर्फ गुलाबी, पीला कार्ड धारकों को ही राशन दिया जाता है। ऐसे में साफ है कि बहुत गरीब तबका ही राशन कार्ड के जरिए राशन हासिल कर पाता है। ऐसे में अगर आधार लिंक ना होने के चलते उनका राशन बंद कर दिया जाता है तो कई परिवारों में तो भूखों मरने की नौबत आ सकती है। राशन कार्ड से राशन हासिल करनने वाले कार्ड धारकों की संख्या जिले भर में तकरीबन 20 से 22 हजार के करीब है।
बायोमीट्रिक में भी इसी कारण लोगों को आ रही परेशानी
हालांकि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने पिछले कुछ समय से बायोमीट्रिक प्रणाली से राशन वितरण की योजना शुरू की थी लेकिन कभी नेटवर्किंग तो कभी अन्य कारणों से बायोमीट्रिक प्रणाली से राशन वितरण प्रणाली में दिक्कतें आई। इसमें एक दिक्कत ये भी थी कि लोगों के अंगूठे बायोमीट्रिक मशीन पर फिट नहीं बैठते थे जिसके कारण लोगों को राशन मिलने में दिक्कत होती थी। दरअसल इसके पीछे भी आपके राशन कार्ड को आधार लिंक ना होना ही मुख्य कारण बताया गया है।
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जिन लोगों का राशन कार्ड अभी तक आधार कार्ड से लिंक नहीं हो सका है। उनको राशन देने में दिक्कत आ सकती है। बेहतर रहेगा कि ये सभी लोग 31 मार्च से पहले-पहले अपना आधार कार्ड लिंक करवा लें ताकि उन्हें राशन की सप्लाई निर्बाध रूप से चलती रहे।
-केके मल्हान, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, फतेहाबाद।
एक अप्रैल से शुरु होनी है नए सत्र की दाखिला प्रक्रिया
फतेहाबाद। अगर आपके पास आधार कार्ड नहीं है तो एक अप्रैल से शुरू होने वाली सरकारी स्कूलों की दाखिला प्रक्रिया में आपको जगह नहीं मिलेगी। शिक्षा विभाग इस सत्र से स्कूलों में एडमीशन के लिए बच्चों का आधार कार्ड होना अनिवार्य करने जा रहा है। उपजिला शिक्षा अधिकारी दयानंद सिहाग ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि उन्होंने इतना भी साथ जोड़ा है कि जिन बच्चों का आधार नहीं होगा, उनके लिए विभाग विशेष व्यवस्था भी कर सकता है।
एक अप्रैल से शुरू होनी है दाखिला प्रक्रिया, आधार के लिए कैंप लगाएगा शिक्षा विभाग
जिले भर के सरकारी स्कूलों में बोर्ड की कक्षाएं 7 मार्च से और बाकी कक्षाओं के लिए 15 मार्च से परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। बोर्ड की कक्षाओं के अतिरिक्त बाकी सभी कक्षाओं के लिए मूल्यांकन प्रक्रिया परीक्षा के तुरंत बाद ही शुरु हो जाएगी। ऐसे में 31 मार्च तक सभी कक्षाओं का रिजल्ट जारी कर एक अप्रैल से सरकारी स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया शुरु कर दी जाएगी। ऐसे में विभाग ये मानकर चल रहा है कि अधिकतर बच्चों के पास आधार नंबर है। अगर फिर भी कुछ बच्चे ऐसे मिलते हैं, जिनका आधार कार्ड नहीं बना है, उनके लिए शिक्षा विभाग विशेष आधार कार्ड शिविर भी आयोजित करवा सकता है।
जिले में कुल 628 स्कूल, एक लाख से अधिक हैं विद्यार्थी
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार फतेहाबाद जिले में कुल 628 सरकारी स्कूल हैं जिनमें 73 सीनियर सेकेंडरी, 71 हाईस्कूल, 86 मिडिल एवं 388 प्राइमरी स्कूल हैं। इनमें जिले के लगभग एक लाख से अधिक बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। इन सब बच्चों का आधार कार्ड बनाने के पीछे विभाग की मंशा सरकारी स्कूलों में मिलने वाली विभिन्न प्रकार की सहायता राशि को सीधा सही बच्चों तक पहुंचाने की है। शिक्षा विभाग ने पिछले सत्र में हजारों बच्चों के बोगस नाम सहायता सूची से काटे हैं जो सरकारी स्कूलों में पढ़ते ही नहीं थे। ऐसे में सभी के आधार नंबर मिलने एवं उनको बैंक से लिंक करने से सिर्फ सही बच्चों को ही सरकारी मदद मिलेगी।
आधार कार्ड के बिना सरकारी स्कूलों में बच्चों का एडमिशन नहीं होगा। लेकिन बच्चों को शिक्षा से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। बच्चों के आधार कार्ड हम बनवाएंगे। निजी स्कूलों को भी आधार कार्ड लेने और बनवाने के लिए कहा जाएगा।
-दयानंद सिहाग, उपजिला शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद ।
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जिले में एक लाख से ज्यादा राशन कार्ड, लेकिन अभी भी हजारों की संख्या में नहीं हुए आधार लिंक
जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से मिली जानकारी के अनुसार फतेहाबाद जिले में एक लाख 8 हजार के करीब राशन कार्ड होल्डर हैं जिनमें से लगभग राशन कार्ड लेने वाले उपभोक्ताओं की संख्या काफी कम है। सामान्य राशन कार्ड होल्डर की बजाए सिर्फ गुलाबी, पीला कार्ड धारकों को ही राशन दिया जाता है। ऐसे में साफ है कि बहुत गरीब तबका ही राशन कार्ड के जरिए राशन हासिल कर पाता है। ऐसे में अगर आधार लिंक ना होने के चलते उनका राशन बंद कर दिया जाता है तो कई परिवारों में तो भूखों मरने की नौबत आ सकती है। राशन कार्ड से राशन हासिल करनने वाले कार्ड धारकों की संख्या जिले भर में तकरीबन 20 से 22 हजार के करीब है।
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बायोमीट्रिक में भी इसी कारण लोगों को आ रही परेशानी
हालांकि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने पिछले कुछ समय से बायोमीट्रिक प्रणाली से राशन वितरण की योजना शुरू की थी लेकिन कभी नेटवर्किंग तो कभी अन्य कारणों से बायोमीट्रिक प्रणाली से राशन वितरण प्रणाली में दिक्कतें आई। इसमें एक दिक्कत ये भी थी कि लोगों के अंगूठे बायोमीट्रिक मशीन पर फिट नहीं बैठते थे जिसके कारण लोगों को राशन मिलने में दिक्कत होती थी। दरअसल इसके पीछे भी आपके राशन कार्ड को आधार लिंक ना होना ही मुख्य कारण बताया गया है।
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जिन लोगों का राशन कार्ड अभी तक आधार कार्ड से लिंक नहीं हो सका है। उनको राशन देने में दिक्कत आ सकती है। बेहतर रहेगा कि ये सभी लोग 31 मार्च से पहले-पहले अपना आधार कार्ड लिंक करवा लें ताकि उन्हें राशन की सप्लाई निर्बाध रूप से चलती रहे।
-केके मल्हान, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, फतेहाबाद।
एक अप्रैल से शुरु होनी है नए सत्र की दाखिला प्रक्रिया
फतेहाबाद। अगर आपके पास आधार कार्ड नहीं है तो एक अप्रैल से शुरू होने वाली सरकारी स्कूलों की दाखिला प्रक्रिया में आपको जगह नहीं मिलेगी। शिक्षा विभाग इस सत्र से स्कूलों में एडमीशन के लिए बच्चों का आधार कार्ड होना अनिवार्य करने जा रहा है। उपजिला शिक्षा अधिकारी दयानंद सिहाग ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि उन्होंने इतना भी साथ जोड़ा है कि जिन बच्चों का आधार नहीं होगा, उनके लिए विभाग विशेष व्यवस्था भी कर सकता है।
एक अप्रैल से शुरू होनी है दाखिला प्रक्रिया, आधार के लिए कैंप लगाएगा शिक्षा विभाग
जिले भर के सरकारी स्कूलों में बोर्ड की कक्षाएं 7 मार्च से और बाकी कक्षाओं के लिए 15 मार्च से परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। बोर्ड की कक्षाओं के अतिरिक्त बाकी सभी कक्षाओं के लिए मूल्यांकन प्रक्रिया परीक्षा के तुरंत बाद ही शुरु हो जाएगी। ऐसे में 31 मार्च तक सभी कक्षाओं का रिजल्ट जारी कर एक अप्रैल से सरकारी स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया शुरु कर दी जाएगी। ऐसे में विभाग ये मानकर चल रहा है कि अधिकतर बच्चों के पास आधार नंबर है। अगर फिर भी कुछ बच्चे ऐसे मिलते हैं, जिनका आधार कार्ड नहीं बना है, उनके लिए शिक्षा विभाग विशेष आधार कार्ड शिविर भी आयोजित करवा सकता है।
जिले में कुल 628 स्कूल, एक लाख से अधिक हैं विद्यार्थी
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार फतेहाबाद जिले में कुल 628 सरकारी स्कूल हैं जिनमें 73 सीनियर सेकेंडरी, 71 हाईस्कूल, 86 मिडिल एवं 388 प्राइमरी स्कूल हैं। इनमें जिले के लगभग एक लाख से अधिक बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। इन सब बच्चों का आधार कार्ड बनाने के पीछे विभाग की मंशा सरकारी स्कूलों में मिलने वाली विभिन्न प्रकार की सहायता राशि को सीधा सही बच्चों तक पहुंचाने की है। शिक्षा विभाग ने पिछले सत्र में हजारों बच्चों के बोगस नाम सहायता सूची से काटे हैं जो सरकारी स्कूलों में पढ़ते ही नहीं थे। ऐसे में सभी के आधार नंबर मिलने एवं उनको बैंक से लिंक करने से सिर्फ सही बच्चों को ही सरकारी मदद मिलेगी।
आधार कार्ड के बिना सरकारी स्कूलों में बच्चों का एडमिशन नहीं होगा। लेकिन बच्चों को शिक्षा से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। बच्चों के आधार कार्ड हम बनवाएंगे। निजी स्कूलों को भी आधार कार्ड लेने और बनवाने के लिए कहा जाएगा।
-दयानंद सिहाग, उपजिला शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद ।