फतेहाबाद: दिल्ली से हेरोइन, राजस्थान से अफीम व उड़ीसा से आ रहा गांजा, पंजाब में हेरोइन दिल्ली से महंगी
अलख जगाओ, नशा भगाओ : फतेहाबाद में दिल्ली से केमिकल युक्त हेरोइन पहुंच रही है। नाइजीरियन दिल्ली से हेरोइन की सप्लाई कर रहे हैं। पुलिस मुख्य सप्लायर तक नहीं पहुंच पा रही है। पुलिस हाईवे पर नाकेबंदी तक सीमित है। नशीला पदार्थ लिंक रोड से सप्लाई हो रहा है। जिले में नशे के आदी 34 लोग चार साल में जान गवां चुके हैं।
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हरियाणा में फतेहाबाद जिला नशे का गढ़ बन चुका है। दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के रास्ते जिले में नशीले पदार्थों की सप्लाई हो रही है। यही नहीं, अब दिल्ली से फतेहाबाद के रास्ते पंजाब में भी हेरोइन की सप्लाई बढ़ गई है। तस्कर लिंक मार्गों से दिल्ली से पंजाब तक हेरोइन की सप्लाई कर रहे हैं। इसके पीछे मुख्य वजह ये है कि दिल्ली से नाइजीरियन हेरोइन की सप्लाई कर रहे हैं, जो केमिकल युक्त होती है।
पंजाब में मिलने वाली हेरोइन से तीन गुना तक सस्ती है। पंजाब में हेरोइन पाकिस्तान से पहुंचती है, वहां मिलने वाली हेरोइन 3500 से 4000 रुपये प्रति ग्राम तक मिलती है जबकि दिल्ली से आने वाली हेरोइन तस्करों को 1000 से 1500 रुपये प्रति ग्राम में मिल जाती है। इसलिए अब पंजाब के तस्कर भी दिल्ली से हेरोइन की सप्लाई लेकर आ रहे हैं।
हेरोइन के साथ-साथ जिले में मेडिकल, अफीम, चूरापोस्त व गांजा नशा की भी तस्करी हो रही है। जिले के रतिया, जाखल और फतेहाबाद क्षेत्र में सबसे ज्यादा नशीले पदार्थों की तस्करी हो रही है। भट्टू में भी अब मेडिकल और हेरोइन का नशा बढ़ा है। जिले में 75 फीसदी तक युवा हेरोइन से नशा कर रहे हैं जबकि 25 फीसदी तक अन्य नशा लिया जा रहा है। संवाद
उड़ीसा से आ रहा गांजा तो दिल्ली और जींद से मेडिकल नशा
नशीले पदार्थ पकड़ने के लिए बनाई गई स्पेशल टीमों के अधिकारियों की माने तो हेरोइन की सप्लाई मुख्य रूप से दिल्ली से हो रही है। पंजाब से हेरोइन की सप्लाई नाममात्र है। अफीम की सप्लाई राजस्थान से हो रही है। जिसमें भीलवाड़ा मुख्य तौर पर है। मेडिकल नशे की सप्लाई को लेकर दिल्ली और जींद गढ़ बना हुआ है। चूरापोस्त की सप्लाई भी राजस्थान से हो रही है। इसके अलावा उड़ीसा से गांजा की सप्लाई हो रही है।
नाइजीरियन की भाषा ही नहीं समझ पाती पुलिस
हेरोइन तस्करी के मामलों में पकड़े गए तस्करों से पूछताछ में 90 फीसदी केसों में सामने आता है कि सप्लाई दिल्ली में नाइजीरियन से हुई है। मगर पुलिस दो से तीन मामलों में ही नाइजीरियन तक पहुंच पाई है। पुलिस नाइजीरियन को पकड़कर लेकर आती है तो उनकी भाषा नहीं समझ पाती है। इसके अलावा अधिकतर केसों में पुलिस ये लिखकर फाइल बंद कर रही है कि नाइजीरियन ठिकाने पर नहीं मिला है। अहम बात यह भी है कि तस्करों की नाइजीरियन के साथ व्हाट्सएप कॉल पर डीलिंग होती है।
जिले में पिछले चार माह में पकड़ा गए नशीले पदार्थ
- जनवरी से अप्रैल माह तक दर्ज मामले 85
- गिरफ्तार किए गए तस्कर 137
- हेरोइन बरामद 2 किलो 395 ग्राम
- अफीम 3 किलो 469
- चूरपोस्त 231 किलो 470 ग्राम
- भांग 2 किलो 100 ग्राम
- स्मैक 5.2 ग्राम
- नशे की गोलियां 39 हजार 800
- भांग के पौधे 751
नशे की चेन तोड़ने में पुलिस नाकाम
505 ग्राम हेरोइन बरामद, नहीं पकड़ में आया मुख्य सप्लायर
एंटी नारकोटिक्स टीम ने 12 मई को भूना में सिरसा निवासी एक युवक को 505 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा था। पूछताछ में सामने आया था कि आरोपी तस्कर दिल्ली में एक नाइजीरियन से हेरोइन लेकर आया था। आरोपी को रिमांड पर लिया गया लेकिन नाइजीरियन नहीं पकड़ा जा सका।
महिला से लाए थे हेरोइन लेकिन नहीं पकड़ी गई
गांव धांगड़ के पास से पुलिस ने पिछले साल 9 दिसंबर को तीन युवकों को 400 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा था। पूछताछ में सामने आया था कि हेरोइन गुरुग्राम से एक महिला से लेकर आए हैं। लेकिन पुलिस मुख्य सप्लायर महिला को नहीं पकड़ पाई।
सुनसान इलाकों में युवा टीका लगा कर रहे नशा
शहर फतेहाबाद के सुनसान इलाकों में युवा इंजेक्शन लगाकर नशा कर रहे हैं। फतेहाबाद के चार मरला कॉलोनी में कई कॉम्पलेक्स बने हे जो कि काफी समय से बंद है। युवा यहां पर इंजेक्शन लगाकर नशा करते हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट पर नजर डाले तो नशा मुक्ति केंद्र में 997 मरीज दाखिल हुए हैं। सर्वे के दौरान सामने आया है कि 34 मरीजों की मौत हो चुकी है।
आईजी ने गोद लिए हुए हैं दस गांव
हिसार रेंज के आईजी राकेश आर्य ने फतेहाबाद जिले के नशे से प्रभावित दस गांवों को गोद लिया हुआ है। इनमें गांव अयाल्की, हिजरावां कलां, भरपूर, रत्ता खेड़ा, लाली, नकटा, रतनगढ़, ब्राह्मणवाला, महमड़ा, चूहड़पुर शामिल हैं। यहां पुलिस की टीमें लगातार जागरूकता अभियान चला रही हैं।
नशे की तस्करी को रोकने के लिए पुलिस की स्पेशल टीमें बनी हुई है। काफी मात्रा में नशीले पदार्थ पकड़े भी जा रहे हैं। इसके अलावा नशे के खिलाफ कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। पुलिस की तरफ से गांव भी गोद लिए गए हैं। - सुरेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक फतेहाबाद।