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‘फर्जी सरपंचों’ को निलंबित नहीं करने पर भड़के ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Sat, 27 Aug 2016 12:31 AM IST
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फतेहाबाद में लघु सचिवालय के गेट पर धरना देते विभिन्न गांवों के ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आठ गांवों के सरपंचों को निलंबित करने की मांग को लेकर शुक्रवार को इन गांवों के ग्रामीणों ने लघु सचिवालय के मुख्य गेट के आगे धरना दे दिया। शुक्रवार शाम पांच बजे तक कोई अधिकारी मौके पर ग्रामीणों से मिलने नहीं पहुंचा। सिर्फ पुलिस के ही स्थानीय अधिकारी मौके पर डटे ग्रामीणों से बातचीत करने में जुटे थे। उच्च अधिकारियों के नहीं आने से कई बार पुलिस और धरनारत ग्रामीणों में बहस भी हुई। दूसरी ओर गुस्साए ग्रामीणों ने अब इस मुद्दे पर सीएम को काले झंडे दिखाने की चेतावनी दी है। इसके बाद हरकत में आए पुलिस कप्तान ओपी नरवाल ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को एक कमेटी बनाने को कहा, जिसे वे सीएम से मिलवा देंगे। पुलिस कप्तान के इस आश्वासन पर ग्रामीणों ने सहमति जताकर शाम पौने छह बजे धरना समाप्त कर दिया।
पहले शहर में निकाला रोष मार्च
शुक्रवार को लघु सचिवालय का गेट बंद कर धरना देने वालों ग्रामीणों में गांव पिलछियां, भानीखेड़ा, बनगांव, समैण, अकांवाली, बैजलपुर, ढाणी ईशर और नहला के ग्रामीण शामिल रहे। लघु सचिवालय पर धरना देने से पूर्व शुक्रवार सुबह इन आठ गांवों के ग्रामीण पहले बस स्टैंड के सामने मार्केट कमेटी शेड के नीचे एकत्र हुए और वहां से रोष मार्च करते लघु सचिवालय पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों ने डीसी एनके सोलंकी और प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी की।
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ये है मामला
जनवरी में संपन्न पंचायत चुनावों में सरकार द्वारा शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्य शर्त लगाई गई थी। जिन उम्मीदवारों ने अपने दस्तावेज जमा करा दिए, उनको चुनाव लड़ने की अनुमति मिल गई। अब जिले भर के कई गांवों के सरपंचों की शिकायत जिला प्रशासन को दी गई। जिला प्रशासन की जांच में आठ गांवों के सरपंचों की डिग्रियां फर्जी पाई गई। डीडीपीओ राजेश खोथ ने अपनी जांच रिपोर्ट पूरी कर डीसी एनके सोलंकी को भेज दी। अब डीसी सोलंकी ने इस पर अपना फैसला सुनाना है लेकिन उक्त मामले कोर्ट में भी विचाराधीन होने के चलते डीसी एनके सोलंकी ने अभी तक इस पर अपना फैसला नहीं सुनाया है। इसी बात पर इन गांवों में सरपंचों के प्रतिद्वंद्वी रहे उम्मीदवारों और उनके समर्थकों ने जिला प्रशासन के खिलाफ आंदोलन छेड़ रखा है। लघु सचिवालय के बाहर पार्क में इन लोगों ने क्रमिक धरना शुरू कर रखा है।
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फरियादियों को हुई परेशानी
सरपंचों को बर्खास्त करने की मांग को लेकर लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे ग्रामीणों ने लघु सचिवालय के दोनों मुख्य गेट बंद कर दिए जिसके चलते वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों को अपने वाहन अफसरों की कालोनी से होकर निकालने पड़े। गेट से वाहन निकालते समय कुछ वाहन चालकों की ग्रामीणों से कहासुनी भी हुई।